बिस्तर में पेशाब करना इसके कारण लक्षण व उपचार

बिस्तर में पेशाब करना इसके कारण, लक्षण व उपचार

जब हमारे बच्चे छोटे होते हैं तब उनमें कई प्रकार की आदतें होती हैं लेकिन समय के साथ-साथ जब बच्चे बड़े होते हैं वे सभी आदतें छोड़ देते हैं लेकिन कई बार कुछ ऐसी आदत होती है जो कि बच्चा बड़ा होने के बाद जल्दी से नहीं छोड़ पाता या वे आदतें उस बच्चे को नहीं छोड़ती आप सभी को पता होगा कि बच्चों को बचपन से ही अंगूठा चूसना, मिट्टी खाना, नाखून खाना जैसी कई आदतें होती हैं.

ये सभी आदतें धीरे-धीरे छूट जाती हैं लेकिन इसी तरह से एक आदत या समस्या बिस्तर में पेशाब करना भी है जो कि समय के साथ साथ छूट जाती है लेकिन कई बच्चों में यह समस्या बड़े होने के बाद भी रहती है और इससे छुटकारा पाना बहुत जरूरी है तो आज के इस ब्लॉग में हम इसी समस्या के बारे में बात करेंगे

बिस्तर में पेशाब करना

वैसे तो जब कोई बच्चा अपने बिस्तर में पेशाब करता है तब हम उसको एक समस्या समझते हैं लेकिन यह कोई आम समस्या नहीं होती बल्कि है एक बीमारी होती है क्योंकि चिकित्सा विज्ञान में इस बीमारी को एन्यूरेसिस बीमारी के नाम से जाना जाता है और यह बीमारी लगभग 5 से 6 वर्ष तक के बच्चों में रहती है और कई बार इससे बच्चा मनोवैज्ञानिक समस्या का भी शिकार हो जाता है क्योंकि जब बच्चा एक से डेढ़ वर्ष की आयु का होता है तब अपने मूत्राशय पर नियंत्रण करना सीख जाता है और जब उसको पेशाब आता है तब वह अपने माता-पिता को बताएगा या वह खुद बाहर जाकर पेशाब करने लगता है लेकिन कई बार बच्चों में निंद्रा अवस्था में बिस्तर में पेशाब करने की बीमारी हो जाती है जिसको छुड़ाना बहुत कठिन होता है

बिस्तर में पेशाब कारण

जब कोई बच्चा बिस्तर में पेशाब करता है तब उसके पीछे दो प्रकार के कारण होते हैं पहला शारीरिक समस्याएं जैसे बच्चे के मूत्राशय का शोथ होना, मूत्राशय पथरी होना, पेट में कमी होना, उसकी शारीरिक समस्याएं पूरी न होना, गुर्दा ठीक से काम नहीं करना, बच्चा मधुमेह और मिर्गी जैसे रोगों से ग्रस्त होना, बच्चे का ब्लेडर छोटा होना दुसरा कारण मनोवैज्ञानिक समस्याएं जैसे बच्चे का कुपोषण होना, असुरक्षा की भावना, बच्चे में डर और पिटाई का भय रहना, बच्चे के मस्तिष्क का विकास न होना, बच्चा मंदबुद्धि होना, भयानक सपने देखना और बच्चे में टीचर और परीक्षा आदि का डर होना तो यह कुछ ऐसे आम कारण होते हैं जिनसे बच्चों में यह समस्या उत्पन्न होती है

बिस्तर में पेशाब लक्षण

अगर इस समस्या के लक्षणों के बारे में बात की जाए तो वैसे तो इस समस्या में कुछ ज्यादा लक्षण देखने को नहीं मिलते इस समस्या का सबसे बड़ा और मुख्य कारण एक ही होता है जिसमें बच्चा रात में सोते समय बिस्तर में पेशाब कर देता है लेकिन इसके अलावा भी कुछ और कारण है जैसे बच्चा संकोच और शर्म के कारण सोते समय पेशाब करना, बच्चे के मन में अलग-अलग विचार चलना, अंदरूनी रोग होने से बच्चे की पेशाब व पेट में दर्द होना, बच्चे के पेशाब में जलन होना और ज्यादा संवेदनशील बच्चे ज्यादा बिस्तर में पेशाब करते हैं

क्या खाना चाहिए

जब किसी बच्चे में यह समस्या उत्पन्न हो जाती है तब उसके खाने पीने की चीजों के ऊपर भी ध्यान देने की जरूरत होती है

  • बच्चे को हर रोज सोते समय 2 छुहारे या 5 मुनक्का खिलाने चाहिए
  • बच्चे को काले तिल और गुड़ से बने लड्डू या गजक का सेवन कराना चाहिए
  • बच्चे को हमेशा हल्का व सुपाच्य भोजन खिलाना चाहिए
  • बच्चे को हमेशा पौष्टिक व संतुलित आहार ही खिलाएं
  • बच्चे को हर रोज दो चम्मच शहद और दो अखरोट खिलाकर सुलाना चाहिए
  • बच्चे को प्यास लगने पर लस्सी पिलानी चाहिए
  • फलों में केला, मौसमी, चीकू,आंवला, अमरूद और संतरा खिलाना चाहिए

क्या नहीं खाना चाहिए

  • बच्चे को ज्यादा चटपटी व खटाई युक्त चीजों का सेवन नहीं करवाना चाहिए
  • बच्चे को तली हुई वह मिर्च मसालेदार चीजों से दूर रखना चाहिए
  • बच्चों को ज्यादा चॉकलेट, टॉफी, ब्रेड, मिठाई, जैम, जेली,आइसक्रीम जैसी चीजों का सेवन करने देना चाहिए
  • बच्चे को सोने से पहले दूध, चाय ,कॉफी आदि नहीं पिलाना चाहिए

क्या करना चाहिए

  • बच्चे के पेय पदार्थों का सेवन कम कर देना चाहिए
  • बच्चे को सोते समय बाई और करवट करके सुलाना चाहिए
  • बच्चे को सोते समय पेशाब जरूर करवाना चाहिए
  • बच्चे को आत्मविश्वास देना चाहिए और उसको डर से दूर रखना चाहिए
  • रात में बच्चे को पेशाब करने की आदत डालनी चाहिए और बच्चे को रात में उठाकर पेशाब करवाना चाहिए

उपचार

  • बच्चे को सोते समय पानी व पेय पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए
  • बच्चे को चित लेट करें ने सोने दे
  • बच्चे को ज्यादा हिंसक, डरावनी फ़िल्में और टीवी प्रोग्राम नहीं देखने देने चाहिए
  • बच्चे को मारपीट डांट और सजा के भाव मन में उत्पन्न नहीं होने देना चाहिए
  • अगर एक आद बार बच्चा बिस्तर में पेशाब कर देता है तब उसको डांटना नहीं चाहिए
  • बच्चे को रात में चाय कॉफी और दूध आदि नहीं पिलाना चाहिए

अगर फिर भी किसी बच्चे में बिस्तर में पेशाब करने की समस्या रह जाती है तब उसको तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए और डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए और उसके टेस्ट आदि करवानी चाहिए क्योंकि कई बार यह समस्या अंदरूनी बीमारियों या समस्याओं के कारण भी उत्पन्न हो सकती है.

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