सूक्ष्मदर्शी की खोज किसने की

सूक्ष्मदर्शी की खोज किसने की

साइंस में हुए आविष्कारों में बहुत से ऐसे आविष्कार है जिन्होंने दुनिया को चमका दिया और उनका इतना ज्यादा इस्तेमाल हुआ की दुनिया को आगे ले जाने में उनके बिना शायद मुश्किल ही था कई अविष्कारों से इतना फायदा नहीं हुआ हमें लेकिन कुछ अविष्कारों से इतना ज्यादा फायदा हुआ कि अगर मैं आज का आज की दुनिया में ना होते तो शायद हम इतने आगे नहीं होते साइंस एक ऐसा विषय है.साइंस के कई ऐसे आविष्कारों ने दुनिया के झूठ को सच कर दिया है लोग मानते थे कि पृथ्वी घूमती नहीं है लेकिन साइंस ने साबित कर दिया कि पृथ्वी घूमती है.

इसके अलावा और भी बहुत सी बातें हैं जो कि साइंस ने सत्य कर दिखाई जैसे की पहले यह नहीं माना जाता था कि हवा में जीवाणु होते हैं और उनके कारण बीमारी होती है लेकिन साइंस ने यह भी सत्य कर दिखाया साइंस धरती से लेकर सौर मंडल के सभी चीजों के बारे में ज्ञान रखता है जैसे मान ले अगर बहुत ही छोटे छोटे सूक्ष्म जीवाणु हैं हमें उन को देखना है तो हम सूक्ष्म दर्शी का इस्तेमाल करते हैं सूक्ष्म दर्शी साइंस का एक ऐसा अविष्कार है जो कि सांस को बदलने में बहुत काम आया और इससे बहुत सी बीमारियों का पता भी लगाया गया क्योंकि सूक्ष्म दर्शी एक ऐसा यंत्र है

जो की बहुत ही सूक्ष्म जीवों को देख सकता है और वह भी  बड़े साइज के साथ और उनसे पता लगाया जाता है कि यह किस चीज जाने किस बीमारी के जीवाणु हैं सूक्ष्म दर्शी बहुत ही महत्व रखता है जब किसी सूक्ष्म चीज को देखना पड़ता है क्योंकि कई चीजें इतनी ही सूक्ष्म होती है कि हम उन्हें नंगी आंखों से नहीं देख सकते तो आज हम आपको इस पोस्ट में सूक्ष्म दर्शी का आविष्कार कैसे हुआ और किसने किया इसके बारे में जानकारी देंगे क्योंकि सूक्ष्म दर्शी के बारे में जानना हमारे लिए बहुत ही आवश्यक है सूक्ष्मदर्शी को इंग्लिश में माइक्रोस्कोप कहा जाता है.

सूक्ष्मदर्शी (माइक्रोस्कोप) वह यंत्र है जिसकी सहायता से आँख से न दिखने योग्य सूक्ष्म वस्तुओं को भी देखा जा सकता है सूक्ष्मदर्शी की सहायता से उन जीवो को भी देख सकते है जिन्हें हम खुली आँखों से नही देख सकते है सूक्ष्मदर्शी की इतिहास करीब 400 साल पहले हुई थी सूक्ष्मदर्शी का अविष्कार सबसे पहले नीदरलैण्ड में सन 1600 में हुआ था  इसकी खोज Zacharias Janssen ने की थी

सूक्ष्मदर्शी का उपयोग  विज्ञान मुख्य प्रयोग जीव विज्ञान में किया जाता है। विश्व भर में रोगों के नियंत्रण और नई औषधियों की खोज के लिए माइक्रोस्कोपी का सहारा लिया जाता है और शुरु की सूक्ष्मदर्शी तो इतनी खास नही थी पर बाद में इनमे सुधार होता गया और अलग अलग प्रकार की सूक्ष्मदर्शी आती गयी आज बहुत ही आधुनिक सूक्ष्मदर्शी बनाई जा रही है

सूक्ष्मदर्शी के उपयोग

आज सूक्ष्मदर्शी का उपयोग वस्तुओं को देखने के लिए ही नहीं होता वरन्‌ द्रव्यों के कणों के मापने, गणना करने और तौलने के लिए भी इसका उपयोग हो रहा है।  आज सूक्ष्मदर्शी का उपयोग कायचिकित्सा (Medicine), जीवविज्ञान (Biology), शैलविज्ञान (Perology), मापविज्ञान (Metrology), क्रिस्टलविज्ञान (Crystallography) एवं धातुओं और प्लास्टिक की तलाकृति के अध्ययन में व्यापक रूप से ही हो रहा है

सूक्ष्मदर्शी का उपयोग सबसे ज्यादा विज्ञानं के  क्षेत्र में सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है और सूक्ष्मदर्शी के खोज के बाद विज्ञानं के  क्षेत्र में एक क्रांति सी आ गयी क्योकि जो चीज हम नंगी आँखों से नही देख सकते थे आज सूक्ष्मदर्शी की सहायता से देख सकते है |

चिकित्सा लाइन में भी सूक्ष्मदर्शी का उपयोग किया जाता है और बहुत उपयोग किया जाता है विश्व भर में रोगों के नियंत्रण और नई औषधियों की खोज के लिए माइक्रोस्कोपी का सहारा लिया जाता है

सूक्ष्मदर्शी के प्रकार

  • प्रकाशकीय सूक्ष्मदर्शी
  • इलैक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी
  • परमाण्विक बल सूक्ष्मदर्शी यंत्र
  • घर्षण बल सूक्ष्मदर्शी यंत्र
  • अवलोकन टनलिंग सूक्ष्मदर्शी यंत्र
  • अवलोकन अन्वेषिका सूक्ष्मदर्शी यंत्र
  • अवलोकन वोल्टता सूक्ष्मदर्शी यंत्र

यह भी देखे

तो हमने आज आपको इस पोस्ट में सूक्ष्म दर्शी के बारे में जानकारी दी सूक्ष्म दर्शी क्या होता है और यह किस लिए बनाया गया तो यदि आपको यह जानकारी पसंद आए तो शेयर करना ना भूलें यदि आप इसके बारे में कोई सवाल है सो जाओ पूछना चाहते हैं तो नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं.

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