Answer for दीर्घ रेडियो तरंगें पृथ्वी की किस सतह से परावर्तित होती हैं ?

आयनमण्डल (Inosphere) को मुख्यतः दीर्घ रेडियो तरंगों के परावर्तन मण्डल के रूप में ही जाना जाता है। यह मण्डल धरातल से 80-640 किमी. की ऊँचाई तक विस्तृत है। इस भाग में विस्मयकारी विद्युतीय एवं चुम्बकीय घटनायें घटित होती रहती हैं। ब्रह्माण्ड किरणों (Cosmic rays) का परीक्षण भी यहीं होता है। आयनमण्डल में पुनः तीन उपमण्डल होते हैं। क्षोभमण्डल (Troposphere) को परिवर्तन मण्डल भी कहा जाता है। यह वायुमण्डल के सबसे निचले भाग पर पाया जाता है। धरातल से इसकी ऊँचाई 12 किमी. मिलती है। सभी मौसमी घटनाएं इसी मण्डल में घटित होती हैं। परिवर्तनमण्डल और समतापमण्डल के बीच 1.5 किमी. मोटी ट्रोपोपॉज सीमा मिलती है। जिसे क्षोभ सीमा भी कहा जाता है। क्षोभसीमा के ऊपर समतापमण्डल पाया जाता है। यह धरातल से 25-1 30 किमी. की ऊँचाई तक पाया जाता है। क्रिचफील्ड के अनुसार समतापमण्डल की ऊपरी सीमा 80 किमी. तक बताई जाती है जबकि स्ट्रालर के अनुसार यह ऊँचाई 50 किमी. तक मिलती है।