Answer for ‘अनवर-ए-सुहैली’ ग्रंथ किसका अनुवाद है?

अकबर ने एक अनुवाद विभाग की स्थापना की थी। इस विभाग के अंतर्गत संस्कृत, तुर्की तथा अरबी आदि भाषाओं के अनेक ग्रंथों का फारसी अनुवाद हुआ। फैजी ने लीलावती का अनुवाद तथा बदायूँनी ने महाभारत का ‘फारसी अनुवाद ‘रज्मनामा’ तैयार किया। अबुल फजल ने भी अनेक संस्कृत ग्रंथों का फारसी अनुवाद किया। उसने संस्कृत ग्रंथ ‘पंचतंत्र’ का फारसी अनुवाद कर उसका नाम ‘अनवार-ए-सुहेली’ रखा। बदायूँनी और कुछ अन्य लेखकों ने मिलकर ‘रामायण’ का भी अनुवाद किया। ‘अयार-ए-दानिश’ नाम से मौलना हुसैन फैज ने भी ‘पंचतंत्र का भी फारसी अनुवाद किया था।