शक्तिमान का इतिहास

शक्तिमान का इतिहास

शक्तिमान एक बहुत ही पावरफुल और बहुत ही शक्तिशाली सुपर हीरो था और यह बच्चों के मनोरंजन के साथ साथ बच्चों को बहुत अच्छी सीख देता था शक्तिमान TV सीरिज आज से 20 साल पहले शुरु की गई थी और यह आज से 20 साल पहले दूरदर्शन के ऊपर दिखाए जाने वाला पहला सुपर हीरो TV सीरियल था और यह उस समय में बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको बहुत ज्यादा पसंद आता था. और यह उस समय में सभी के दिलों पर राज करता था.

लेकिन आज का समय बहुत ज्यादा बदल चुका है. आज के समय में नई-नई टेक्नोलॉजी और इंटरनेट और स्मार्टफोन आने के कारण हमें यह सीरियल सिर्फ एक मजाक लगता होगा लेकिन उस समय में यह लोगों को बहुत ज्यादा पसंद था और उस समय में इस शो को देखे हुए बिना कोई भी बच्चा नहीं रह सकता था. और इसके साथ-साथ बड़े भी इस सीरियल को बहुत ही चाव के साथ देखते थे और पूरे हफ्ते में सिर्फ यह रविवार को ही आता था. और हर बच्चा पूरे सप्ताह रविवार का ही इंतजार करता रहता था.

शक्तिमान की शुरुआत

शक्तिमान का पहला एपिसोड 13 सितंबर 1997 को चलाया गया जिसको मुकेश खन्ना और दिनकर जानी ने मिलकर बनाया था और मुकेश खन्ना ही भारत के पहले सुपर हीरो थे. जिन्होंने शक्तिमान का रोल निभाया था. और इस टीवी सीरीज के आते ही यह कुछ ही दिनों में बहुत ज्यादा लोकप्रिय हो गई और यह उस समय का सबसे ज्यादा देखे जाने वाला TV शो था. और इस टीवी सीरीज को ग़ालिब असद भोपाली ने लिखा और मोहन पांडे ने लिखा था. और सबसे पहली बार शक्तिमान को दूरदर्शन पर प्रसारित किया गया. लेकिन बस कुछ ही दिनों में यह बहुत ज्यादा लोकप्रिय हो गया और इसके चलते यह अलग-अलग भाषाओं में कई और टीवी चैनल्स पर भी दिखाया जाने लगा. TV सीरियल की सफलता की मुख्य वजह इसकी कहानी थी.शक्तिमान का काम दुनिया की बुराइयों को खत्म करना होता है.

और इस काम को करने के लिए कुछ संतों ने मिलकर एक आम इंसान को चुना. जिसको आगे चलकर कई सुपर शक्तियां मिल जाती है. लेकिन आज के समय में जो सुपर हीरो को पॉवर मिलती है वह या तो एलियंस मिलती है या फिर किसी ऐसी अविश्वसनीय चीज से मिलती है. जिस पर विश्वास नहीं किया जा सकता. लेकिन शक्तिमान को शक्तियां उसकी मेहनत योग और उसके मेडिटेशन से मिलती है. जो कि भारतीय कल्चर को बहुत ही साफ तरीके से प्रदर्शित करता है. इस टीवी सीरीज में रिपोर्टर गीता विश्वास ने उनको शक्तिमान का नाम दिया था और यही नाम आगे चलकर उनकी पहचान बन गया.

इस टीवी सीरीज में शक्तिमान का मुख्य दुश्मन तमराज किलविश होता है. और इस टीवी सीरीज में उसके द्वारा बोला गया डायलॉग अंधेरा कायम रहे पास भी बहुत ज्यादा पॉपुलर है और इस शो में शक्तिमान के और भी कई विलेन थे जिसमें डॉक्टर जैकाल शलाका बिल्ली कपाला. और शक्तिमान सीरीज के अंत में एक छोटा सा पार्ट ऐड किया गया था. जिसे छोटी-छोटी मगर मोटी बातें नाम दिया गया था और यह पाठ बच्चों को मनोरंजन के साथ साथ बहुत ज्यादा सीख भी देता था.

इस टीवी सीरीज में मुकेश खन्ना पंडित गंगाधर विद्याधर माया ओमकार शास्त्री और Shaktimaan का रोल निभाते थे. और इसके साथ-साथ गीता विश्वास का करैक्टर वैष्णवी महंत और इसके अलावा सुरेंद्र पाल ने तमराज किलविश और ललित ने डॉक्टर जैकाल का रोल अदा किया है. शक्तिमान टीवी सीरियल 13 सितंबर 1997 से लेकर 27 मार्च 2005 तक प्रसारित किया गया. जिसमें कि इसके 336 एपिसोड बनाएंगे और शक्तिमान टीवी सीरीज के बंद होने का कारण यह था. कि बच्चे शक्तिमान के बहुत से स्टंट करने लगे थे और इसमें बहुत से बच्चों की जान भी चली गई थी इसलिए इसको बंद कर दिया गया क्योंकि उस टाइम में बच्चों के अंदर शक्तिमान का बहुत ज्यादा क्रेज था.

और इस टीवी सीरीज का अंतिम एपिसोड आज से 13 साल पहले प्रसारित किया गया था. लेकिन आज भी जब Shaktimaan का नाम हमारे सामने आता है तो हमारी यादें वहीं की वहीं और बिलकुल नई दिखाई देती है.

तो आज हमने आपको इस पोस्ट में एक बहुत ही बढ़िया और बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी बताई है. आज हमने आपको इस पोस्ट में शक्तिमान की इतिहास के बारे में बताया तो यदि आपको यह जानकारी पसंद आए तो लाइक और शेयर जरूर करें और यदि आपका इसके बारे में कोई सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके हमसे पूछ सकते हैं.

Leave A Reply

Your email address will not be published.