आमाशय फूलना इसके कारण लक्षण व उपचार

आमाशय फूलना इसके कारण लक्षण व उपचार

दुनिया भर में हर साल अलग-अलग बीमारियों से लाखों लोगों की मौत हो जाती है इनमें से कुछ ऐसी खतरनाक बीमारियां होती हैं जिनका इलाज नामुमकिन होता है और इन बीमारियों से रोगी का बचना लगभग ना के बराबर होता है लेकिन कई बीमारियां ऐसी हैं जिनका इलाज आसानी से हो जाता है और इनसे रोगी बच भी सकता है लेकिन कई बार हम कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं.

जिन से हमारे शरीर में बीमारियां अपना घर बना लेती है और जब एक बीमारी उत्पन्न होती है तब इसके साथ-साथ दूसरी कई बीमारियां उत्पन्न होने लगती है ऐसी ही एक बीमारी का नाम आमाशय का फूलना है जो कि एक खतरनाक बीमारी है इससे रोगी को बहुत समस्या का सामना करना पड़ता है तो आज के इस ब्लॉग में हम इसी समस्या के बारे में विस्तार से बात करेंगे इस इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि आमाशय क्यों फूलता है इसके क्या क्या कारण, लक्षण होते हैं.

आमाशय का फूलना

सबसे पहले हम जानते हैं आखिरकार आमाशय का फूलना क्या होता है. जब किसी रोगी का आमाशय सामान्य से बड़ा होने लगता है तब उसके शरीर में पाचन क्रिया के ऊपर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ता है और इससे रोगी के द्वारा ग्रहण किया गया भोजन सही तरीके से पच नहीं पाता और वह आमाशय में ही अटकने लग जाता है .

इस स्थिति में रोगी का पेट आगे की तरफ बढ़ने लगता है और रोगी का शरीर मोटा होने लगता है और वैसे तो इस रोग को आमशिक प्रसार या इंग्लिश में डाइजेशन ऑफ स्टमक नाम से जाना जाता है लेकिन आम भाषा में इसको आमाशय का फूलना ही कहा जाता है

आमाशय फूलने के कारण

जब किसी इंसान की आमाशय का साइज बड़ा होने लगता है या आमाशय फूलने लगता है तब इस समस्या के पीछे कई प्रकार के कारणों का हाथ होता है लेकिन इसके कुछ मुख्य कारण होते हैं जैसे बिना भूख के भोजन खाना, भोजन ठूस-ठूस कर खाना, भूख से ज्यादा भोजन का सेवन करना, समय-समय पर खाते पीते रहना, आमाशय के मुख बंद हो जाना,

आमाशय के रास्ते में रुकावट आना, रोगी के आमाशय में संक्रमण इन्फेक्शन या ट्यूमर आदि होना, रोगी को कब्ज़ की समस्या उत्पन्न होना या ज्यादा शराब, मांस आदि का सेवन करना, ज्यादा स्त्री प्रश्न या संभोग करना आदि इस समस्या के मुख्य कारण होते हैं लेकिन इसके अलावा भी समस्या की कई प्रकार की ओर कारण हो सकते हैं

आमाशय फूलने के कारण

जिस तरह से हमने आप को इस समस्या के कई कारणों के बारे में बताया उस तरह से ही इस समस्या के उत्पन्न होने पर रोगी के शरीर में कई प्रकार के लक्षण भी दिखाई देते हैं जैसे इसका सबसे बड़ा और मुख्य कारण रोगी के पेट का साइज बढ़ने लगता है और पेट नीचे की तरफ लटक जाता है रोगी को बहुत ज्यादा भूख लगती है और समय-समय पर खाने पीने का मन करता है.

रोगी के पेट में बेचैनी रहती है, रोगी का पेट फुला लगता है रोगी के शरीर में गैस व तेजाब की समस्या उत्पन्न होने लगती है, रोगी को आमाशय में पत्थर के जैसा रखा हुआ महसूस होता है, रोगी का काम करने में मन नहीं लगता, रोगी बिल्कुल कमजोर वह आलस रहित हो जाता है.

रोगी को बार-बार लेटने व सोने का मन करता है, रोगी को बार बार हस्तमैथुन वह स्त्री संभोग की इच्छा उत्पन्न होती है, रोगी को खट्टी डकार आने लगती है, रोगी के मुंह में बार बार लार आने लगती है वह थूकने का मन करता है रोगी को सांस लेने में तकलीफ घबराहट भी हो सकती है

क्या-क्या करना चाहिए

जब किसी इंसान का आमाशय फोन नहीं लगता है तब उसको कुछ ऐसी बातों का ध्यान रखना पड़ता है जिससे उसके आमाशय के बढ़ने के ऊपर नियंत्रण किया जा सके इसके लिए उसको कुछ सावधानियां बरतनी होती है जैसे

  • रोगी को अपने भोजन का समय बनाना चाहिए और उसी समय पर भोजन करना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा भूख लगने पर ही भोजन करना चाहिए रोगी को पूरा दिन कुछ ना कुछ खाते नहीं रहना चाहिए
  • रोगी को सोने से लगभग 2 घंटे पहले खाना खाना चाहिए
  • रोगी को खाना खाने के बाद इधर-उधर टहलना चाहिए
  • रोगी को हमेशा सुपाच्य व नरम भोजन का ही सेवन करना चाहिए
  • रोगी को अपने शरीर में कब्ज की समस्या उत्पन्न नहीं होने देनी चाहिए इसके लिए एनिमा लगवाना चाहिए
  • रोगी को हर रोज सुबह-सुबह प्राणायाम व योगासन करने चाहिए
  • रोगी को हर रोज सुबह-सुबह सैर करनी चाहिए

क्या नहीं करना चाहिए

  • रोगी को पूरा दिन एक जगह पर लेटे या बैठे नहीं रहना चाहिए
  • रोगी को खाना खाने के तुरंत बाद सोना नहीं चाहिए
  • रोगी को रात के समय में कुछ भी नहीं खाना चाहिए
  • रोगी को ठूस-ठूस खाना नहीं खाना चाहिए
  • रोगी को भूख से ज्यादा वह बिना समय के खाना नहीं खाना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा कठोर वह तले हुए भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को अपने शरीर में कब्ज की समस्या को उत्पन्न नहीं होने देना चाहिए
  • रोगी को खाली पेट कठोर पदार्थ या मिठाई जैसी चीजों को नहीं खाना चाहिए

इलाज

अगर किसी इंसान का आमाशय फूलने होने लगता है तब उसको घबराने की जरूरत नहीं होती क्योंकि इस समस्या का इलाज भी संभव है इसके लिए आपको सबसे पहले डॉक्टर के पास जाना होगा डॉक्टर आपके पेट का अल्ट्रासाउंड व टेस्ट आदि करेंगे अगर आपके शरीर में सर्जरी की जरूरत है. तब आपको डॉक्टर सर्जरी की सलाह देंगे.

अगर आपको बिना सर्जरी के ठीक किया जा सकता है तब आपको डॉक्टर दवाइयों आदि की सलाह देते हैं लेकिन ज्यादातर लोगों में इस समस्या के उत्पन्न होने पर सर्जरी के ही सलाह दी जाती है जिससे डॉक्टर इस समस्या को आसानी से नियंत्रित कर सकते हैं

लेकिन फिर भी अगर किसी इंसान का अवश्य फूलने लगता है तब उसको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए और डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए क्योंकि यह एक खतरनाक बीमारी है इससे आपकी मृत्यु भी हो सकती है.

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