बच्चों के लिए जरूरी पोषक घरेलू डाइट प्लान

बच्चों के लिए जरूरी पोषक घरेलू डाइट प्लान

Most important nutrition diet plan for kids – आजकल के बच्चे बहुत जल्द बीमारियों की चपेट में आते हैं उनकी इतनी कमजोर होती है कि वह जल्दी जल्दी किसी न किसी बीमारी का के चक्कर में पढ़ते रहते हैं। इसका मुख्य कारण होता है सही खान पियन लापरवाही बच्चों को सही पोषण मिलेगा बच्चे रहेंगे तो हमेशा शारीरिक रूप से कमजोर ही रहेंगे। इसलिए उनकी देखभाल हमें करनी चाहिए उनके खाने-पीने की सही व्यवस्था करनी चाहिए उन्हें जो जरूरी चीज है वही चीज खिलाए ताकि बच्चे गलत चीज उटपटांग की चीज मार्केट की चीजों के आदि न हो यदि बच्चे की पोषित करने वाली चीजों की आदत शुरू से ही बनाए रखेंगे तो उन्हें जीवन में कभी कोई शारीरिक परेशानी नहीं आएगी।

बच्चों को पोषित करने के लिए यदि हम घरेलू चीजों को महत्व देंगे तो बच्चे कभी भी बीमार नहीं पड़ेंगे जब भी हम मार्केट की खुली पैकेट बन सका बहुत दिनों से स्टोर की गई प्रिजर्वेटिव वस्तुओं को खिलाते हैं। सभी बच्चे बीमारी की तरफ ज्यादा जाते हैं इसलिए उनके लिए घरेलू डाइट को फॉलो करना बेहद जरूरी होता है यह जिम्मेदारी हर मां-बाप की होती है यदि किसी को नहीं पता है तो आज हम ने इस आर्टिकल में आपको बताएंगे कि छोटे बच्चों को कैसी डाइट प्लान देनी चाहिए। जिससे कि वह अनुशासित रहें फिट रहें और निरोगी जीवन जिये।  ऐसी महत्वपूर्ण जानकारी को जानने के लिए बने रहे हमारे साथ चलिए शुरू करते हैं.

 क्या है बच्चों के लिए जरूरी पोषक घरेलू डाइट प्लान

What is most important nutrition diet plan for kids – यदि हम बच्चों के छोटे बच्चों के डाइट प्लान की बात करें तो शुरुआत नहीं अभी बच्चों को अच्छी शिक्षा तथा अच्छी फरवरी दे दी जाए अच्छी चीज दे दी जाय तोकभी भी जीवन में गलत काम नहीं करते उसी प्रकार यदि हम उनके खाने-पीने के अनुशासन सुनिश्चित करते हैं। उन्हें जो चीज शरीर में अच्छी हो वही चीज दें और उनका डाइट चार्ट बना दे तो टेपन से उनको फॉलो करें अनुशासन में रखें तो वही बच्चे आगे चलकर कोई गलतियां नहीं करते किसी बीमारी के चक्कर में नहीं पड़ते।

आजकल के बच्चे छोटे से ही बीमारियों के फेर में पड़ने लगे है। किसी को चश्मा लग रहा है किसी की नजर बिल्कुल कमजोर है किसी को हड्डियों की समस्या है किसी को विटामिन डी की समस्या विटामिन प्रोटीन जैसे महत्वपूर्ण तत्वों की कमी बच्चों में देखने को अब मिल रही है। जिसकी वजह से वह ना तो ठीक से पोषित हो पाते हैं और ना ही वह स्वस्थ बच्चों की तरह ग्रोथ कर पाते हैं। इसके लिए यदि  जिम्मेदार हैं तो गलती मां बाप की ही होती है यदि मां बाप बच्चों को अनुशासन में रखें बच्चों को जो डाइट हो उसे सर्व करें वहीं उन्हें खाने के लिए दिया जाए तो बच्चे कभी किसी बीमारी का शिकार हो ही नहीं सकते।

बच्चों को ऐसी चीजों से खाने से बचाना चाहिए जो मार्केट की बनी चीजें पैकेट बंद हो चाहे बिस्किट हो चाहे टॉफी होता है चॉकलेट हो चाय बिस्किट हो चाहे तो बच्चे का शौकीन होते हैं। यदि बच्चों को शुरू से घर की चीजों से पोषक तत्वों दिया जाए तो बच्चे कभी भी ऐसी चीजों को नहीं खाएंगे और ना ही बीमार पड़ेगें।

