होली का त्यौहार कब कैसे और क्यों मनाया जाता है

होली का त्यौहार कब कैसे और क्यों मनाया जाता है

हम भारतीय लोग अपनी संस्कृति व अपनी रीति-रिवाजों से बहुत प्यार करते हैं और भारतीय संस्कृति व रीति रिवाज प्राचीन काल से चली आ रही है इसीलिए सभी लोग अपनी संस्कृति के प्रति इतने जुड़े हुए होते हैं हम हमारी संस्कृति व रीति-रिवाजों में आने वाले लगभग सभी त्योहार व विशेष दिन को बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं और हम अलग-अलग देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना भी करते हैं इसलिए हम भारतीय लोग दूसरे देशों के लोगों से अलग होते हैं आप सभी जानते हैं कि भारत एक बहुत बड़ा देश है भारत में बहुत ज्यादा आबादी रहती है और भारत के लगभग हर कोने में आपको अलग-अलग रिवाज के लोग मिलेंगे भारत में अनेक प्रकार की अलग-अलग भाषाएं बोली जाती है और सभी लोग अपने अपने धर्म के प्रति बहुत लगाव रखते हैं.

अपने धर्म में आने वाले सभी त्योहारों को एक दूसरे धर्म के लोगों के साथ मिलकर मनाते हैं भारत में हिंदू धर्म के ज्यादा लोग रहते हैं इसलिए हर साल भारत में हिंदू धर्म के ज्यादा त्योहार आते हैं जिनको हिंदू धर्म के लोग बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं इन सभी त्योहारों में से होली भी एक ऐसा ही त्यौहार है जो कि भारतीय लोग एक अलग ही जोश के साथ मनाते हैं वैसे तो होली के त्यौहार के बारे में शायद आप सभी जानते होंगे इसके बारे बताने की जरूरत नहीं है लेकिन होली से जुड़ी हुई कुछ ऐसी बातें भी हैं जो कि शायद आप नहीं जानते होंगे तो इस ब्लॉक में हम आपको होली से जुड़ी हुई पूरी जानकारी देने वाले हैं.

होली त्यौहार

होली का त्योहार भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है होली दिवाली के बाद आने वाला एक बहुत ही बड़ा भारतीय त्योहार है जिसको हिंदू धर्म के लोग मनाते हैं हालांकि भारत में अलग-अलग धर्मों के लोग होने के बावजूद भी इस त्यौहार को दूसरे धर्मों के लोग भी हिंदू धर्म के लोगों के साथ मिलकर मनाते हैं क्योंकि यह त्यौहार है ही एक ऐसा त्यौहार है इस त्यौहार को सुनकर सभी लोग हर्ष उल्लास में भर जाते हैं इसको बड़े बूढ़े बच्चे नौजवान सभी लोग बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं इस त्योहार की खुशी अलग प्रकार की होती है और यह एक ऐसा त्योहार है जो कि भारत में बहुत ही प्राचीन समय से मनाया जा रहा है

यह त्यौहार एक ऐसा अनोखा त्यौहार है जो कि दुनिया में मनाए जाने वाले सभी त्योहारों से अलग होता है इसीलिए यह त्यौहार भारत के साथ-साथ भूटान नेपाल जैसे देशों में भी मनाया जाता है भारत में आने वाले विदेशी लोग भी इस त्यौहार में बहुत ज्यादा दिलचस्पी लेते हैं क्योंकि यह त्यौहार एक खुशियों का त्यौहार होता है इस त्यौहार को खुशी एकता व प्यार का त्योहार माना जाता है इस त्यौहार में सभी लोग एक दूसरे के रंग में रंगने लगते हैं वह अपने लड़ाई झगड़े में क्रोध को छोड़कर एक दूसरे के साथ खुशी से इस त्योहार को मनाते हैं यह त्योहार खुशियों में अच्छाई का प्रतीक माना जाता है इस त्यौहार को मनाने का तरीका एक दिल खुश कर देने वाला तरीका है यह त्यौहार मन को शांति व सुख प्रदान करता है

होली का त्यौहार 2 दिन का त्यौहार होता है जिसमें होली के पहले दिन शाम को होलिका दहन किया जाता है जो हिंदू धर्म में एक बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है इस दिन होलीका की पूजा भी की जाती है जो कि एक अलग तरीके की पूजा होती है और होली के दूसरे दिन सुबह सभी लोग एक दूसरे के साथ गले से गला मिलाकर मिलते हैं वह एक दूसरे को इस त्यौहार की बधाइयां देते हैं

होली का त्यौहार कैसे मनाया जाता है

होली दिवाली के बाद भारत का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है यह त्यौहार भारत के हर एक कोने में बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है यह त्यौहार एक खुशियों का त्यौहार होता है जो कि सभी को एक दूसरे के साथ मिलकर रहने की सलाह व संदेश देता है

होली के त्योहार को मनाने की तैयारियां लगभग 10 से 15 दिन पहले ही शुरू कर दी जाती है इस त्यौहार को भारत के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग पूजा अर्चना व अलग अलग तरीके से मनाया जाता है लेकिन ज्यादातर भारतीय लोग इस त्यौहार से कुछ दिन पहले ही गोबर के उपले बनाते हैं फिर उपलों की एक बड़ी माला बनाई जाती है जिनको कुछ समय के लिए सूखने के लिए रख दिया जाता है और होली के दिन शाम को जब होलिका दहन होता है तब सभी लोग अपने घर से माला व पूजा के सामान को लेकर होली का दहन की जगह पर जाते हैं जहां पर एक बहुत ही बड़ी होली का निर्माण किया जाता है

