मिर्गी रोग क्या है इसके कारण लक्षण व उपचार

मिर्गी रोग क्या है इसके कारण लक्षण व उपचार

इससे पिछले कई ब्लॉगो में हमने आपको मानसिक रोगों से जुड़ी हुई बीमारियों के बारे में बताया है जो की खतरनाक और जानलेवा बीमारियां होती है लेकिन मानसिक रोगों के अंतर्गत कई बीमारियां आती है इसी तरह से मिर्गी रोग भी एक ऐसा खतरनाक रोग है जो कि रोगी का पूरा जीवन बिल्कुल नष्ट कर देता है और इससे रोगी को बहुत सारी परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है और यह एक बहुत ही खतरनाक और जानलेवा बीमारी है

इससे रोगी मानसिक रूप से बिल्कुल कमजोर हो जाता है और वह अपने शरीर के नियंत्रण को खोने लगता है तो इस ब्लॉग में हम इसी बीमारी के बारे में बात करेंगे इस ब्लॉग में मिर्गी रोग के कारण लक्षण इसके उपचार आदि के बारे में बात करेंगे.

मिर्गी रोग क्या है

अगर मिर्गी रोग की परिभाषा के बारे में बात की जाए तो ज्यादातर लोगों को इस रोग के बारे में पूरी जानकारी नहीं है आज भी इस रोग को लेकर बहुत सारे लोगों में अलग-अलग गलत फहमियां व भरम फैले हुए हैं और इस समस्या को बीमारी की बजाय अलग समस्या समझ लेते हैं और फिर अलग-अलग झाड़-फूंक में अपना समय खराब करते हैं लेकिन मिर्गी रोग एक ऐसी खतरनाक मानसिक बीमारी है जिससे रोगी के मस्तिष्क में ऐसी खतरनाक गलत तरंगे उठती है जिससे रोगी का मानसिक संतुलन बिल्कुल बिगड़ जाता है

और वह अपने शरीर को नियंत्रण में नहीं कर पाता जिससे वह अलग अलग हरकतें करने लगता है और मिर्गी रोग रोगी को दौरे के रूप में पड़ता है जब भी रोगी को मिर्गी का दौरा पड़ता है तब उसका मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है जिससे वह भागने दौड़ने उठने बैठने चिल्लाने रोने और मारपीट करने आदि करने लगता है लेकिन जब रोगी को दौरा नहीं होता तो वह बिल्कुल स्वस्थ दिखाई देता है और उसके ऊपर इस समस्या के कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देते हैं और एक रिपोर्ट के मुताबिक आज लगभग दुनिया में 5 करोड़ से भी ज्यादा मिर्गी रोग के रोगी हैं और इनमें से ज्यादातर रोगी वें हैं जो अपने मस्तिष्क में ज्यादा मानसिक तनाव लेते हैं

मिर्गी रोग के कारण

अगर मिर्गी रोग के कारणों के बारे में बात की जाए तो इस समस्या के उत्पन्न होने का सबसे बड़ा और मुख्य कारण आजकल का बदलता खान पान और भागदौड़ भरी जिंदगी है क्योंकि इस भाग दौड़ भरी जिंदगी के कारण हम हमारे शरीर को आराम देना भूल जाते हैं जिससे हमें कुछ समय के बाद मानसिक रोग की समस्या उत्पन्न होने लगती है और इसमें मिर्गी रोग भी एक ऐसा मानसिक रोग है

जो कि रोगी को हो सकता है इसके अलावा भी इस समस्या के होने की ओर कई कारण हो सकते हैं जैसे काम का दबाव, कम सोना, भूख प्यास लगना,अधिक शराब धूम्रपान और नशीली वस्तुओं का सेवन करना, सिर पर गहरी चोट लगना,मस्तिष्क में कोई अन्य बीमारी उत्पन्न होना,पति पत्नी में अनबन होना, कोई दुर्घटना या घुटना के बारे में बार-बार सोचना, किसी चीज को गहराई से महसूस करना, ज्यादा चिंता, भरम, डर और घबराहट रहना, रोगी को बेरोजगारी, भुखमरी, कुपोषण, पढ़ाई लिखाई का बोझ और लड़ाई झगड़ा आदि भी इस समस्या का कारण बन सकते हैं

