टेस्टोस्टेरोन टेस्ट क्या होता है

टेस्टोस्टेरोन टेस्ट क्या होता है What is testosterone test In Hindi

हम अक्सर बीमार पड़ते हैं तो किसी ना किसी प्रकार का टेस्ट हमारे शरीर को करवाना पड़ता है. जिससे की हम उस बीमारी का पता लगा सके. लेकिन कुछ टेस्ट ऐसे होते हैं जिन्हें हम बीमार तो नहीं पढ़ते लेकिन फिर भी हमें वह टेस्ट करवाना पड़ता है. जिससे कि हमें पता चल सकता है. कि हमारे शरीर में किसी प्रकार की कोई कमी तो नहीं या कमी है. तो उसे पूरा कैसे करेंगे. क्या अगर हमारे शरीर में किस कमी के चलते और क्या-क्या हो सकता है. यह सब जानकारी हम अलग-अलग टेस्ट की मदद से प्राप्त कर सकते हैं.

इसी प्रकार का टेस्ट होता है.. Testosterone टेक्स्ट जिसे हम Serum Testosterone Test के नाम से भी जानते हैं. इस टेस्ट की मदद से हम हमारे शरीर के खून में Testosterone की मात्रा का पता लगा सकते हैं. टेस्टोस्टेरोन एक प्रकार का एण्ड्रोजन या सेक्स हार्मोन होता है. जो कि पुरुष और महिला दोनों में पाया जाता है.. यौवन और प्रजनन क्षमता पर इसका काफी गहरा प्रभाव भी पड़ता है.. तो इस टेस्ट को कौन करवा सकता है. या किसको करवाना चाहिए इस सब की जानकारी आज हम इस पोस्ट में आपको देने वाले हैं.

टेस्टोस्टेरोन टेस्ट क्या होता है

What is testosterone test In Hindi – सीधे तौर पर अगर मै आपको आसान भाषा में टेस्टोस्टेरोन टेस्ट के बारे में बताऊं तो टेस्टोस्टेरोन एक हार्मोन टेस्ट होता है. और यह एक सेक्स हार्मोन टेस्ट होता है. जो कि महिला और पुरुषों में आमतौर पर किया जाता है. यह टेस्ट तब किया जाता है. जब किसी भी महिला या पुरुष में सेक्स हार्मोन की कमी होती है. तो यह टेस्टोस्टेरोन करने से हमें बहुत सी अलग अलग तरह की जानकारी मिलती है.. टेस्टोस्टेरोन टेस्टेस और अधिवृक्क ग्रंथियों में बना है.. टेस्टोस्टेरोन के कारण योन के समय लड़कों में कई बदलाव होते हैं जैसे लड़कों के शरीर पर बाल आना मूंछ दाढ़ी आना और उनकी मांसपेशियों का बढ़ना आदि टेस्टोस्टेरोन के ही कारण होते हैं.

यह लिंग और वृषण को भी बढ़ाने में मदद करता है.. टेस्टोस्टेरोन ही लडको की आवाज का कारण बनता है. पुरुष टेस्टोस्टेरोन बनाना जारी रखते हैं वयस्कों में यह सेक्स ड्राइव को बढ़ा देता है. और शुक्राणु बनाने में मदद करता है..जैसे पुरुषों के अंडाशय में टेस्टोस्टेरोन बनता है. वैसे ही महिलाओं के शरीर में और उनके अंडाशय में भी टेस्टोस्टेरोन बनता है. लेकिन महिलाओं के शरीर में कम मात्रा में टेस्टोस्टेरोन बनता है. और यह महिलाओं के संतुलन हार्मोन को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है.. यह महिलाओं में कई अंगों और शरीर के कार्यों को नियंत्रित करता है..आपके मस्तिष्क में पीयूष ग्रंथि आपके शरीर में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा को नियंत्रित करता है..

आपके रक्त में से ज्यादातर टेस्टोस्टेरोन दो प्रोटीन को जोड़ता है.: एल्बूमिन और सेक्स हार्मोन बाइंडिंग ग्लोब्युलिन (एसएचबीजी)। कुछ टेस्टोस्टेरोन प्रोटीन से जुड़ा है..नि: शुल्क – किसी भी प्रोटीन से जुड़ा नहीं है. उसे मुफ्त टेस्टोस्टेरोन और एल्ब्यूमिन-बाउंड टेस्टोस्टेरोन को जैव-उपलब्ध टेस्टोस्टेरोन कहा जाता है.। यह टेस्टोस्टेरोन आपके शरीर द्वारा आसानी से उपयोग किया जाता है.. यदि आप के डॉक्टर को लगता है.. कि आपके पास कम या उच्च टेस्टोस्टेरोन है.. तो वह पहले टेस्टोस्टेरोन के कुल स्तरों का टेस्ट करेगा. यह टेस्टोस्टेरोन के सभी तीन भागों में दिखता है. मुफ्त टेस्टोस्टेरोन कुल टेस्टोस्टेरोन कम होने पर अधिक जानकारी देने में सहायता कर सकता है..

किसी भी महिला या पुरुष में टेस्टोस्टेरोन के कम या उच्च स्तर होने की समस्या दोनों में हो सकती है. पुरुष में भी यह समस्या हो सकती है. .और महिला में भी यह समस्या हो सकती है.. टेस्टोस्टेरोन के उच्च स्तर वाले महिलाओं में पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (पीसीओएस) हो सकता है.. बांझपन, माहवारी, मुँहासे, मोटापे, रक्त शर्करा की समस्याएं और अतिरिक्त बाल वृद्धि की कमी,यह सभी समस्याएं या दिक्कत है. आपको चेहरे से ही पता चल जाएगी.