एक लकड़ी के डंडे को गाड दिया जाता है जिसको पहलाद का नाम दिया जाता है और फिर सभी लोग अपनी-अपनी उपलों की माला को उसके बाहर लकड़ी लगाकर उनके ऊपर डाल देते हैं छोटे बच्चे वहां पर पटाखे व फुलझड़ियां आदि भी लेकर जाते हैं जो कि होली में डाल दी जाती है और फिर होली के मुहूर्त के अनुसार पूजा अर्चना शुरू की जाती है और फिर होलिका का दहन किया जाता है और होलिका दहन शुरू होने के बाद प्रह्लाद नाम की के लक्कड़ को बाहर निकाला जाता है जो इंसान उसको बाहर निकलता है उसको एक उस इंसान को सभी लोग अलग-अलग प्रकार की चीजें व पैसे भी देते हैं और फिर सभी लोग अपने घर जाकर पटाखे आदि भी जलाते हैं

होली के त्यौहार की दूसरे दिन सभी लोग आपस में एक दूसरे के गले मिलते हैं वह एक दूसरे की गालों पर रंग आदि लगाते हैं क्योंकि होली का त्योहार रंगों का त्योहार माना जाता है इसलिए सभी लोग एक दूसरे के साथ खुशी से गले मिलकर रंग लगाते हैं और इसके अलावा सभी लोग अपने आसपास के लोगों के साथ होली खेलते हैं जिसमें अलग-अलग प्रकार से रंग गुलाल व पिचकारी आदि मारी जाती है कुछ लोग आपस में एक दूसरे के अंदर पानी भी डालते हैं होली के इस शुभ अवसर पर सभी लोग एक दूसरे को बधाइयां देते हैं और कई जगह पर अलग-अलग प्रकार के कार्यक्रमों का भी आयोजन होता है जिसमें मटकी फोड़ना एक विशेष कार्यक्रम होता है

इतिहास

जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया भारत एक बहुत ही प्राचीन देश है भारत में बहुत ही प्राचीन समय से अलग-अलग त्योहारों को मनाया जा रहा है और इसी तरह से होली का भी एक बहुत ही प्राचीन इतिहास रहा है ऐसा माना जाता है कि होली भारत की संस्कृति के साथ बहुत ही प्राचीन समय से जुड़ी हुई है इसका मुख्य उदाहरण आप भारत की पौराणिक पुस्तकों को ले सकते हैं क्योंकि भारत की पौराणिक पुस्तके जैसे रत्नावली, पुराण संस्कृत नाटक में होली का जिक्र किया गया है होली के त्यौहार को मनाने की बहुत ही अलग अलग हो जाए मानी जाती है क्योंकि होलिका से जुड़ी हुई बहुत ही अलग-अलग कहानियां हैं जिनमें अलग-अलग प्रकार से होली का के त्यौहार के बारे में बताया गया है हालांकि होलिका से जुड़ी हुई मुख्य कहानी होलिका दहन और पहलाद से ही जुड़ी हुई है

होली के त्यौहार के बारे में सिर्फ पौराणिक पुस्तकों हमें ही नहीं लिखा बल्कि बहुत सारी पुरानी बॉलीवुड फिल्मों में भी होली के त्यौहार के बारे में दर्शाया गया है और आजकल की भी नई फिल्मों में होली के त्योहार के बारे में बहुत ही दिलचस्पी से दर्शाया जाता है और कुछ ऐसी फिल्में भी है जो कि सिर्फ होली के त्यौहार के ऊपर ही बनी है जिसमें होली के त्यौहार में किए जाने वाले अलग-अलग कार्यक्रमों में अलग-अलग पूजन के बारे में कुछ चित्र मिलते हैं

होली कब मनाई जाती है

भारत में जितने भी त्यौहार मनाए जाते हैं वे सभी भारतीय कैलेंडर के अनुसार ही मनाए जाते हैं इसी तरह से होली भारतीय कैलेंडर के अनुसार ही मनाई जाती है भारतीय कैलेंडर के अनुसार होली वसंत ऋतु के आगमन पर फागुन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है यह त्यौहार वसंत ऋतु का त्योहार है इस त्यौहार के आने पर ऐसा माना जाता है कि सर्दियों की समाप्ति हो जाती है और गर्मियों की शुरुआत हो जाती है अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह त्योहार मार्च महीने में मनाया जाता है लेकिन मार्च महीने में इस त्यौहार की तारीख हर साल अलग-अलग होती है और कई जगहों पर होली के त्यौहार की समय कई फसलों की कटाई शुरू हो जाती है

होली का त्यौहार हमें क्या सीख देता है

होली का त्यौहार हमें कई प्रकार की अलग-अलग सीख देता है क्योंकि यह त्यौहार एक प्रेम भाव प्यार और सच्चाई का त्योहार माना जाता है यह त्यौहार एक दूसरे के साथ मिलकर रहने और एक दूसरे के साथ हर्ष उल्लास के साथ रहने की सलाह देता है इसीलिए इस त्योहार के मौके पर सभी लोग अपने पुराने लड़ाई झगड़ा व बुराइयों को छोड़कर एक दूसरे के साथ नए जीवन की शुरुआत भी करते हैं और इस त्यौहार के मौके पर कोई किसी भी बात का बुरा नहीं मानता सभी लोग एक दूसरे के गालों पर रंग लगाते हैं और एक दूसरे को गले लगाकर बधाइयां देते हैं.

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