मिर्गी रोग के लक्षण

अगर मिर्गी रोग के लक्षणों के बारे में बात की जाए तो इस समस्या में ज्यादातर रोगियों में इतनी ज्यादा लक्षण दिखाई नहीं देते लेकिन इसका सबसे बड़ा और इसका सबसे मुख्य कारण रोगी को जब भी मिर्गी का दौरा पड़ता है तब उसके दिमाग की संतुलन का बिगड़ना, शरीर लड़खड़ाना, रोगी को बेहोशी, बेचैनी घबराहट जैसी समस्या उत्पन्न होना, रोगी में तेज बुखार आना, रोगी के सर में तेज दर्द होना,

रोगी का जोर से चिल्लाना, रोना या एकदम से गिर पड़ना, बदन टूटना,लंबी सांसे रहना,गहरी अंगड़ाइयां लेना,मुंह में झाग आना, रोगी के शरीर का संतुलन बिगड़ना, रोगी के हाथ पैर ठंडे होना, रोगी को एकदम से पसीना आना, रोगी का बेसुध होना, रोगी का उठ कर भागना, रोगी के शरीर में कंपन होना, रोगी के दांत चिपकना, रोगी का पेशाब निकल जाना, रोगी का ऊंचाई या गहराई में गिरना, आदि कई लक्षण देखने को मिलते हैं इसलिए इस समस्या के उत्पन्न होने पर रोगी को अकेला छोड़ना खतरनाक साबित हो सकता है और रोगी को पानी, गहराई, ऊंचाई, आग और बिजली आदि से बिल्कुल दूर रखना चाहिए

क्या करें

  • दौरा पड़ने पर रोगी को खुली हवा में लेटा देना चाहिए
  • रोगी को रोगी की कपड़े ढीले कर देने चाहिए वह रोगी के सिर के नीचे मुलायम कपड़ा लगाना चाहिए
  • रोगी को रोगी के दांतो तले चम्मच लगानी चाहिए
  • रोगी को आग पानी बिजली गहराई ऊंचाई और से दूर रखना चाहिए
  • रोगी को कभी भी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए
  • रोगी को गाड़ी, साइकिल व बाइक आदि नहीं चलाने देनी चाहिए
  • रोगी को ज्यादा कठोर कार्य नहीं करने चाहिए
  • रोगी को हमेशा हल्का और सुपाच्य भोजन देना चाहिए
  • रोगी को हर रोज सुबह सुबह हल्की फुल्की व्यायाम व प्राणायाम आदि करने चाहिए
  • रोगी को हर रोज खुली हवा में घूमना चाहिए और लंबी सांसे लेने चाहिए
  • रोगी को अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना चाहिए
  • दौरा पड़ने पर रोगी के हाथ पैरों की मालिश करनी चाहिए
  • दौरा पड़ने पर रोगी के मुंह पर ठंडे पानी के छींटे मारे चाहिए
  • रोगी को चिंता करो भरम व मानसिक तनाव से मुक्त होने की कोशिश करनी चाहिए

क्या न करें

  • रोगी को दौरा पड़ने पर उठ कर भागने नहीं देना चाहिए
  • रोगी के बेहोश होने पर उसको जल्दी से जल्दी होश में लाने की कोशिश करें
  • रोगी को ऊंचाई गहराई और बिजली पानी से दूर रखना चाहिए क्योंकि उसको इन सभी चीजों के पास जाने पर दौरा पड़ सकता है और इससे वह हादसे का शिकार भी हो सकता है
  • रोगी को शराब तंबाकू व नशीली चीजों के सेवन का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को तालाब नहर वह स्विमिंग पूल में नहीं नहाना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा कठोर भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा कठोर कार्य नहीं करने चाहिए
  • रोगी को अपने शरीर पर वजन नहीं उठाना चाहिए
  • रोगी के आसपास ज्यादा चीखना चिल्लाना नहीं चाहिए
  • रोगी के सामने ज्यादा तेज रोशनी या लाइट आदि नहीं लगानी चाहिए
  • रोगी के आसपास ज्यादा भीड़ इकट्ठे नहीं होने देनी चाहिए
  • रोगी को लक्षण दिखाई देते ही देर नहीं करनी चाहिए व अपना इलाज तुरंत शुरू करवा देना चाहिए

लेकिन फिर भी अगर किसी को मिर्गी रोग की समस्या हो जाती है तब उसको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए और अपना इलाज शुरू करवा देना चाहिए अगर आप इस समस्या का इलाज जल्द से जल्द शुरू करवा लेते हैं तो आप इसकी 2 से 3 साल की दवाई लेने के बाद ठीक भी हो सकते हैं कुछ ही लोगों में इस समस्या के उपचार के लिए पूरे जीवन भर दवाई लेनी पड़ती है अगर आप इस समस्या का इलाज नहीं करवाते तो यह आपके लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है

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