पारा की खोज किसने की

पारा की खोज किसने की

पारा के बारे में तो हम सभी किताबो में बहुत पढ़ा है और पता है की परा एक तरल धातु है और पारा को “तरल चांदी भी कहा जाता है  और इसका रासायनिक सूत्र Hg होता है और इसकी खोज किसने की इसके बारे में कहना थोडा मुस्किल है लकिन कहा जाता है की पारा  3,500 साल से अधिक पहले मिस्र के मकबरों में पाया गया था और इसको प्राचीन समय में चीनी और हिंदुओं ने खोजा था , जब Alchemists (रसायन बनानेवाला) सोने और चांदी की खोज करने की कोशिश कर रहे तो उनको पारे के रूप में एक धातु प्राप्त हुई पारा प्रकृति में मुक्त नहीं पाया जाता है और मुख्य रूप से खनिज सिंगरिफ से मिली हुई होती  है। लगभग 50 % पारा स्पेन और इटली द्वारा निर्मित है पारा केवल कमरे के तापमान पर तरल रहता है |

वैसे पारा बेहद जहरीला होता है लेकिन  पारा की ओषधियाँ शरीर की व्याधियाँ दूर करने के लिये बनाई गई हैं। तांत्रिक काल के ग्रंथों में पारा के लिये ‘रस’ शब्द का उपयोग हुआ है। आज पुस्तको के अनुसार पारा से  केवल अन्य धातुओं के गुण ही नही सुधर सकते हैं बल्कि इससे  उसमें मनुष्य के शरीर को स्वस्त बनाने की शक्ति है तत्व है, क्योंकि यह आसानी से विभिन्न अन्य धातुओं के साथ मिला सकते हैं तो  लाभप्रद उपयोग करता है। पारा युक्त तत्व  विभिन्न यौगिकों चिकित्सा प्रयोजनों के लिए इस्तेमाल किया जाता है  पारा, कहा जाता amalgams के मिश्र, दांत fillings में इस्तेमाल कर रहे हैं। और पारा बिजली का सुचालक होता है उसके तापमान और दबाव पर निर्भर करता है एक उम्मीद के मुताबिक इसकी  क्षमता प्रयोगशाला में  थर्मामीटर और बैरोमीटर में मापी जाती है। पारा के सोने के साथ मिलाने की क्षमता होती है इसलिए इसका उपयोग  अयस्कों से सोना निकालने के लिए किया जाता है।

पारा के उपयोग

पारा के अनेक यौगिक औषध रूप में उपयोगी हैं जैसे मरक्यूरिक क्लोराइड, बेंजोएट, सायनाइड, सैलिसिलेट, आयोडाइड आदि कीटाणुनाशक गुणवाले औषध बनाई जाती हैं मरक्यूरोक्रोम चोट आदि में लगाया जाता है और  इसके कुछ यौगिक चर्मरोगों के लिए भी उपयोग किये जाते है |

पारा द्रव अवस्था में होता है और उच्च घनत्व और न्यून वाष्पदबाव के कारण पारा का उपयोग थर्मामीटर, बैरोमीटर, मैनोमीटर तथा अन्य मापक उपकरणों में होता है  पारा का उपयोग अनेक लपों तथा विसर्जन नलिकाओं में भी होता है। ऐसी आशा है कि परमाणु ऊर्जा द्वारा चालित यंत्रों में पारा का उपयोग बढ़ेगा, क्योंकि इसके वाष्प द्वारा ऊष्मा स्थानांतरण सुगमता से हो सकता है पारा के स्पेक्ट्रम की हरी रेखा को तरंगदैर्ध्य मापन में मानक माना गया है।

पारा के दोष

पारा थर्मामीटर का पारा फ्रीजिंग पॉइंट जो शून्य होता है उस से 38.83 डिग्री सेल्सियस या माइनस 37.89 डिग्री फारेनहाइट के नीचे होता है और पारा वाष्प  बहुत जल्दी होता और इसलिए  पारा के साथ शारीरिक संपर्क बहुत खतरनाक हैंपारा वाष्प  द्वारा  हमारे साँस नली के द्वारा शरीर में प्रवेश कर हानि करता है इस कारण पारद के साथ कार्य करने में सावधानी बरतनी चाहिए पारद के यौगिक ज्यादातर विषैले होते हैं, जिनके द्वारा मृत्यु हो सकती है

Symbol: Hg
Melting point: -38.83 °C
Atomic mass: 200.59 u ± 0.02 u
Boiling point: 356.7 °C
Atomic number: 80
Electron configuration: [Xe] 4f145d106s2

यदि पारा गलती से शरीर में चला जाये तो क्या करे

यदि गलती कोई पारा खा ले, तो तुरंत डाक्टर को बुलाना चाहिए और  दूध या कच्चा अंडा खिलाकर, गैस्ट्रिक नलिका द्वारा पेट की शीघ्र सफाई करने से विष का प्रभाव कम हो जाता है और यदि पास में होस्पिटल हो तो जल्दी से जाये|

यह भी देखे

इस पोस्ट में आपको पारा के गुण पारा कैसे बनता है पारा से नुकसान पारा कितना खतरनाक है पारा खाने से क्या होगा शरीर पर पारा प्रभाव पारा की कीमत पारा खाने से मौत के बारे में बताया गया है अगर इसके अलावा आपका कोई भी सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट करके जरूर पूछें. और इस पोस्ट को शेयर जरूर करें ताकि दूसरे भी इस जानकारी को जान सकें.

6 Comments

  • Agar koi thermometer tode kar usme se para khale or uske sath 7 years tak usko kuch na hua to?? Qki mene bachpan me para khaya tha. Or Chekcup b nhi karvaya abi tak..to aage b kuch hone ka chance hai kya..plz sir mujhe reply jarur karna

    • Abhi tak kuch nahi hua to Aage bhi kuch nahi hoga.. Baki Agar Aapko Chnita Hai to Aap EK baar Chekup karwa sakte hai

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