बड़ी आंत में सूजन के कारण लक्षण बताओ व उपचार

बड़ी आंत में सूजन के कारण लक्षण बताओ व उपचार

कई बार अचानक से किसी स्वस्थ आदमी की शरीर में ऐसी बड़ी बीमारी उत्पन्न हो जाती है जिससे रोगी को परेशानी तो होती ही है इसके साथ ही उसको कई बार उस बीमारी से मौत का भी डर सताने लगता है और ज्यादातर बीमारियों में हमारे शरीर में तेज दर्द की समस्याएं उत्पन्न होती है तो ऐसी एक समस्या बड़ी आंत में सूजन होना भी है.

यह एक बहुत ही खतरनाक और बड़ी बीमारी है अगर किसी इंसान को यह समस्या हो जाती है तब इससे रोगी को दर्द के साथ-साथ कई अन्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है तो इस ब्लॉग में हम इसी समस्या के बारे में विस्तार से जानेंगे इस ब्लॉग में हम इस समस्या के उत्पन्न होने के कारण, लक्षण, बचाव, उपचार के बारे में बात करने वाले हैं.

बड़ी आंत में सूजन

बड़ी आंत में सूजन होना एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है इससे रोगी को कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होती है जब किसी इंसान की बड़ी आंत में सूजन आ जाती है तब इससे रोगी की मौत भी हो सकती है जब रोगी की आंत बड़ी आंत में सूजन होती है तब आंत के अंदरूनी भाग में सूजन होती है शुरुआत में यह सूजन रोगी के मलद्वार से शुरू होती है फिर धीरे-धीरे यह समस्या रोगी की पूरी बड़ी आंत तक फैल जाती है हालांकि यह समस्या छोटी आंत में नहीं जाती लेकिन बीमारी जब बीमारी पूरी तरह से बड़ी आंत में फ़ैल जाती है तब इसके कारण छोटी छोटी आंत भी चपेट में आ जाती है जिससे रोगी के मल के साथ खून आने लगता है और बहुत तेज दर्द भी होता है इस बीमारी को अंग्रेजी में अल्सरेटिव कोलाइटिस कहा जाता है यह समस्या किसी भी महिला या पुरुष में उत्पन्न हो सकती है लेकिन ज्यादातर मामले 20 से 30 वर्ष की आयु में ही देखे जाते हैं

कारण

अगर बड़ी आंत में सूजन आने के कारण कारणों के बारे में बात की जाए तो इस समस्या के उत्पन्न होने के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं जैसे रोगी की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना रोगी का दूषित पानी पीना, दूषित भोजन करना, दूषित हवा में सांस लेना व दूषित क्षेत्र में रहना इसके अलावा रोगी को किसी प्रकार का संक्रमण होना, ज्यादा मानसिक, तनाव, चिंता, गुस्सा, चिड़चिड़ापन रखना रोगी की आंत पर चोट लगना रोगी का अधिक नशीली चीजों का सेवन करना जैसे शराब, तंबाकू, बीड़ी, कोकीन, अफीम, गांजा आदि रोगी का लगातार किसी खतरनाक दवाई का सेवन करना, रोगी का ज्यादा मिर्च मसालेदार व तले हुए भोजन का सेवन करना, रोगी की आंत कमजोर होना, रोगी का ज्यादा कठोर परिश्रम करना आदि समस्या के कुछ आम कारण होते हैं

लक्षण

अब बात करते हैं इस समस्या के लक्षणों के बारे में इस समस्या के लक्षणों के बारे में आपको जानना बहुत जरूरी है क्योंकि बहुत सारे लोगों को इस समस्या के लक्षणों के बारे में जानकारी नहीं होती जिससे वे सही से इस समस्या का इलाज नहीं करवा पाते और बाद में यह समस्या भयानक रूप ले लेती है इस समस्या के मुख्य लक्षण होते है

