ISO BIS ISI Certificate क्या होता है

ISO BIS ISI Certificate क्या होता है

ISO 9000 सर्टिफिकेट गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली मानकों का हिस्सा है. जो कि यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी Company द्वारा बनाया गया प्रोडक्ट एक ग्राहक के लिए बिल्कुल सही है या ग्राहक की सभी जरूरतों को पूरा करता है. दुनिया में ऐसी लाखों कंपनियां हैं जिनके पास आईएसओ सर्टिफिकेट है. लेकिन यह सर्टिफिकेट कुछ कंपनियों के लिए यह उपयोगी होता है और कुछ के लिए यह उपयोगी नहीं होता.

1987 में सबसे पहले आईएसओ द्वारा सबसे पहला ISO 9000 सर्टिफिकेट जारी किया गया था. यह सर्टिफिकेट BS 5750 series का था. जो कि BSI के अंतर्गत आता है लेकिन 1979 में इसका प्रस्ताव आईएसओ द्वारा किया गया था.यह सर्टिफिकेट किसी भी प्रोडक्ट के लिए नहीं दिया जाता बल्कि यह उस कंपनी को दिया जाता है जो कंपनी वह प्रोडक्ट बनाती है. और यही सर्टिफिकेट कुछ उत्पाद के सही होने का प्रमाण होता है.इस सर्टिफिकेट से पता चलेगा कि इस कंपनी का उत्पाद बिल्कुल उपभोक्ता के अनुसार है और वह उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित और उनकी जरूरत को पूरा करने वाला है.

ISO ka full form kya hai

बहुत सारे लोगों को नहीं पता कि iso ka full form kya hai. तो हम आपको बता देते हैं कि आईएसओ का पूरा नाम (अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन) International Organization for Standardization होता है.और यही संगठन किसी भी कंपनी के प्रोडक्ट को आईएसओ 9001 प्रमाण पत्र दे सकता है.

ISO 9001 kya hai

ISO 9001 यह भी सर्टिफिकेट किसी भी प्रोडक्ट की गुणवत्ता को जांचने के लिए दिया जाता है. इस सर्टिफिकेट से यह पता चलता है कि वह प्रोडक्ट कितना अच्छा और उपभोक्ता के लिए कितना सही है तो जिस भी प्रोडक्ट पर यह सर्टिफिकेट मिलता है वह प्रॉडक्ट एक उपभोक्ता के लिए बिल्कुल सही होता है. आपने कई जगह लिखा हुआ देखा होगा कि ISO 9001:2008  या ISO 9001:2015 तो यह दोनों ही सर्टिफिकेट एक काम के लिए किए जाते हैं लेकिन ISO 9001:2008 वाला मानक पुराना हो चुका है और अभी जो नया आया है वह है ISO 9001:2015 तो अब अगर किसी भी प्रोडक्ट को आय एस ओ का सर्टिफिकेट दिया जाएगा तो उस पर आपको ISO 9001:2015 लिखा हुआ मिलेगा. जोकि नए मापदंडों के अनुसार होगा.

BIS kya hai

बीआईएस के बारे में तो आपने जरूर सुना होगा जिस का पूरा नाम लिया फुल फॉर्म है Bureau of Indian Standards. यह भारतीय मानक ब्यूरो हॉलमार्क है जोकि बहुमूल्य धातुओं पर मोहर द्वारा लगाया जाता है जैसे कि प्लेटिनम, स्वर्ण, रजत इत्यादि.बहुमूल्य धातुओं में मिलावट को रोकने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है ताकि सभी बहुमूल्य धातुएं ज्यादा से ज्यादा शुद्ध होने का प्रमाण पा सके.

यह चिन्ह सभी धातुओं पर एक कोड के रूप में लगाया जाता है ताकि यह पता चल सके कि इसमें कितना भाग शुद्ध धातु का है और इसमें कितनी मिलावट है.भारत में सोने को 22 कैरेट में मापा जाता है और इसके ऊपर यह अंक लगाया जाता है जैसे कि 966 . तो इसका मतलब है कि इसमें 96.6% शुद्ध सोना है. इसी तरह अलग अलग प्रतिशत के लिए अलग-अलग लगाए जाते हैं.

  • 375 का अर्थ 37.5 % शुद्ध सोना
  • 585 का अर्थ 58.5 % शुद्ध सोना
  • 750 का अर्थ 75.0 % शुद्ध सोना
  • 916 का अर्थ 91.6 % शुद्ध सोना
  • 990 का अर्थ 99.0 % शुद्ध सोना
  • 999 का अर्थ 99.9 % शुद्ध सोना

किसी भी धातु पर हॉल मार्किंग की यह सुविधा बहुत पुरानी है और अलग अलग देशों में अलग अलग तरह के हॉल मार्क किए जाते हैं जिससे कि उस्तादों के गुणवत्ता को मापा जा सके.

ISI mark Kya Hai

भारत में आपने ऐसे बहुत सारे प्रोडक्ट देखे होंगे जिनके ऊपर आपको आई एस आई मार्क लगा हुआ मिलेगा. तो इसका पूरा नाम या फुल फॉर्म Indian Standard Institute. और यह सर्टिफिकेट का भारत में बन रहे इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट के लिए दिया जाता है. और आईएसआई को BIS के रूप में भी जाना जाता है जिसके बारे में हमने ऊपर बताया है. और यह सर्टिफिकेट सबसे पहले 1986 में जारी किया गया था. और जिस भी प्रोडक्ट को यह सर्टिफिकेट दिया जाता है वह बीआईएस के द्वारा बनाए गए सभी स्टैंडर्ड के अनुरूप है.

इस पोस्ट में आपको iso Certificate kya hai iso kya hota hai iso 9001 kya hai iso certificate kya hai  bis क्या है bis kya hai के बारे में बताया गया है अगर इसके अलावा आपका कोई भी सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट करके जरूर पूछें.

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