पेशाब में दर्द व जलन होने के कारण लक्षण व आयुर्वेदिक उपचार

पेशाब में दर्द व जलन होने के कारण लक्षण व आयुर्वेदिक उपचार

कई बार हमारे शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है जिससे हमारे शरीर में कई प्रकार की बीमारियां उत्पन्न होने लगती है कई बार आपने सुना होगा कि किसी इंसान के शरीर में गर्मी उत्पन्न होने लगती है जिससे उसको पीलिया एनीमिया और शारीरिक कमजोरी जैसे रोगों का सामना करना पड़ता है.

इसी तरह से कई बार हमारे शरीर में कुछ ऐसे रोग उत्पन्न होते हैं जो हमें बहुत ज्यादा पीड़ा देते हैं इसी तरह से पेशाब में दर्द होना भी एक ऐसा रोग है जो कि रोगी को असहनीय पीड़ा देता है और इससे रोगी के पेशाब के समय जलन भी होती है तो इस ब्लॉग़ में हम इसी समस्या के बारे में विस्तार से बातें करने वाले हैं इस ब्लॉग में हम आपको पेशाब में जलन व दर्द होने के कारण लक्षण व उपचार आदि के बारे में बताएंगे.

पेशाब में जलन व दर्द होना

वैसे तो किसी भी इंसान के पेशाब करते समय दर्द व जलन होना कोई काम समस्या नहीं है क्योंकि इससे रोगी को बहुत ज्यादा पीड़ा का सामना करना पड़ता है और ऐसा तब होता है जब हमारे शरीर में पेशाब की हाज़त होती है और हम अपने पेशाब को कंट्रोल कर लेते हैं या उसको किसी कारणवश बाहर नहीं निकाल पाते तब हमारे शरीर में पेशाब का प्रेशर बढ़ जाता है और जब हम पेशाब को बाहर निकालते हैं

उससे हमारे लिंग में जलन या दर्द भी होने लगता है और यह समस्या कई लोगों में इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि उनको हर बार पेशाब करते समय इस बात का डर होता है कि उसको बहुत ज्यादा पीड़ा होगी और इससे वह अपने पेशाब को और ज्यादा नियंत्रण में रखने लगता है लेकिन ऐसा करने पर यह समस्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है इसलिए इस समस्या का जल्दी से जल्दी इलाज करवाना बहुत जरूरी है

पेशाब में जलन व दर्द के कारण

अब आपके लिए यह जानना बहुत ही जरूरी है कि आखिरकार हमारे पेशाब में दर्द व जलन क्यों होती है इसके क्या कारण हो सकते हैं इस समस्या के उत्पन्न होने के बहुत सारे कारण होते हैं जैसे शरीर में गर्मी बढ़ना, शरीर में पानी की कमी होना, ज्यादा तले भुने हुए भोजन का सेवन करना, ज्यादा मसालेदार भोजन का सेवन करना, लिवर में गर्मी उत्पन्न होना या किसी कारण लीवर में कोई दिक्कत उत्पन्न होना,

महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान पेशाब में जलन व दर्द होना, रोगी के शरीर में पथरी की समस्या होना, रोगी के मूत्राशय से संबंधित अन्य रोग या संक्रमण उत्पन्न होना, रोगी के अंडाशय में लिंग में जख्म या इन्फेक्शन होना, ज्यादा हस्तमैथुन का इस्तेमाल करना, लगातार लंबे समय तक संभोग करना, लिंग या अंडाशय पर गहरी चोट लगना, लिंग में सूजन उत्पन्न होना आदि इस समस्या के बहुत सारे कारण हो सकते हैं

पेशाब में दर्द व जलन के लक्षण

अगर पेशाब में जलन व दर्द के लक्षणों के बारे में बात की जाए तो वैसे तो इसका सबसे बड़ा और इसका मुख्य कारण रोगी के पेशाब के समय पर लिंग या अंडाशय में जलन या दर्द होना ही है लेकिन इस समस्या की शुरुआत में इसके आपको शरीर में और भी लक्षण देखने को मिलते हैं जिनसे आप इस रोग की शुरुआत में पहचान सकते हैं और अपना इलाज करवा सकते हैं जैसे रोगी के पेट के निचले भाग में दर्द होना,