रोगी में खून की कमी होना, रोगी को खूनी दस्त लगना, रोगी को मल त्याग के समय तेज दर्द होना, रोगी को उठते बैठते समय दर्द होना, रोगी की बार बार सांस फूलना, रोगी को लगातार पेट दर्द रहना, रोगी को बुखार होना, रोगी को कम भूख प्यास लगना, व रोगी का लगातार वजन कम होना, रोगी में थकान, कमजोरी, साफ, दिखाई देना, रोगी में आलस हो जाना, रोगी के जोड़ों में दर्द होना, रोगी की आंखें सूजना, रोगी की त्वचा के ऊपर घाव होना व रोगी में खून की कमी होने से पीलिया रोग उत्पन्न होना, रोगी को भोजन करते ही उल्टी आना वह बेचैनी की शिकायत होना ये कुछ आम लक्षण है जिनसे आप इस समस्या को आसानी से पहचान सकते हैं इस समस्या के उत्पन्न होने पर आपको तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाना चाहिए

बचाव

वैसे तो यह समस्या किसी भी आयु के महिला या पुरुष में उत्पन्न हो सकते हैं लेकिन अगर आप की आयु 20 से 30 वर्ष के बीच है तब आपको इस समस्या से सबसे ज्यादा बचकर रहने की जरूरत होती है इसके लिए आपको कुछ ऐसी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है जो कि आप को इस समस्या से बचाने में सहायक होती है जैसे

  • आपको ज्यादा मिर्च मसालेदार व तली हुई भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए
  • आपको गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए
  • आपको अपने शरीर में कब्ज की समस्या उत्पन्न नहीं होने देनी चाहिए
  • आपको अपने आंत में सूजन होते ही तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाना चाहिए
  • आप को दूषित पानी में दूषित भोजन का सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए
  • आपको गंदगी वाले क्षेत्र में रहने से बचना चाहिए
  • आपको लगातार किसी एक प्रकार की खतरनाक दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए
  • आपको बीड़ी सिगरेट तंबाकूअसीम ऐसी नशीली वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए
  • आपको अपने पेट पर चोट लगते ही तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाना चाहिए
  • आपको इस समस्या के लक्षणों को पहचान कर भी अनदेखा नहीं करना चाहिए

उपचार

जब किसी रोगी को यह समस्या हो जाती है तब इसके उपचार के लिए डॉक्टर सबसे पहले रोगी के ब्लड टेस्ट, मल टेस्ट जैसे कई अलग-अलग प्रकार के टेस्ट करते हैं और उन्हीं की रिपोर्ट के आधार पर रोगी का इलाज किया जाता है शुरू में रोगी को संक्रमण से संबंधित कुछ दवाइयां दी जाती है लेकिन अगर यह समस्या ज्यादा बढ़ जाती है तब रोगी को डॉक्टर सर्जरी की सलाह देते हैं फिर रोगी को सर्जरी के द्वारा इस समस्या से छुटकारा दिलाया जाता है

इसके अलावा शुरू में इस समस्या के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर आप कुछ घरेलू चीजों का भी सेवन करके इसको नियंत्रण में कर सकते हैं जैसे

  • आपको हर रोज खुली हवा में लंबी सांस लेनी चाहिए
  • आपको हर रोज सुबह-सुबह हल्के-फुल्के प्राणायाम आदि करने चाहिए
  • आपको ज्यादा से ज्यादा कच्ची सब्जियों का सेवन करना चाहिए
  • आपको ज्यादा से ज्यादा दूध व दूध से बने हुए पदार्थ पर मछली और अंडे आदि का सेवन करना चाहिए
  • आपको प्रोटीन व कैल्शियम युक्त चीजों का ज्यादा सेवन करना चाहिए
  • इसके अलावा आपको दही लस्सी आदि अपने भोजन के साथ जरूर लेनी चाहिए
  • आपको ज्यादा से ज्यादा आपको ज्यादा से ज्यादा फलों का सेवन करना चाहिए
  • आपको रोगी को ज्यादा चावल ब्रेड आलू आदि का सेवन नहीं करने देना चाहिए

लेकिन फिर भी अगर आपको यह समस्या बार-बार सता रही है तब आपको अपनी सभी प्रकार के टेस्ट करवा कर किसी अच्छे डॉक्टर से दवाइयां लेनी चाहिए वह इलाज करवाना चाहिए क्योंकि कई बार यह समस्या शुरू में नियंत्रण में होने के कारण रोगी को बहुत ज्यादा परेशान करती है

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