 क्या कारण है बच्चों के पोषण ना होने के

  • यदि आपके बच्चे उचित नहीं है दूसरे बच्चों की तरह नहीं है स्वास्थ्य बच्चों की तरह सामान्य नहीं है तो यह सामान्य बात नहीं है आप उनकी डाइट प्लान में उनके खाने-पीने में पीछे चीजों का आपूर्ति नहीं करते।
  • उन्हें सही डाइट प्लान नहीं देते यही कारण है कि बच्चे कुपोषित हो रहे हैं और कई जटिल बीमारियों से कम उम्र में शिकार होते जा रहे हैं आजकल के बच्चे मार्केट की चीजें खाना ज्यादा पसंद करते हैं।
  • यदि मां बाप ने उनको सपोर्ट किया मार्केट की चीजों को खाने के लिए उनके बच्चे निश्चित तौर पर पोषक तत्वों की कमी की वजह से किसी ना किसी की बीमारी से ग्रसित हो जाएंगे।
  • और अपनी सामान्य ग्रोथ से वंचित हो जाएंगे बच्चों को शुरू से ही अच्छी डाइट देनी चाहिए ताकि उनके शरीर में सारे पोषक तत्वों की कमी पूरी होती रहे और वह अपने समय के अनुसार ग्रोथ भी करते रहें।

और स्वास्थ्य ठीक होने की वजह सेहिश्तपुष्ट भी बने रहें यदि आप उनके सही डाइट का ख्याल नहीं रखते हैं तो आपके बच्चे पोषक तत्वों की कमी से प्रतिरोधक क्षमता की कमी बीमारियों के फेर में जल्दी जल्दी पढ़ने लगेंगे।

 छोटे बच्चों के लिए घरेलू पोषक डाइट प्लान

यदि छोटे बच्चों की डाइट प्लान की बात करें तो छोटे बच्चों का डाइट प्लान शुरू से ही सही निर्धारित हो तो कभी बिमारी के चक्कर में पड़ेंगे। इसलिए घरेलू डाइट प्लान को मत देना बेहद जरूरी होता है ताकि आपके बच्चे भविष्य में कभी भी किसी पोषक तत्व की कमी से परेशान ना हो बीमारियों का शिकार ना हो और उनका मानसिक शारीरिक विकास होता रहे इसके लिए आपके लिए हम घरेलू डाइट प्लान लाए तो छोटे बच्चों के लिए बहुत ही पोषक तथा फायदेमंद साबित होते हैं।

 छोटे बच्चों को क्या खिलाएं

यह सवाल सबसे पहला प्राथमिक सवाल है क्योंकि बच्चों को एग्जाम सही डाइट देंगे और हमें पता होगा कि क्या बच्चे को खाने के लिए दिया जाता है। तभी हम उसके पोषण का ख्याल रख सकते हैं इसके लिए आपको बच्चों को क्या खिलाना चाहिए पहले यह जानना चाहिए। छोटे बच्चे हमेशा घर के बने भोजन को करने से नखरा दिखाते रहते हैं उन्हें घर के भोजन नहीं अच्छे लगते। जबकि मार्किट की चीजों में बहुत अच्छी लगती हैं और लुभावनी होने के चक्कर में उन्हें ज्यादा बिना कहे खाने लगते हैं।

इसलिए शुरुआत में कोई कि आपके बच्चे नखरे करेंगे घर के भोजन को खाने के लिए लेकिन आप उन्हें शुद्ध शाकाहारी घर का पोषित खाना ही दीजिए। जिसमें दाल चावल रोटी सब्जी शामिल है। जिसमें फल शामिल हो दूध शामिल हो दूध से बने दही मठ्ठा शामिल हो मौसमी फल जो भी मौसम की हिसाब से फल हो वह बच्चों को खिलाइए बच्चों की अच्छी डाइट में ड्राई फ्रूट को भी शामिल कर सकते हैं जिससे कि पोषक तत्वों की कमी ना रहे बच्चों में बादाम 12 काजू अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट आप बच्चों को खिला सकते हैं।

प्रतिदिन दूध और हल्दी पीने की आदत बच्चों को रहनी चाहिए दिन में एक मरतबा जरूर दूध पी गाय का शुद्ध दूध बच्चों के लिए बहुत सेहतमंद रहता है। मौसमी फलों के जूस पीना बेहद फायदेमंद रहता है यदि आप बच्चों को मौसमी मौसम में उपलब्ध फलों के जूस पिलाना चाहे तो यह ठीक नही होता लेकिन कच्चे फल यह बच्चों के लिए और फायदेमंद होता है बच्चों को कभी भोजन इकट्ठा ना करें।

