भारत के 6 लुप्त खजाने

भारत के 6 लुप्त खजाने

भारत एक धार्मिक और सामाजिक संस्कृति वाला देश है इसके अंदर बहुत ही बड़े-बड़े राजा-महाराजा पैदा हुए और बहुत ही ज्ञानी भी पैदा हुए हैं और इसके अंदर सभी तरह की प्रजा रहती है लेकिन भारत के अंदर सबसे ज्यादा पर जा अपने धार्मिक और सामाजिक त्यौहारों के ऊपर सिर्फ एक ही चीज का इस्तेमाल ज्यादा करती है वह है सोना हमारे देश के अंदर सबसे ज्यादा सोने चांदी के गहनों का दहन किया जाता है जो कि दुनिया के अंदर शायद किसी भी देश के अंदर नहीं किया जाता होगा इतना सोने और चांदी का इस्तेमाल क्योंकि भारत के अंदर पुराने समय से बहुत ज्यादा सोने का और चांदी का इस्तेमाल होता आ रहा है

यह कोई नई बात नहीं है कि भारत के अंदर ऐसी औरतें गहने पहनती है बल्कि आज के समय में तो भारत के अंतर्गत कम पहनती है लेकिन पुराने समय में जब महाराजा और राजाओं का टाइम हुआ करता था उस समय में राजा महाराजा के समय में उनकी पत्नियां बहुत ज्यादा कहने पहनती थी और वह सिर्फ सोने और चांदी के गहने होते थे क्योंकि भारत के अंदर सबसे ज्यादा सोना पाया जाता था लेकिन समय के साथ साथ सोना और चांदी पता नहीं कहां चला गया है और अब तो भारत के अंदर बहुत कम है सोना चांदी रह गया है एक समय भारत सोने की चिड़िया हुआ करता था और भारत का दूसरा नाम सोने की चिड़िया इसलिए था क्योंकि भारत के अंदर दुनिया का सबसे ज्यादा सोना और चांदी पाया जाता था और भारत के लोगों द्वारा इसका इस्तेमाल भी किया जाता था लेकिन कुछ समय ऐसा आया जो कि भारत के अंदर से सोना चांदी गायब कर दिया गया गायब नहीं बल्कि भारत को लूट लिया गया और भारत पर सोने और चांदी के लिए ऐसे बहुत से आक्रमण हुए जिससे कि भारत की संस्कृति और सभ्यता को भी नुकसान पहुंचा और बहुत से देश के राजा महाराजाओं नेपाल के ऊपर आक्रमण करके उसका सोना और चांदी इंडिया और उनके बाद तो ब्रिटिश सरकार भी भारत के अंदर से बहुत सोना अपने देश में ले

गई पहले राजा महाराजाओं के समय में सोने के सिक्कों और उद्यानों का ही इस्तेमाल करते थे और आज के समय में भी भारत के अंदर सोना बहुत ज्यादा है इसलिए भारत के लोग सोने और चांदी के गहनों का इस्तेमाल करते हैं और भारत के अंदर अभी भी ऐसे बहुत से खजाने दबे हुए हैं जिनके अंदर अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता कि कितना सोना और चांदी होगा लेकिन वह अभी खजाने दबे हुए हैं और कभी-कभी ऐसे खजाने भारत के अंदर खुदाई के दौरान मिल भी रहे हैं जिनसे की अंदाजा और भी हमारा बढ़ जाता है कि हमारा देश एक सचमुच में ही सोने की चिड़िया हुआ करता था तो आज हम आपको कुछ ऐसे छह बड़े तो आज हम आपको इस पोस्ट के अंदर कुछ ऐसे बड़े खजाने के बारे में बताएंगे जो कि अभी तक जगे हुए हैं और उनका कोई पता नहीं है अभी तक खजाने बिल्कुल लुप्त खजाने हैं

और कभी भी आपको भारत के अंदर बहुत से ऐसे लोग खजाने के बारे में नहीं पता होगा जो कि भारत के अंदर अभी भी है तो आज हम आपको इस पोस्ट में उन्हीं के बारे में आपको जानकारी देंगे जो कि भारत के बिल्कुल लुप्त खजाने हैं और किसी को शायद इतने खजाने का अंदाजा भी नहीं होगा और ना ही आपने कभी इन बातों के बारे में सुना होगा भारत के अंदर बहुत से ऐसे लुप्त खजाने अभी भी मौजूद हैं तो आज हम आपको इस पोस्ट में खजानों  के बारे में जानकारी दे रहे हैं उन्हें आप अच्छी तरह से पढ़ा था कि आपको यह जानकारी पढ़कर पता चले कि भारत आखिरकार किस तरह से सोने की चिड़िया कहलाता था तो नीचे आप भारत के लोग खजानों के बारे में पढ़ें

