इलेक्ट्रॉन की खोज किसने की और कब की

इलेक्ट्रॉन की खोज किसने की और कब की

इलेक्ट्रॉन एक परमाणु में नकारात्मक चार्ज कण है और इलेक्ट्रॉन परमाणु मे नाभिक के चारो ओर चक्कर लगाता हैं और इलेक्ट्रॉन का आवेश को ऋणात्मक माना जाता है और इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान सबसे छोटे परमाणु हाइड्रोजन  से भी हजार गुना कम होता है और इलेक्ट्रॉन अपनी कक्षा में बराबर घूमता रहता है ।

और इलेक्ट्रॉन, लेप्टॉन परिवार के प्रथम पीढी का कण है, और आम तौर पर प्राथमिक कणों के रूप में माना जाता है क्योंकि उनके पास कोई ज्ञात घटकों या आधार नहीं है और इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान लगभग 1/1836 है और इलेक्ट्रॉन के Quantum यांत्रिक गुणों में आधे-पूर्णांक मूल्य का एक आंतरिक कोणीय गति (स्पिन) शामिल है,

कोई भी दो इलेक्ट्रॉन एक ही Quantum स्थिति पर कब्जा नहीं कर सकते और सभी पदार्थों की तरह, इलेक्ट्रॉनों में कणों और तरंगों के गुण होते हैं: वे अन्य कणों के साथ टकरा सकते हैं और प्रकाश की तरह फैल सकते है इलेक्ट्रॉनों की तरंग गुणों को न्यूट्रॉन और प्रोटॉन जैसे अन्य कणों की तुलना में प्रयोगों के साथ लगाना पड़ता है क्योंकि इलेक्ट्रॉनों का कम द्रव्यमान होता है   इलेक्ट्रोन कई भौतिक घटनाओं, जैसे बिजली, चुंबकत्व और तापीय चालकता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं,

और किसी भी परमाणु में इलेक्ट्रॉन की संख्या और प्रोटानों की संख्या के बराबर होती है  लेकिन इनकी आंतरिक संरचना ज्ञात नहीं है इसलिए इसे  मूलभूत कण माना जाता है और  इलेक्ट्रॉन की  आंतरिक प्रचक्रण 1/2 होती है,और यह  फर्मीय होते है इसलिए यह इलेक्ट्रॉन का प्रतिकणपोजीट्रॉन कहलाता है लेकिन द्रव्यमान के अलावा पोजीट्रॉन के सारे गुण यथा आवेश इत्यादि इलेक्ट्रॉन के बिलकुल विपरीत होते है। जब इलेक्ट्रॉन और पोजीट्रॉन की टक्कर होती है तो दोंनो बिलकुल नष्ट हो जाते है और दो फोटॉन उत्पन्न होती है।

इलेक्ट्रॉन बहुत सी भौतिकी घटनाओं में अपनी अहम भूमिका निभाता है जैसे विद्युत ऊष्मा चालकता ,और चुंबकत्व, इलेक्ट्रॉनिक एकदम तीव्रता  से काम करता है तो फोटान के रूप में ऊर्जा का उत्सर्जन करता है और प्रोटोन और  न्यूट्रॉन के साथ मिलकर एक परमाणु का निर्माण करते  है लेकिन इलेक्ट्रॉन परमाणु के कुल द्रव्यमान का कम से कम 0.06  प्रतिशत होता है |

पहले इलेक्ट्रॉन का नाम विद्युदणु था विद्युदणु की कण के रूप में पहचान की जाती थी और इस नाम के रूप पहचान  जे जे थॉमसन (J J Thomson) और उनकी विलायती भौतिकविद दल ने की थी लेकिन बाद में आइरिस भौतिकविद जॉर्ज जॉनस्टोन स्टोनी (George Johnstone Stoney) ने एलेक्ट्रों नाम का सुझाव दिया था।

इलेक्ट्रॉन की खोज

इलेक्ट्रान की खोज  सबसे पहले प्रसिद्ध ब्रिटिश भौतिक वैज्ञानिक जेजे थामसन ने की थी  और जेजे थामसन ने सबसे पहले ड रे ट्यूब पर कई प्रयोग किए इसके जरिए उन्होंने 1897 में इलेक्ट्रॉन की खोज की जेजे थामसन की इस खोज ने विज्ञान की दुनिया में क्रांति ला दी  इलेक्ट्रान और गैसों में विद्युत के चालन पर उनके काम को लेकर उन्हें वर्ष 1906 में भौतिक शास्त्र में नोबेल पुरस्कार मिला 35 वर्ष तक कैवेंडिश    प्रयोगशाला में निदेशक के साथ उनके सहयोगियों को भी नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था

