Answer for मनुष्य की आँख में प्रकाश तरंगे किस स्थान पर स्नायु उद्वेगों में परिवर्तित होती हैं?

मानव नेत्र एक कैमरा की भाँति है जिसमें एक लेंस निकाय होता है जो नेत्र के अंदर एक प्रकाश सुग्राही पर्दे पर जिसे रेटिना या दृष्टिपटल कहते हैं उल्टा तथा वास्तविक प्रतिबिम्ब बनाता है। रेटिना एक कोमल सूक्ष्म झिल्ली होती है जिसमें विशाल संख्या में प्रकाश सुग्राही कोशिकाएँ होती हैं। इसमें संश्लाका तथा शंकु होते हैं जो विद्युत तंत्रिका स्पंद उत्पन्न कर क्रमशः प्रकाश की तीव्रता तथा वर्णों पर अनुक्रिया करते हैं।