उतना ही खिलाये जितना वह पचा पाए ओवर ईटिंग कराने से बचें संतुलित आहार दें जिससे आप भी खुश और आपके बच्चे को पूरा पोषण मिले।

 कितना खिलाएं

यह दूसरा प्रश्न होता है कि बच्चों को कितना खिलाया जाए इसमें आपको ध्यान देना है कोई भी चीज आप को भरपेट खिलाने के चक्कर में ज्यादा नहीं खिलाये। क्योंकि ज्यादा खाना हमेशा नुकसान ही करता है आपको क्वांटिटी के हिसाब से बच्चों को राशन दिया जाता है तब वह स्वस्थ रहते हैं। ज्यादा खाना कभी स्वस्थ रहने का निवारण नहीं होता बच्चों को उतना ही खाना चाहिए जितना वह पचा सके।

  • इसके लिए आपको कैलोरी 1200 सौ से 1400 ग्राम
  • फैट 25 से 30 ग्राम
  • सब्जियां एक कटोरी
  • एक कप फल
  • डेरी प्रोडक्ट से बने दूध दही मक्खन घी का सेवन आप लिमिट में ही कराएं।
  • जितना बच्चा खाए उतना ही खिलाएं तथा एक्सपर्ट की सलाह ले ले।
  • बच्चों की नाइट में प्रोटीन कैल्शियम विटामिन डी विटामिन सी विटामिन की सभी प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को डाइट प्लान में रखना चाहिए।
  • थोड़ा थोड़ा करके सभी चीजें खानी चाहिए और हर अनाज को बच्चों को आने की आदत करवानी चाहिए।
  • कैल्शियम और प्रोटीन दूध व पनीर से पूरा हो जाएगा।
  • विटामिन बी रूप से पूरा हो जाएगा।

विटामिन की ड्राई फ्रूट से पूरा हो जाएगा विटामिन की बहुत जरूरी होता है यह हमारे बच्चों के दिमाग को विकसित करने में मदद करता है यह डिसाइड में जरूर होना चाहिए।

 बच्चों को उनका पसंदीद भोजन दे

  • जी हां इंटरेस्ट वाली चीजें बच्चे आसानी से खा भी लेते हैं तथा उन्हें मनाना भी नहीं पड़ता खाने के लिए यदि आप ऐसी चीजें खिलाते रहेंगे।
  • जो बच्चे का मन नहीं है तो वह बच्चे में पोषण के अलावा नुकसान भी कर सकती है इसलिए बच्चे घर की जो भी चीजें ज्यादा पसंद करें उन्हें खिलाने पर आप को ध्यान देना चाहिए।
  • इंटरेस्ट की चीजों को बच्चों को खिलाना चाहिए सुबह से लेकर शाम तक काम का डाइट चार्ट बना रहे सुबह उठते ही उन्हें गुनगुने पानी के साथ शुरुआत करानी चाहिए।
  • फ्रेश होने के बाद बच्चों को हेल्थी और अच्छा नाश्ता देना चाहिए बच्चे जो भी खाना पसंद करें उसे घर में बनाकर उन्हें खिलाना चाहिए बच्चों को पोषण देने के लिए आप उनसे ज्यादा अनुशासन ना दिखाएं।
  • सहजता से सारे काम कराएं इसके लिए आपको यदि बच्चे मार्केट की चीजों को खाने की जिद कर रहे हैं तो उन्हें आप घर में ही शुद्ध रूप से बनाकर तैयार करके दे।
  • यदि आपको बनाना नहीं आता तो कहीं से सीख कर बच्चों को घर की बनी चीजें ही खाने की आदत डलवाए बच्चों को 6 प्रकार के स्वाद वाले भोजन जरूर कराएं।
  • खट्टा कसैला नमकीन मीठा सभी चीजों को खाने की आदत डालें ताकि उन्हें पोषण मिलता रहे नाश्ते में हल्दी खाने के तौर पर बच्चों को दलिया दे और ओट्स देना फलों के जूस ना दे।
  • अंकुरित अनाज देना तथा बच्चे जो भी खाने के लिए बोले यदि आप उनको कम ऑयली और कम मिर्च मसाले से खाना देना चाहते हैं तो सभी को घर पर ही आपके स्नेक्स बना सकते हैं।

