बैटरी का आविष्कार किसने किया

बैटरी का आविष्कार किसने किया

बैटरी आज विद्युत का एक अच्छा स्त्रोत बन गया है आज आधुनिक समय में बहुत ज्यादा बैटरी का इस्तेमाल किया जा रहा है इनका उपयोग  पावर सेव करके लंबे समय तक इस्तेमाल करने के लिए किया जाता  है और दिन भर इनका इस्तेमाल बढ़ता ही जा रहा है क्योंकि आज आधुनिक समय में लोगों को हर समय बिजली की आवश्यकता होती है और बिजली के अन्य साधन हर समय बिजली उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं है तो लोग अन्य साधनों से बैटरी के अंदर पावर सेव करके उसका लंबे समय तक इस्तेमाल करते हैं

लोग विद्युत जनरेटर का इस्तेमाल भी हर समय बिजली के लिए करते हैं लेकिन विद्युत जनरेटर का खर्चा इतना ज्यादा है कि लोग उसको ज्यादा इस्तेमाल करना पसंद नहीं करते और यह वातावरण के लिए भी एक नुकसानदायक बिजली का स्त्रोत है बैटरियों के विकास से ही विद्युत का औद्योगिक उपयोग आरभ हुआ। उन्नीसवीं शताब्दी के अन्तिम दिनों तक बैटरियाँ ही विद्युत ऊर्जा के मुख्य स्रोत थीं क्योंकि तब तक विद्युत जनित्र का आविष्कार नहीं हुआ था।

उद्योग बैटरी के अविष्कार में एक क्रांति ही लाकर खड़ी कर दी क्योंकि बैटरी अविष्कार से पहले   टेलीग्राफ, टेलीफोन, पोर्टेबल कम्प्यूटर, मोबाइल फोन, विद्युत कारों आदि का विकास नहीं हुआ  था। बैटरी की टेक्नोलॉजी में लगातार विकास हुआ  और आज इनका विकास तेजी से हो रहा है बैटरी का आविष्कार नहीं होता तो उद्योग जगत के अंदर इतनी तरक्की नहीं होती क्योंकि लोगों के पास जनरेटर के अविष्कार से पहले विद्युत का कोई लंबे समय तक चलने वाला साधन नहीं था जो उन्हें हर समय बिजली प्राप्त करवा सके

बैटरी का आविष्कार

सन ,1749 में बेंजामिन फ्रेंकलिन,ने बैटरी शब्द का इस्तेमाल किया था क्योकि  वो अपने विद्युत-सम्बन्धी प्रयोगों के लिये वे जिन ‘लिंक्ड कैपेसिटर्स’ का प्रयोग करते थे, उनको उन्होने ‘बैटरी’का नाम दिया और पहली बैटरी 1800 में एलेज़ांद्रो वोल्टा द्वारा बनाई  गयी थी

उन्होंने जस्ता, पेस्टबोर्ड या नमकीन से लथपथ कपड़े, और चांदी के भारी परतों stacking द्वारा पहली बैटरी बनाई इसको एक बार प्रयोग  करके फेंकना पड़ता था  इस बैटरी की यह समस्या थी की इसको दुबारा इस्तेमाल नही किया जा सकता था

एक इंग्लिश chemist द्वारा सन , 1836 में रिचार्जेबल बैटरी का आविष्कार किया गया। इस बैटरी लेड एसिड तकनीक के साथ डिजाइन किया गया था और अभी भी इनका इस्तेमाल कार बैटरी के लिए किया जाता है इस बैटरी का ज्यादा महत्व इसलिए  आ गया क्योंकि इसको  चार्ज किया जा सकता था और इसके अंदर पावर सेव करके लंबे समय तक इस्तेमाल भी किया जा सकता है

और धीरे-धीरे बैटरीयो के डिजाइन में सुधार किया गया वह उनकी पावर सेव करने की क्षमता को बढ़ाया गया और आज की आधुनिक बैटरी  होती तो बहुत छोटी है लेकिन उनके अंदर बहुत ज्यादा मात्रा में बिजली इकट्ठी कर सकते हैं

और  बैटरी का उपयोग इतना ज्यादा हो गया की एक 2005 अनुमान के मुताबिक, दुनिया भर में बैटरी उद्योग  48 बीलियन डॉलर की सेल कर  रहे है और यह  6% वार्षिक के साथ वृद्धि हो रही है तो आप अदाजा लगा सकते की किस  तरह बैटरी की मांग  बढ़ रही है

और इसके पीछे कुछ लोगो की एक अलग भावना है उनका मनाना है की की विद्युत बैटरी का आविष्कार बेंजामिन फ़्रेंकलिन ने किया था, किन्तु आपको यह जानकार सुखद आश्चर्य होगा  बैटरी सबसे पहले भारत मे बनी थी और  जो बैटरी बनाने की  तकनीक आधुनिक विज्ञानं ने भी स्वीकार कर रखी है यह महर्षि अगस्त द्वारा दी गयी तकनीक है

महर्षि अगस्त ने सबसे पहले बैटरी बनाई थी और उसका विस्तार से वर्णन अगस्त संहिता मे है अगस्त संहिता मे  पूरा बैटरी बनाने की विधि या तकनीक उन्होंने दिया है और कई लोगो ने बनाके भी देखा है, और ये तकनीक हजारो वर्ष पहले की है |

 Battery के 5 Type

  • The Nickel Cadmium (NiCd) battery.
  • The Nickel-Metal Hydride (NiMH) battery.
  • The Lead Acid battery.
  • The Lithium Ion battery.
  • The Lithium Polymer battery

 यह भी देखें

इस पोस्ट में आपको बैटरी क्या है बैटरी कितने प्रकार के होते हैं सेल (बैटरी) बैटरी अम्ल क्या है बैटरी कितने प्रकार की होती है बैटरी की परिभाषा लेड एसिड बैटरी के बारे में बताया गया है अगर इसके अलावा आपका कोई भी सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट करके जरूर पूछें. और इस पोस्ट को शेयर जरूर करें ताकि दूसरे भी इस जानकारी को जान सकें.

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