Answer for महासागरों में ज्वार-भाटा की उत्पत्ति के क्या कारण है?

चन्द्रमा एवं सूर्य की आकर्षण शक्ति के कारण सागरीय जल के नियमित रूप से ऊपर उठने तथा नीचे गिरने को ज्वार-भाटा कहा जाता है। चन्द्रमा, सूर्य की ज्वारोत्पादक शक्ति में 11:5 का अनुपात पाया जाता है अर्थात् चन्द्रमा की ज्वारोत्पादक शक्ति सूर्य की तुलना में 2.17 गुनी अधिक है। चन्द्रमा सूर्य से आकार में छोटा होने के बावजूद अधिक निकट होने के कारण सूर्य की तुलना में अधिक आकर्षण बल पृथ्वी पर डालता है। एक दिन में प्रत्येक स्थान पर दो बार ज्वार एवं दो बार भाटा पृथ्वी की घूर्णन गति के कारण आता है। पृथ्वी को अपनी धुरी पर चक्कर लगाने में 24 घंटे का समय लगता है अतः प्रत्येक स्थान पर ज्वार का अंतराल 12 घंटे होना चाहिए परन्तु यह अंतराल 12 घण्टे 26 मिनट का होता है। इसका कारण पृथ्वी का घूर्णन एवं चन्द्रमा का परिक्रमण है। स्पष्ट है कि किसी पर ज्चार एवं भाटे के बीच का अंतराल 6 घण्टे 13 मिनट होता है।