अपरदन को रोकने और कम करने के कौन-कौन से तरीके हैं ?

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Madan Verma Staff asked 2 years ago

अपरदन को रोकने और कम करने के कौन-कौन से तरीके हैं ? मृदा अपरदन रोकने के उपाय,मृदा अपरदन को परिभाषित कीजिए मृदा अपरदन के प्रकार, मृदा अपरदन रोकने के उपाय मृदा अपरदन क्या होता है

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Madan Verma Staff answered 2 years ago

1.भूमि को समतल करना : – ढालू भूमि से वर्षा का पानी ढाल की दिशा में तेजी से बहता है और तेज़ बहाव के कारण मिट्टी कटकर बहते पानी के साथ बह जाती है। जिससे मृदा अपरदन हो जाता है। अतः भूमि को समतल रखना चाहिए।
2.मजबूत मेडबंदी : – खेत की मेडबंदी करनी चाहिए ताकि खेत से पानी बाहर न बन सके और मिट्टी का कटाव न हो सके।
3.रेतीली भूमि में जीवांश खाद का मिलाना : – रेतीली भूमि हल्की होती है और हल्की मिट्टी पानी के साथ जल्दी बह आती है। अतः रेतीली भूमियों में जीवांश पर्दाथ मिलाना चाहिए ताकि मिट्टी के कण आपस में बंधे रहे तथा मिट्टी पानी के साथ न बह  सके।
4.वनस्पति का उगना : – वह भूमि जिस पर फसल या पौधे नहीं लगाए जाते हैं वर्षा के पानी के साथ बह जाते हैं। पौधे उगने से मिट्टी के कण जड़ों द्वारा मजबूती से बंधे रहते हैं तथा आसानी से बहते पानी के साथ  अलग नहीं होते। अतः वनस्पति उगाकर इसे रोका जा सकता है।
5.भूमि के ढाल के विपरीत फसल उगाना :-  पहाड़ी क्षेत्रों में भूमि प्राय: ढालू होती है । ऐसी भूमियों पर खेत की जुताई ढाल के विपरीत दिशा से करनी चाहिए तथा फसल की कतारें भी ढाल के विपरीत बोनी चाहिए। ढालू भूमि पर पट्टियों से इस प्रकार खेती करनी चाहिए कि प्रत्येक पट्टी एक दूसरे के ऊपर सीढ़ी नुमा हो ताकि पानी तेज़ न बह सके।
6. वायु रोधक पौधे लगाना : – ऐसी जगह जहां भूमि रेतीली हो तथा तेज़ वायु चलती हो , वहां खेतों के चारों ओर लंबे व घने पौधे लगाने चाहिए ताकि वायु का तेज़ प्रभाव भूमि पर न पड़े तथा मिट्टी के कण वायु के साथ न उड़ सके।

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