हिंदी दिवस क्या है यह कब कैसे और क्यों मनाया जाता है

हिंदी दिवस क्या है यह कब कैसे और क्यों मनाया जाता है

दुनिया में बहुत सारे देश हैं और सभी देशों का अलग-अलग खानपान अलग-अलग रहन-सहन, अलग-अलग रीति रिवाज, अलग-अलग भाषा होती है और दुनिया के लगभग सभी देशों के लोग अपनी अपनी रीति रिवाज व अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने में हर साल नए-नए कार्यक्रमों का भी आयोजन करते रहते हैं और दुनिया में कुछ ऐसी भाषाएं भी है जो कि बहुत सारे देशों में बोली जाती है जिसमें सबसे बड़ा नाम इंग्लिश का ही है इंग्लिश दुनिया के हर कोने में बोली जाती है.

इसीलिए दुनिया में सभी जगह पर इंग्लिश में ही काम होता है इसी तरह से किसी देश की राष्ट्रीय भाषा भी उस देश के लिए बहुत ज्यादा महत्व रखती है ज्यादातर देशों में अपनी राष्ट्रीय भाषा में ही काम होता है इसी तरह से भारत में भी ज्यादातर काम हिंदी भाषा में होता है क्योंकि हिंदी भारत की एक राष्ट्रीय भाषा है और भारत के ज्यादातर राज्यों में हिंदी बोली जाती है हालांकि कुछ राज्य ऐसे भी है जहां पर तमिल व मराठी आदि भाषा बोली जाती है लेकिन राष्ट्रीय भाषा होने के कारण हिंदी भारत के सरकारी गैर सरकारी दफ्तरों में इस्तेमाल की जाती है.

हालांकि ज्यादातर काम इंग्लिश में ही होता है लेकिन इंग्लिश एक ऐसी भाषा है जो कि लगभग हर देश के हर कोने में इस्तेमाल की जाती है उसके बाद में भारत में हिंदी का ही इस्तेमाल किया जाता है और भारत में ज्यादातर हिंदी मूवी टेलिविजन प्रोग्राम भी होते हैं और भारतीय लोग हर साल हिंदी भाषा को आगे बढ़ाने के लिए अपने क्षेत्र में अलग-अलग कार्यक्रमों का भी आयोजन करता है भारत सरकार हिंदी भाषा को बढ़ाने के लिए हर साल अलग-अलग कार्यक्रमों का भी आयोजन करती है इसमें सबसे बड़ा नाम हिंदी दिवस का आता है जिसमें हिंदी को बचाने इसको तेजी से आगे बढ़ाने के लिए अलग-अलग बातों पर जोर दिया जाता है तो इस ग्रुप में हम आपको हिंदी दिवस कैसे इस ब्लॉग में हम आपको हिंदी दिवस के बारे में बताने वाले हैं आपको हिंदी दिवस कब और क्यों मनाया जाता है इसके बारे में विस्तार से बताएं.

हिंदी दिवस

हिंदी हमारी राजभाषा है और भारत के लगभग सभी हिस्सों में हिंदी का उपयोग किया जाता है लेकिन आजकल की तेजी से बदलते समय और मानसिकता के कारण बहुत सारे लोग हिंदी भाषा का उपयोग करने में हिचकिचाते हैं कई बार आपने देखा होगा कि बहुत सारे लोग हमारे देश में इंग्लिश में बातें करते हैं और वह चाहे रहते हमारे देश में है लेकिन वह हमारे देश और हमारे देश की संस्कृति से इतना ज्यादा लगाव नहीं रखते आपने देखा होगा कि बड़े बड़े खिलाड़ी और सेलिब्रिटी जब भी कोई इंटरव्यू देते हैं.