और उनके एक पुत्र जार्ज पेगेट थामसन और एक पुत्री जोन पेगेट थॉमसन थी  उनके पुत्र को भी इलेक्ट्रान में तरंग जैसे गुणों को साबित करने के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था

और जे जे थॉमसन ने इसके बाद इलेक्ट्रॉन पर बहुत से रिसर्च किए और उन्होंने सन 1905 में  थामसन ने पोटैशियम की प्राकृतिक रेडियो सक्रियता की खोज की थी उन्होंने बताया था कि सबसे छोटे परमाणु हाइड्रोजन के प्रत्येक परमाणु में एक इलेक्ट्रान होता है

और सन ,1909 में, अमेरिकी भौतिक विज्ञानिक R. Millikan ने नकारात्मक चार्ज किए गए तेल की बूंदों का उपयोग करके एक इलेक्ट्रॉन का प्रभार मापा था और  एक इलेक्ट्रॉन के मापा प्रभार (ई) -1.60 × 10-19-1.60 × 10-19 Coulombs है

इलेक्ट्रॉन के मापा प्रभार का प्रयोग करके जे.जे. थॉमसन के कैथोड ray प्रयोग द्वारा दिए गए और  ई / मीटर अनुपात से इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमान की गणना कर सके थे और इसका द्रव्यमान ;

Em = -1.76 × 108 मिमी = -1.76 × 108 कॉलॉब-प्रति-ग्राम

एम = ई -176 × 108 एम = ई -176 × 108
डाल ई = -1.60 × 10-19e = -1.60 × 10-19 Coulomb,

मी = 9.1 × 10-28 मी = 9.1 × 10-28 ग्राम

और बाद में इलेक्ट्रॉन के ऊपर बहुत से विज्ञानिकों ने प्रयोग किए और अपने अपने परमाणु मॉडल तैयार किए  सन ,1914 तक, भौतिक विदों अर्नेस्ट रदरफोर्ड, हेनरी मोसेली, जेम्स फ्रैंक और गुस्ताव हर्ट्ज़ द्वारा प्रयोगों ने बड़े पैमाने पर कम-द्रव्यमान इलेक्ट्रॉनों से घिरे सकारात्मक  घने केंद्र के रूप में एक परमाणु की संरचना की स्थापना की थी

रदरफोर्ड ने  अपने परमाणु मॉडल के अंदर प्रयोग करने के लिए सोने की पतली पन्नी का इस्तेमाल किया यह सोने की पन्नी 1000 परमाणुओं के बराबर  मोटी थी रदरफोर्ड  यह जानना चाहते थे इलेक्ट्रॉन परमाणु के भीतर कैसी व्यवस्थित होती है और सन , 1913 में, डेनमार्क के भौतिक विज्ञानी नील्स बोहर ने अपना परमाणु मॉडल प्रस्तुत किया |

हमने क्या सीखा है

  • इलेक्ट्रॉन कैथोड रे ट्यूब (सीआरटी) प्रयोग में जे। थॉमसन द्वारा खोजा गया
  • इलेक्ट्रॉनों का चार्ज-टू-मास अनुपात -176 × 108-1.76 × 108 सी / ग्राम के साथ नकारात्मक होता है
  • तेल ड्रॉप प्रयोग में R. Millikan द्वारा एक इलेक्ट्रॉन का प्रभार मापा गया था।
  • एक इलेक्ट्रॉन का प्रभार -1.60 × 10-19-1.60 × 10-19 सी है
  • एक इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान 9.1 × 10-289.1 × 10-28 ग्राम है।
  • इलेक्ट्रॉन हाइड्रोजन की तुलना में लगभग 20002000 बार हल्का होता है।

यह भी देखें ;

उम्मीद है कि हमारे द्वारा बताई गई इलेक्ट्रॉन के बारे में जानकारी आपको अच्छी लगेगी और आपके काम आएगी यदि कुछ पूछना होतो कमेन्ट करे और जानकारी अच्छी लगे तो शेयर करना न भूले |

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