रोगी को हल्का बुखार आना, रोगी को पेट में दर्द होना, रोगी के पेशाब की मात्रा पहले से ज्यादा बढ़ना, रोगी के पेशाब में हल्का खून आना, रोगी के जाँघ के अंदरूनी हिस्सों में दर्द होना, पेशाब की शुरुआत में रोगी के लिंग के अगले हिस्से में दर्द होना, पेशाब का प्रेशर बनते ही रोगी के अंडाशय व लिंग में दर्द शुरू होना, रोगी को उल्टी आना, रोगी को बेचैनी, घुटन, थकान, कमजोरी व आलस्य महसूस होना, रोगी को बहुत ज्यादा ठंड लगना आदि इस समस्या के लक्षण होते हैं

क्या करें

  • रोगी को हर रोज सुबह सुबह खाली पेट ठंडे पानी का सेवन करना चाहिए
  • रोगी को हर रोज सुबह उठते ही मल मूत्र को त्याग देना चाहिए
  • रोगी को हर रोज हल्के-फुल्के व्यायाम व प्राणायाम आदि करने चाहिए
  • रोगी को ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए
  • रोगी को जूस वह पानीदार वाले फलों का सेवन करना चाहिए
  • रोगी को हमेशा सुरक्षित यौन संबंध बनाने चाहिए
  • रोगी को समय-समय पर पेशाब करते रहना चाहिए
  • रोगी को रात में उठ कर 2 से 3 बार पेशाब करना चाहिए

क्या न करें

  • रोगी को किसी असुरक्षित महिला के साथ यौन संबंध नहीं बनाने चाहिए
  • रोगी को यौन संबंध बनाते समय हमेशा कंडोम का इस्तेमाल करना चाहिए
  • रोगी को अपने लिंग को साफ रखना चाहिए व यौन संबंध बनाने के बाद पेशाब करके सोना चाहिए
  • रोगी को हमेशा सुती अंडरवियर पहनने चाहिए
  • रोगी को ज्यादा शराब बीड़ी तंबाकू आदि का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को अपने पेशाब को बिल्कुल भी नहीं रोकना चाहिए
  • रोगी को अपने शरीर में कब्ज की समस्या उत्पन्न नहीं होने देनी चाहिए
  • रोगी को ज्यादा मिर्च मसालेदार व तले हुए भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को अपने शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए
  • रोगी को ज्यादा हस्तमैथुन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए
  • रोगी को पेशाब करते समय अपने पेशाब को रोकना नहीं चाहिए

उपचार

  • रोगी को ज्यादा से ज्यादा गाजर के रस मै नींबू व पुदीना मिलाकर पीना चाहिए इससे आपके दर्द व जलन में जल्दी राहत मिलती है
  • रोगी को खाली पेट कच्चे नारियल का पानी पीना चाहिए इससे रोगी को जलन व दर्द कम करने में मदद मिलेगी क्योंकि इसमें बहुत ज्यादा विटामिन और खनिज लवण पाए जाते हैं
  • रोगी को हर रोज ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए और हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए इसके अलावा खरबूजा, तरबूज, पपीता अंगूर और संतरे जैसे फलों का सेवन करना चाहिए
  • रोगी को रात में धनिए को भिगोकर रखना चाहिए और सुबह उसको शहद या गुड़ के साथ मिलाकर खाना चाहिए
  • रोगी को यह समस्या उत्पन्न होते ही तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए वह अपने पेशाब की जांच करवानी चाहिए
  • डॉक्टर आपको इस समस्या को दूर करने के लिए कुछ दिनों तक एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल करने के लिए सलाह देते हैं
  • रोगी के पेशाब में संक्रमण होने पर डॉक्टर लगभग 6 महीने तक एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करने के लिए सलाह देते हैं

लेकिन फिर भी अगर किसी इंसान को यह समस्या बढ़ती जा रही है तो उसको तुरंत डॉक्टर के पास जाकर अपने टेस्ट आदि करवाने चाहिए क्योंकि यह एक बहुत ही असहनीय पीड़ा देने वाला दर्द है और यह धीरे-धीरे बढ़ता जाता है इसलिए इस रोग में आपको देरी करना बहुत भारी पड़ सकता है

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