गला बैठने के कारण लक्षण बचाव व उपचार

गला बैठने के कारण लक्षण बचाव व उपचार

वैसे तो बदलते मौसम में हमें छोटी मोटी बीमारियां होना आम बात है लेकिन कई बार बदलते मौसम के साथ हमें ऐसी बीमारियां हो जाती है जो कि लंबे समय तक रोगी का पीछा छोड़ती क्योंकि हम इन बीमारियों को हम शुरुआती दौर में हल्के में लेते हैं लेकिन बाद में यह बीमारियां अपना खतरनाक रूप दिखाने लगती हैं जिनसे रोगी को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है आप सभी जानते हैं कि बारिश या ठंड के मौसम में हल्की फुल्की खांसी जुखाम होना आम बात है और कई बार हल्की-फुल्की खांसी जुखाम से साथ हमारे गले बैठ जाते हैं जिससे हमें बोलने में परेशानी होने लगती है तो इस ब्लॉग में हम गले बैठने के कारण लक्षण बचाव इसके उपचार आदि के बारे में बात करेंगे

गला बैठना

बारिश या ठंड आने के मौसम में बहुत सारे लोगों को सर्दी जुकाम बहुत तेजी से होता है और कई बार सर्दी जुखाम के साथ ही उन लोगों को गले बैठने की समस्या हो जाती है जिससे रोगी को बोलने वह निगलने आदि में दिक्कत होती है जब भी गले बैठते हैं तब इससे रोगी के गर्दन के ऊपर के हिस्से में दर्द होने लगता है और रोगी की आवाज नहीं निकलती और अगर आवाज निकलती है

तब वह साफ सुनाई नहीं देती क्योंकि कई बार हम सर्दी बुखार होते ही कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं जिनसे हमारे गले बैठ जाते हैं इसलिए जब भी किसी को जुखाम खांसी की समस्या होती है उसको ऐसी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है जो कि इस समस्या को पैदा करती है लेकिन गला बैठना एक अलग समस्या है जबकि गले में संक्रमण होने से रोगी की आवाज न निकलना अलग समस्या है इसलिए अगर बारिश के मौसम में आपके गले बैठते हैं यहां के बोलने में तकलीफ होती है तब आपको तुरंत अपने गले का टेस्ट करवाना चाहिए

गला बैठने के कारण

अगर गला बैठने के कारण के बारे में बात की जाए तो वैसे तो इस समस्या के पैदा होने के बहुत सारे काम करते हैं लेकिन उसके कई मुख्य कारण होते हैं जैसे ठंडा या गर्म खाने के बाद पानी पीना, ज्यादा तली हुई चीजों का सेवन करने के बाद पानी पीना, गर्मी से आते ही पानी पीना, तेजी से गर्मी में काम करने के बाद ठंडे पानी का सेवन करना, सर्दी जुकाम होने पर तली हुई चीजों का सेवन करना, ज्यादा जोर से चिल्लाना, रोगी का शराब बीड़ी सिगरेट तंबाकू आदि का सेवन करना, पत्थर की कटाई एवं पत्थर की चट्टान में काम करना, रोगी का सर्दी जुखाम होने पर दवाई ले लेना, मूंगफली खाने के बाद पानी पीना, गले में किसी चीज का अटक जाना, अचानक मौसम में बदलाव होना है बासी दूध का सेवन करना रोगी में खून की मात्रा अधिक होना आदि इस समस्या के मुख्य कारण होते हैं

गला बैठने के लक्षण

गला बैठने पर रोगी के शरीर में बहुत सारे लक्षण दिखाई देते हैं जैसे अगर इस समस्या के लक्षण के बारे में बात की जाए तो समस्या की शुरुआत में कई लक्षण दिखाई देते हैं जैसे रोगी को बार बार खांसी, रोगी के गले में कुछ अटका हुआ महसूस होना, रोगी के गलों में दर्द होना, रोगी के निगलने में दिक्कत, रोगी की आवाज में बदलाव आना, रोगी को बोलते समय जोर लगाना, रोगी में थकावट कमजोरी व बेचैनी दिखाई देना, रोगी के थूक निगलने में कठिनाई होना, रोगी की आवाज साफ सुनाई न देना, रोगी की गर्दन के नीचे की ग्रंथियों में सूजन आना, रोगी का गला अंदर से लाल होना, रोगी के गले में बलगम अटकना, रोगी की गर्दन में दर्द होना आदि इस समस्या के मुख्य लक्षण होते हैं

क्या करें

  • रोगी को कम से कम बोलना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा जोर लगाकर नहीं बोलना चाहिए
  • रोगी को खुले हवादार कमरे में रहना चाहिए
  • रोगी को गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करने चाहिए
  • रोगी को गर्म पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए जैसे चाय कॉफी आदि
  • रोगी को समय-समय पर अपनी मुंह में काले नमक की डली डालनी चाहिए
  • रोगी को गर्म पानी की भाप से गला सेकना चाहिए
  • रोगी को गले बैठने पर दी जाने वाली दवाइयों का सेवन करना चाहिए

क्या न करे

  • आपको गर्म चीज़े खाने के बाद पानी नहीं पीना चाहिए
  • आपको तली हुई चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए
  • आपको गर्मी में बाहर से आते ही तुरंत बीच फ्रिज का पानी नहीं पीना चाहिए
  • आपको गले बैठने पर जोर से नहीं बोलना चाहिए आपको ठंडी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए
  • आपको शराब बीड़ी सिगरेट आदि का सेवन नहीं करना चाहिए
  • आपको मिठाई व दूध आदि का सेवन नहीं करना चाहिए
  • आपको कूलर व Ac आदि की नम हवा में नहीं रहना चाहिए
  • मसालेदार व कठोर भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए

उपचार

  • आपको मुलहठी का सत्व या लकड़ी को चूसना चाहिए जिससे आप जल्दी राहत मिलती है
  • आपको लोंग इलाइची की चूर्ण को गर्म पानी में मिलाकर पीना चाहिए
  • आपको सेंधा नमक और अदरक को चूसना चाहिए
  • आपको तुलसी लॉन्ग इलायची से बनी हुई गर्म चाय का सेवन करना चाहिए
  • आपको अनार के छिलकों को पानी में उबालकर फिटकरी डालकर उस पानी से गरारे करने चाहिए
  • आपको अपने गले के ऊपर बेसन में नमक डालकर लेप लगाना चाहिए
  • आपको नमक की डली चूसते रहना चाहिए
  • आपको गर्म पानी में एक चम्मच नमक डालकर गरारे करना चाहिए
  • आपको रात के समय सेंधा नमक और जीरा तुलसी के पत्तों को उबालकर काढ़ा बनाकर पीना चाहिए
  • आपको गर्म तेल से अपने गले के ऊपर धीरे-धीरे मालिश करनी चाहिए
  • ज्यादा समस्या होने पर आपको जल्दी से डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए
  • आपको तुलसी की मंजिर को पानी में उबालकर गरारे करने चाहिए
  • आपको हर रोज गन्ने के रस के सिरके को पानी में डालकर दिन में तीन चार बार गरारे करने चाहिए
  • आपको ज्यादा से ज्यादा गरम पेय पदार्थ जैसे चाय काफी आदि का सेवन करते रहना चाहिए

 

लेकिन फिर भी अगर आपके गले में ज्यादा परेशानी होती है तब आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए और टेस्ट आदि करवा कर दवाइयां लेनी चाहिए क्योंकि यह एक खतरनाक समस्या है इसलिए इस समस्या में देरी नहीं करनी चाहिए

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