डॉक्टर टेस्टोस्टेरोन टेस्ट से इसका इतेमाल पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (पीसीओएस) के छुटकारा पाने के लिए भी कर सकते हैं। यह हार्मोन की समस्या है.. जो अनियमित अवधि का कारण बन सकती है..और गर्भवती होने के लिए इसे कठिन बना सकती है.. एक टेस्टोस्टेरोन टेस्ट भी बता सकता है.. कि अगर आपके अंडाशय में एक ट्यूमर हो सकता है. जो आपके शरीर के बनाने वाले हार्मोन को प्रभावित करता है.. यदि आपके टेस्टोस्टेरोन का स्तर सामान्य से कम है.. तो आपके पास ऐसी स्थिति हो सकती है.. जो आपके टेस्टोस्टेरोन उत्पादन को प्रभावित करती है.. यदि आपके टेस्टोस्टेरोन का स्तर सामान्य से अधिक होता है.. तो आपके टेस्टोस्टेरोन उत्पादन को प्रभावित करने वाले टेस्टेस या अंडाशय पर एक ट्यूमर हो सकता है..

टेस्टोस्टेरोन परीक्षण कैसे किया जाता है

किसी भी आदमी के टेस्टोस्टेरोन के स्तर को मापने के लिए एक टेस्ट किया जाता है.. इस टेस्ट को सुबह के समय किया जाता है.. यदि शरीर में टेस्टोस्टेरोन स्तर उच्च होते हैं. तो कभी-कभी टेस्टोस्टेरोन को मापने के लिए दोबारा टेस्ट करने की आवश्यकता हो सकती है.. टेस्ट कराने से पहले आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए और आपको टेस्टोस्टेरोन को प्रभावित करने वाली चीजें और दवाइयों को बंद करना चाहिए जिससे आपके टेस्टोस्टेरोन में वृद्धि होती है.. कुछ दवाएं जो कृत्रिम रूप से आपके टेस्टोस्टेरोन स्तरों में वृद्धि कर सकती.जैसे बार्बीचुरेट्स,आक्षेपरोधी,स्टेरॉयड (लेकिन टी स्तर उन्हें रोकने के बाद तेजी से गिर सकता है.),एण्ड्रोजन या एस्ट्रोजन उपचार आदि. आपके लक्षणों के आधार पर आपका डॉक्टर भी आपका शारीरिक टेस्ट भी कर सकता है.. यदि आप पुरुष हैं.तो आपका डॉक्टर शारीरिक रूप से प्रश्न कर सकता है..

टेस्टोस्टेरोन होम टेस्टिंग किट भी होती है.. जिसे सैल-टी टेस्ट के रूप में जाना जाता है. और ये किट प्रोजेन जैसी कई कंपनियों से व्यापक रूप से उपलब्ध हैं. इसे किट का इस्तेमाल आपके लार का उपयोग करके आपके हार्मोन के स्तरों का टेस्ट करने के लिए किया जाता है.. टेस्ट लेने के बाद आप अपने नमूने सीधे एक परीक्षण प्रयोगशाला में भेजना होता है..

टेस्टोस्टेरोन टेस्ट के साथ टेस्ट

कई बार आपका डॉक्टर आपके हार्मोन के स्तर को मापने के लिए दूसरे टेस्ट को करने के लिए भी कह सकता है. तो आपको भी दूसरे कौन-कौन से टेस्ट करने के लिए डॉक्टर कह सकता है. उनके बारे में मैं नीचे आपको बता रहा हूं.

  1. थायरॉयड उत्तेजक हार्मोन (टीएसएच) टेस्ट
  2. अंडकोष के बायोप्सी ,इमेजिंग टेस्ट जैसे एमआरआई टेस्ट
  3. पिट्यूटरी ग्रंथि की टेस्ट
  4. वीर्य विश्लेषण टेस्ट
  5. फुफ्फुस-उत्तेजक हार्मोन (एफएसएच) टेस्ट
  6. Luteinizing हार्मोन (एलएच) टेस्ट

टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के घरेलू उपाय

हमारे शरीर में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा बढ़ाने के लिए बाजार में आपको दवाइयां मिल जाएंगे लेकिन जैसा कि हम सब जानते हैं दवाइयों के काफी साइड इफेक्ट भी होते हैं इसीलिए हम ज्यादा ध्यान प्राकृतिक तौर पर टेस्टोस्टेरॉन बढ़ाने पर लगाते हैं. इसके लिए नीचे आपको कुछ टेस्टोस्टेरोन के स्रोत के नाम दिए हैं जिनसे आप प्राकृतिक तौर पर अपने टेस्टास्टरोन की मात्रा को बढ़ा सकते हैं.

1. Tuna
2. Low-fat milk with vitamin D
3. Egg yolks
4. Fortified cereals
5. Oysters
6. Shellfish
7. Beans

तो यह कुछ दूसरे टेस्ट है. जो कि आपको डॉक्टर के टेस्टोस्टेरोन टेस्ट के साथ करवाने के लिए कह सकता है.

इस पोस्ट में आपको टेस्टोस्टेरोन टेस्ट क्या होता है , टेस्टोस्टेरोन लेवल, टेस्टोस्टेरोन क्या है, टेस्टोस्टेरोन की कमी के कारण, टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के घरेलू उपाय, टेस्टोस्टेरोन इंजेक्शन, टेस्टोस्टेरोन टेबलेट्स, टेस्टोस्टेरोन लेवल टेस्ट, टेस्टोस्टेरोन के स्रोत , के बारे में पूरी जानकारी दी है. तो यदि जानकारी आपको पसंद आए तो शेयर करना ना भूले और यदि आपका इसके बारे में कोई सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके हमसे पूछ सकते हैं.

Leave A Reply

Your email address will not be published.