तब इंग्लिश में ही देते हैं और बहुत सारे खिलाड़ी और सेलिब्रिटी तो ऐसे हैं जिनको हिंदी बोलना और लिखना भी नहीं आती और इसी बदलती मानसिकता के कारण हमारी कुछ ऐसी संस्कृति और ऐसी चीजें लुप्त हो रही है जिनको हमें बचाने की जरूरत है क्योंकि किसी भी देश की संस्कृति और उसकी भाषा उसके लिए बहुत ज्यादा महत्व रखती है और ऐसा सिर्फ हमारे देश में ही नहीं होता बल्कि दुनिया के हर देश में उसकी संस्कृति और उसकी रीति रिवाज व उसकी भाषा महत्व रखती है इसीलिए दुनिया में लगभग सभी देश अपनी अपनी संस्कृति को बचाने के लिए कोई ना कोई कदम उठाते हैं इसीलिए भारत भी अपनी संस्कृति व अपनी राजभाषा को बचाने के लिए हर साल हिंदी दिवस मनाता है.

हिंदी दिवस मनाने का मकसद हमारी हिंदी भाषा को एक अलग पहचान देना है आपने क्योंकि बहुत सारे लोग अब हिंदी भाषा को इस्तेमाल जरूर करते हैं लेकिन उनको सही से हिंदी बोलना व लिखना नहीं आता और हिंदी दिवस मनाने का मकसद यही है कि हमारे देश का एक एक इंसान हमारी राजभाषा को समझे और उसको लिखना और बोलना आना चाहिए हमारी राजभाषा हिंदी के प्रति  लोगों को जागरूक करने के लिए हिंदी दिवस मनाने का निर्णय लिया गया और हमारी हिंदी भाषा को बचाने के लिए भारत सरकार भी हर साल हिंदी दिवस के अलावा कई ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करती है जिनसे हमारी हिंदी भाषा को दूसरे देशों में भी पहचान मिल सके.

हिंदी दिवस कब मनाया जाता है

जब हमारा देश ब्रिटिश शासन के अधीन था तब हमारे देश में सभी रियासतों व सभी सरकारी व गैर सरकारी दफ्तरों और स्कूलों आदि में ज्यादातर इंग्लिश में ही काम होता था क्योंकि ब्रिटिश लोगों की राजभाषा इंग्लिश थी इसीलिए वे सभी लोग हर जगह पर इंग्लिश का ही इस्तेमाल करते थे और इतने दिनों तक भारत पर शासन करने के बाद अंग्रेज चाहते थे कि यहां के लोग इंग्लिश का ही इस्तेमाल करें

लेकिन जब 1947 में भारत आजाद हुआ तब यहां से अंग्रेज चले गए लेकिन आजादी के बाद भी भारत की बहुत सारी  जगहों पर अंग्रेजी में ही काम होता था और यही बात भारतीय लोगों को पसंद नहीं आई क्योंकि भारतीय लोगों का मानना था कि भारत अब एक आजाद देश है और भारत की अलग रीति रिवाज और अलग भाषा है इसलिए भारतीय लोग चाहते थे कि भारत की राजभाषा को इंग्लिश से बदलकर हिंदी किया जाए और इसी वजह से भारत के अलग-अलग राज्यों में हर दिन लड़ाई दंगे पर आगजनी की घटना सामने आने लगी क्योंकि बहुत सारे लोग इस बात का विरोध भी करते थे

लेकिन हर दिन नई नई घटनाओं को देखते हुए 14 सितंबर 1949 में भारतीय विधानसभा में भारतीय राजभाषा को इंग्लिश से हिंदी करने का निर्णय लिया गया फिर उसके बाद में भारत की राजभाषा को हिंदी कर दिया गया भारत की राजभाषा को हिंदी 14 सितंबर के दिन किया गया था इसी दिन के महत्व को देखते हुए भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाने का निर्णय लिया और फिर 14 सितंबर 1953 को पहली बार भारत में हिंदी दिवस मनाया गया और तब से लगातार हर साल 14 दिसंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है

हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है

हिंदी दिवस को मनाने के पीछे कोई ना कोई वजह जरुर होती है और हिंदी दिवस को मनाने के पीछे भी एक ऐसी ही वजह है क्योंकि हिंदी दिवस मनाने के पीछे हिंदी भाषा को बचाना और हिंदी भाषा को एक अच्छा मुकाम प्रदान करना है क्योंकि भले ही भारत की राजभाषा हिंदी है लेकिन बहुत सारे लोग अब भी हिंदी भाषा को इस्तेमाल करने में हिचकिचाते हैं इसी वजह से हर साल भारत में हिंदी दिवस मनाया जाता है.

