भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘धर्म निरपेक्ष’ शब्द किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया ?

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Madan Verma Staff asked 3 years ago

भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘धर्म निरपेक्ष’ शब्द किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया ?

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Madan Verma Staff answered 3 years ago

संविधान के 42वें संविधान संशोधन द्वारा धर्मनिरपेक्ष (पंथ निरपेक्ष), समाजवादी और अखण्डता शब्दों को जोड़ा गया। पंथ निरपेक्ष की अवधारणा संविधान में प्रयुक्त “विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता” की पदावली में पहले से ही अंतर्निहित थी। प्रस्तुत संशोधन द्वारा उसे स्पष्ट कर दिया गया है। पंथ निरपेक्ष राज्य से तात्पर्य ऐसे राज्य से है जो किसी विशेष धर्म को राजधर्म के रूप में मान्यता नहीं प्रदान करता बल्कि सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार करता है और उन्हें समान संरक्षण प्रदान करता है। 43वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा 1977 में 42वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़े गये अनुच्छेद 31ग, 32क, 131 क, 228 क अनुच्छेदों को निकाल दिया गया। इस प्रकार उच्चतम और उच्च न्यायालयों की अधिकारिता को पुनः उन्हें प्रदान किया गया। 45वें संविधान संशोधन अधिनियम ने अनुच्छेद 334 में संशोधन करके अनुसूचित जातियों के लिए लोक सभा और राज्य विधान सभाओं में आरक्षण को 30 वर्ष से बढ़ाकर 40 वर्ष कर दिया। प्रारम्भ में यह आरक्षण 10 वर्षों के लिए था। 51वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा अनुच्छेद 330 (1) और 332 (1) में संशोधन किया गया और लोकसभा, असम तथा नागालैण्ड की विधानसभाओं में अनुसूचित जनजाति के आरक्षण की क्षेत्र सीमा को बढ़ाया गया।

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