1 . कृष्णा नदी का खजाना (गोलकोंडा )

कृष्णा नदी के बारे में तो हम सब जानते हैं और गोलकुंडा हैदराबाद की एक तहसील है गोलकुंडा में एक बहुत बड़ा किला भी है जो गोलकुंडा किला के नाम से जाना जाता है जो 1518 से 1687 तक कुतुबशाही वंश की  राजधानी हुआ करता था यह जगह हीरे के लिए खदान हीरे की खजानों के लिए दुनियाभर में मशहूर थी कहा जाता है कि जो दुनिया के सबसे मशहूर मशहूर हीरे है कोहिनूर और हुब हीरा यहीं से निकाले गए थे कहा जाता है कि गोलकुंडा की हीरे की खजानोंमें आखरी बार खुदाई 14वी शताब्दी में की गई थी तब तक भारत दुनिया भर में हीरे का एक मात्र देश था था से सबसे ज्यादा हीरे निकलते थे यह हीरे की खदान कहां थी इसका आज तक सही से अंदाजा नहीं लगाया जा सका पर कहा जाता है कि यह हीरे की खदाने कृष्णा नदी के किनारे हुआ करते थे कहा जाता है कि हीरो की खजानों से निकाले गए हीरे आज भी कितना नदी के तल में पड़े हुए हैं इन हीरो की खजानों के कारण गोलकुंडा दुनिया भर में प्रसिद्ध था क्योंकि उस समय में केवल यहीं से ही हीरे निकलते थे और दुनिया भर में भेजे जाते थे|

2 . नादिर शाह का खजाना (दिल्ली )

नादिरशाह के बारे में तो हमने किताबों में बहुत ज्यादा पढ़ा है उनकी युद्ध के बारे में उनके शासनकाल के बारे में किताबों में बहुत ज्यादा दिया हुआ है नादिर शाह संसद 1736 में  ईरान के शासक हुआ करते थे सन 1739 में भारत पर आक्रमण किया उन्होंने 50,000 सैनिकों के साथ दिल्ली पर हमला किया इस आक्रमण में  दिल्ली में बहुत ज्यादा लोगो को मारा और काफी लूट मचाई कहा जाता है उनका युध्द का मकसद था कि दिल्ली को लूटा जाए और इस पर शासन किया जाए पर वह उसने दिल्ली को लूटा तो जरूर प्रशासन नहीं कर पाया कि नादिरशाह ने जो दिल्ली को लूटा था उसको ले जाने में उनके कारणों की 240 किलोमीटर तक लाइन लग गई और कहा जाता है कि जब नादिरशाह दिल्ली को लूट कर वापस जा रहे थे तो उनके ही तंबू में उनके सैनिकों ने उनकी हत्या कर दी और और नादिरशाह के मरने के बाद यह खजाना अहमद शाह दुर्रानी के हक में चला गया बाद में कुछ समय बाद अहमद शाह दुर्रानी की किसी बीमारी के कारण मौत हो गई और कहा जाता है कि उन्होंने वह खजाना मरने से पहले कहीं कहीं छुपा दिया था इस खजाने के अंदर बहुत सारी कीमती समान था बहुत सोना था चांदी के जेवरात है जिसका आज तक किसी को कोई पता नहीं है|

3 . मीर उस्मान अली का खजाना (हैदराबाद)

मीर उस्मान अली खान अपने समय के बहुत ही अमीर आदमी हुआ करते थे और वह हैदराबाद के निजाम हुआ करते थे और उस समय वह इतने बड़े राज्य पर शासन करते थे कि वह इंग्लैंड के बराबर था सन 2008 में फॉर  मैगजीन ने उन्हें दुनिया का चौथा सबसे अमीर इंसान बताया था और टाइम मैगजीन ने 1937 में उनको दुनिया का सबसे अमीर आदमी बताया था और वह हैदराबाद में किंग कोटि पैलेस में रहते थे उन्होंने उसे अपने रहने के लिए बहुत समय पहले बनवाया था और वह अपना सारा खजाना सारा धन दौलत उसी के नीचे अंडरग्राउंड कमरे में या तहखाने में रखते थे और जब 1933 में हैदराबाद भारत का हिस्सा बना तो भारत सरकार ने उनका कुछ खजाना तो हासिल किया पर कुछ खदाने का आज तक नहीं पता है और कहा जाता है कि उनका खजाना इतना विशाल था कि आज के समय में उसकी कीमत करीब 33 बिलियन डॉलर है|

4 . Grosvenor जहाज का खजाना (मद्रास )