जैसे आप सूजी से दही से बना नाश्ता बना सकती हैं एक घर में बनाए जाते हैं उन्हें बना सकती हैं। बच्चों को केक खाना बहुत पसंद होता है घर में केक बना सकती हैं। आराम से बेहद आसान होता है हफ्ते में एक दिन कुछ चटपटा भी बच्चों को बनाकर दीजिए। जैसे घर में बने समोसे का ब्रेड का बच्चे आजकल बच्चे आजकल पिज्जा बर्गर और सैंडविच खाना पसंद करते हैं। तो उन्हें आप घर में ही बनाकर शुद्धता से बनाकर उपलब्ध करा सकती हैं।

मार्केट के बने चीजें दूषित होती यहां बच्चों के पोषण में नुकसान करते हैं इसलिए हफ्ते में आपको घर से यदि देना ही है तो हफ्ते में एक बार ही सेवन करने की आजादी दे तो रोज-रोज बच्चे इसके लिए आदि ना बन पाए बच्चों की डाइट में फल सब्जियां ड्राई फ्रूट फलों के जूस दूध भी दही तथा दो तीन प्रकार के आते गेहूं हो गया मक्का हो गया जैसे आटे की रोटियां बना कर बच्चों को खिला सकते हैं।

हर अनाज खाने की बच्चों की आदत बनी रहेगी तो बच्चों की सारी पोषण की कमी घर की खानों से ही पूर्ति होती रहेगी।

 बच्चों को एक जगह बैठने से रोके

उपाय आजकल के बच्चे डिजिटल  का प्रयोग बहुत ज्यादा कर रहे हैं ज्यादा देर तक कंप्यूटर मोबाइल लैपटॉप टेबलेट चलाना उनकी आदत बनती जा रही है। जो कि उनके लिए सबसे बेहद नुकसानदायक है क्योंकि यदि बच्चे एक जगह बैठकर ही सारा काम करेंगे। लैपटॉप मोबाइल का इस्तेमाल बिना वजह करते रहेंगे तो बच्चे कभी भी पोषित नहीं हो सकते। उन्हें कम समय में चश्मे लगाने की कथा और कई चीजों की पोषक तत्वों की कमी से जूझना पड़ सकता है। यदि बच्चे खेलेंगे नहीं एक्सरसाइज नहीं करेंगे कोई फिजिकल एक्टिविटी नहीं करेंगे एक जगह बैठे रहेंगे तो उन्हें कभी भी पोषक तत्वों की कमी पूरी नहीं होगी।  बच्चे कभी स्वस्थ होने के लिए तैयार ही नहीं हो पाएंगे।

क्योंकि आजकल का कल्चर बनता जा रहा है बच्चों को खाने पीने के साथ में मोबाइल लैपटॉप टेबलेट कंप्यूटर में बैठने की आजादी दे दी जाती है। बच्चे फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते जिससे कि उनके शरीर में खाया हुआ भोजन पाचन होने के बजाय दुष्प्रभाव पैदा करने लगता है यही कारण है कि बच्चे आजकल कम उम्र में ही बड़ी बड़ी जटिल बीमारियों के शिकार होने लगे हैं। आपको ऐसा नहीं करना है बच्चों को फिजिकल एक्टिविटी कराने पर ध्यान देना एक जगह पर बैठे-बैठे वाले काम करने से उन्हें बचाना है। तभी वह पोषित हो पाएंगे।

मुझे उम्मीद है कि आपको यह आर्टिकल बच्चों को पोषित करने के लिए घरेलू डाइट प्लान को पढ़कर आर्टिकल में दी गई सारी जानकारियां पसंद आई होगी यदि आपको यह जानकारी अच्छी लगी आपको आर्टिकल पढ़कर अच्छा लगा तो अपने बच्चों के लिए आप इनसे अपना सकते हैं। और उन्हें फॉलो करा सकते हैं बच्चों का ख्याल रखना हर मां-बाप की जिम्मेदारी होती है। यदि बच्चे सही दिशा में ले जाने हैं तो बच्चों को अच्छी परवरिश तथा खान-पान पर विशेष ध्यान छोटे पर हमसे ही देना पड़ता है ताकि उनकी अच्छी आदत बनी रहे हमेशा इसलिए आप को बच्चों के हर प्रकार की चीजों पर ध्यान देना चाहिए।

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