Answer for भक्ति संस्कृति का भारत में पुनर्जन्म कब हुआ?

भक्ति संस्कृति का भारत में पुनर्जन्म पंद्रहवीं और सोलहवीं शताब्दी ईस्वी में हुआ भक्ति, संस्कृति गीता की देन है, जिसमें ईश्वर के प्रति सम्पूर्ण समर्पण की बात कही गई है। गीता में हमें कर्मयोग एवं भक्तियोग का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। परन्तु भक्ति संस्कृति या भक्ति आंदोलन का पुनर्जन्म पंद्रहवीं एवं सोलहवीं शती में हुआ, जबकि कबीर, नानक, सूर, तुलसी, चैतन्य एवं मीरा ने जन्म लेकर भक्ति आंदोलन का व्यापक प्रसार किया। कबीर सिकंदर लोदी के समकालीन थे।