ताकि लोगों में हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता पैदा की जा सके और हिंदी भाषा को इस्तेमाल करने के बारे में जानकारी दी जा सके क्योंकि आजकल के समय में बहुत सारे लोग इंग्लिश भाषा को ज्यादा महत्व देते हैं उनका मानना है कि अगर किसी इंसान को इंग्लिश नहीं आती तो कभी कामयाब नहीं हो पाएगा.

लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है भारत की राजभाषा हिंदी है और भारत के बहुत सारे दफ्तरों स्कूल कॉलेज और दूसरे संस्थानों में भी हिंदी भाषा का ही इस्तेमाल किया जाता है हालांकि बहुत सारे इंग्लिश मीडियम स्कूल व ऐसी कंपनियों के दफ्तर है जहां पर सिर्फ इंग्लिश में ही काम किया जाता है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि अगर आपको इंग्लिश आती है तो आपको हिंदी नहीं सीखनी चाहिए आप जितना इस्तेमाल इंग्लिश का करते हैं.

वैसे ही आप हिंदी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं और ऐसा भी नहीं है कि हिंदी दूसरी भाषाओं के मुकाबले में ज्यादा कठिन हो अगर हिंदी भाषा को ध्यान से समझा जाए तो हिंदी एक बहुत ही आसान भाषा है और हिंदी को लिखने का तरीका भी एक बहुत ही सरल है और बोलने में हिंदी भाषा उर्दू भाषा लगभग एक जैसी होती है हालांकि कुछ शब्दों में अंतर होता है.

हिंदी दिवस कैसे मनाया जाता है

वैसे तो हिंदी दिवस को मनाने के पीछे हिंदी दिवस के प्रति जागरूकता पैदा करना ही होता है लेकिन भारत के अलग-अलग राज्यों में हिंदी दिवस अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है हिंदी दिवस के मौके पर स्कूलों में कॉलेजों में कुछ कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जिनमें हिंदी कविताएं हिंदी लेख वाद विवाद और निबंध आदि का आदि की प्रतियोगिता की जाती है तो फिर इन प्रतियोगिताओं में प्रथम आने वालो को कुछ उपहार भी दिए जाते हैं हिंदी दिवस के मौके पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में हिंदी भाषा के महत्व को समझाया जाता है हिंदी भाषा को अलग मुकाम तक पहुंचाने में बहुत सारे लोगों का हाथ रहा है.

क्योंकि भारत में बहुत सारे ऐसे लेखक व कवि पैदा हुए हैं जिन्होंने भारत की हिंदी भाषा के प्रति बहुत ज्यादा काम किया जिनमें मुंशी प्रेमचंद और हरिवंश राय बच्चन जैसे लोग शामिल हैं और हिंदी दिवस के मौके पर इन सभी लेखकों की कहानियां, लेख और संग्रह आदि को भी पढ़ाया लिखाया व सुनाया जाता है अलग-अलग जगहों पर हिंदी दिवस के मौके पर महान लेखकों कवियों व हिंदी भाषा के प्रति अपना योगदान देने वाले लोगों के नाम पर अलग-अलग चौक इमारत व दूसरी चीजों का निर्माण भी किया जाता है और उन लोगों का हिंदी के प्रति योगदान लोगों के सामने रखा जाता है.

तो हम उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा बताए गए हिंदी दिवस के बारे में यह जानकारी आपको पसंद आई होगी तो यदि आपको यह जानकारी पसंद आई और यदि आप ऐसी ही और जानकारियां पाना चाहते हैं तो आप हमारी वेबसाइट को जरूर विजिट करें

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