Grosvenor  ब्रिटिश ईस्ट इंडिया का सबसे बड़ा और अमीर जहाज था इस जहाज  के अंदर 14000 सोने की सिलिया  19 संदूक के अंदर सोना जेवरात भरे हुए थे और 2600000 सोने के सिक्के थे यह जहाज चेन्नई से इंग्लैंड के लिए श्रीलंका के रास्ते रवाना हुआ था लेकिन यह  1782 में दक्षिण अफ्रीका केपटाउन से 700 मील दूर समुंदर में डूब गया और कहा जाता है  कि वह खजाना आदमी समुंदर के अंदर पड़ा हुआ है एक मालवाहक  की कीमत £ 75,000 थी  और इस खजाने को ढूंढने की बहुत बड़ी कोशिश की जांच की जा चुकी है लेकिन आज तक इसका कोई अता पता नहीं है कि यह समुंदर के किस हिस्से में पड़ा हुआ है|

5 . पद्मनाभ स्वामी मंदिर का खजाना (केरल)

Padmanabha Swami मंदिर केरल के थिरुवानान्थापुरम में स्थित है वह पूरी दुनिया में सबसे पैसे वाला हिन्दू मंदिर है यह मंदिर उस समय चर्चा के अंदर आ गया जब सुप्रीम कोर्ट के आर्डर के ऊपर इसका भूमिगत कमरा खोला गया जिसके अंदर  6 तिजोरिया थी उनमें से 5 तिजोरियां खोल दी और सरकारी कर्मचारियों की आंखों के सामने इतना खजाना दिखाई दिया कि कोई सोच भी नहीं सकता था इतने सोने जेवरात हीरे और बहुत कुछ उस समय उस खजाने की कीमत 22 अरब डॉलर लगाई गई थी अभी छठी बाकि है और जब 6 तिजोरी को खोला तो उसके अन्दर एक लोहे की दिवार मिली | हिंदुस्तान टाइम्स अख़बार के मुताबिक 6 तिजोरी के आगे एक सांप है और उसको खोलना एक बुरा शगुन हो सकता है इस छठी तिजोरी का राज़ क्या है आज तक किसी को नही पता है |

6 . सोनभद्र गुफा का खजाना(बिहार )

सोनभद्र की गुफाएं बिहार राज्य के एक छोटे से शहर राजगीर जो नालंदा जिले में स्थित है वहां है और इन गुफाओं को सोन भंडार गुफा के नाम से जाना जाता है क्योंकि कहा जाता है कि इन गुफाओं में बहुत ज्यादा खजाना छुपाया हुआ है जिसे आज तक कोई नहीं खोज पाया  यही पर भगवान बुद्ध ने मगध के सम्राट बिम्बिसार ने बनवाई थी कहा जाता है और कहा जाता है कि यह गुफाएं खजाना छिपाने के लिए ही बनाई गई थी और राजा ने सारा खजाना अपना इन गुफाओं में छुपाया था कि जब गुफा में प्रवेश किया जाता है तो पश्चिमी दीवार की तरफ एक कमरा है उसके सामने एक दीवार है और इस कमरे के पिछली दीवार से खजाने तक का पहुंचने का रास्ता जाता है इस रास्ते का प्रवेश द्वार पत्थर के बड़ी चट्टान नुमा दरवाजे से बंद किया हुआ है जिसको आज तक नहीं खोल पाया कोई अंग्रेजों ने इस दीवार इस दरवाजे को खोलने की कोशिश की थी तोपों के द्वारा पर वह नाकाम रहे और आज भी तोपों के गोलों के निशान इस  दीवार पर देखे जा सकते हैं कहा जाता है कि गुफा की दीवार पर एक शंख लिपि में कुछ लिखा हुआ है और इस में इस दरवाजे के खोलने का राज छिपा हुआ है पर इस लिपि काआज तक कोई अनुवाद नही कर  पाया है |

और हमने आपको यह भारत के कुछ सबसे बड़े लोग खदानों के बारे में बताया है इसके अलावा बाद के अंदर बहुत से ऐसे छोटे छोटे खजाने भी है जिसका कि आज तक किसी को पता नहीं लग पाया है और यह भारत के लगभग सभी देशो में पाए जा सकते हैं क्योंकि भारत के अंदर पहले बहुत राजा महाराजा हुआ करते थे इसी कारण उनके अलग-अलग राज्यों के अंदर उनके पास इतना सोना और चांदी हुआ करता था जिसके कारण मैं आज भी वही पर आपको मिल सकते हैं

लेकिन उनके बारे में किसी को अभी जानकारी नहीं है तो आज हमने आपको इस पोस्ट में बताया कि भारत के कुछ लुप्त खजाने कहां पर है और यह कितने पुराने हैं और यह अभी भी वहीं पर है लेकिन इनका कोई अभी तक इस्तेमाल नहीं कर रहा है इसलिए यदि हमारे द्वारा दि गई जानकारी आपको पसंद आए तो आप शेयर करना ना भूलें और यदि आपका इसके बारे में कोई सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं

1 Comment

Leave a Comment