पेट फूलना या आफरा आने के कारण, लक्षण व उपचार

पेट फूलना या आफरा आने के कारण, लक्षण व उपचार

कई बार हम इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में छोटी-छोटी परेशानियों से भी परेशान होते हैं जिनके ऊपर हम इतना ज्यादा ध्यान नहीं देते लेकिन जब यह समस्याएं उत्पन्न होती है तब हमें बहुत दिक्कत देती है और यह परेशानियां कुछ समय के लिए ही उत्पन्न होती है इसी तरह से पेट फूलना या आफरा आना भी एक ऐसी समस्या है जो कि उत्पन्न होने पर बहुत परेशानी देती है.

यह कुछ समय के बाद अपने आप या दवाई से ठीक भी हो जाती है लेकिन इस समस्या के बार-बार उत्पन्न होने पर यह हमारे लिए खतरनाक साबित हो सकती है क्योंकि इस समस्या के साथ-साथ दूसरी कई बीमारियां भी जन्म ले सकती है तो आज के इस ब्लॉग में हम इसी समस्या के बारे में विस्तार से जानेंगे पेट में आफरा क्यों आता है इसके लक्षण, उपचार और कारण आदि.

पेट में आफरा

वैसे तो इस समस्या के बारे में आजकल लगभग सभी जानते हैं क्योंकि इस समस्या से लगभग हर इंसान परेशान रहता है यह समस्या हर दूसरे इंसान में देखने को मिल जाती है अगर इस समस्या के बारे में विस्तार से बात की जाए तो जब किसी इंसान के पेट में गैस बनना शुरू हो जाती है और वह डकार या पाद के जरिए शरीर से बाहर नहीं निकलती और उस अवस्था में रोगी का पेट फूल जाता है और इसी अवस्था को पेट में आफरा या पेट फूलना कहा जाता है वैसे तो जब किसी इंसान का पेट फूल जाता है

तब उसके शरीर से गैस बाहर निकल जाती है लेकिन कई बार शरीर की मांसपेशियां कमजोर होने के कारण यह गैस शरीर में ही फंस कर रह जाती है और यह पेट में आफरा उत्पन्न करती है जिससे रोगी का पेट फुला हुआ नजर आता है और ज्यादातर यह रोग वृद्धावस्था या जो लोग एक जगह पर बैठे बैठे काम करते हैं उनके अंदर देखने को मिलता है लेकिन आजकल के बदलते खान-पान के कारण यह रोग बड़े, बूढ़े और बच्चों में भी देखने को मिलता है और इस समस्या में कई बार रोगी के पेट में हल्का हल्का दर्द भी महसूस होने लगता है

पेट में आफरा आने के कारण

जब कोई इंसान पेट में आफरा आने की समस्या से ग्रस्त हो जाता है तब इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं लेकिन आज के समय में इस समस्या का सबसे बड़ा और मुख्य कारण बदलता हुआ खानपान ही माना जा रहा है लेकिन इसके अलावा भी कई कारण होते हैं जैसे एक जगह पर बैठे बैठे काम करना, व्यायाम प्राणायाम नहीं करना, ज्यादा तले हुए वह मिर्च मसालेदार भोजन का सेवन करना, एक जगह पर बैठे-बैठे भोजन करके सो जाना, ज्यादा समय तक खाली पेट रहना,

बे मौसमी भोजन करना, बिना टाइम की खाना खाना, ज्यादा खट्टे पदार्थों का सेवन करना, ज्यादा मिठाइयों का सेवन करना, चना, मटर, अरहर और मसूर की दाल का सेवन करना या बेसन और मैदे से बनी हुई चीजों का सेवन करना, ज्यादा देर तक जागना, आंतों की कमजोरी होना, कब्ज की समस्या उत्पन्न होना, फेफड़ों में खून प्रवाह की कमी आना, नियमित रूप से आहार-विहार करना और इसके अलावा भी कई ऐसे कारण होते हैं जो कि इस समस्या को उत्पन्न करते हैं

पेट में आफरा आने के लक्षण

इस समस्या के उत्पन्न होने पर आपको कई प्रकार के लक्षण भी देखने को मिलते हैं जैसे पेट में गड़गड़ाहट की आवाज आना पेट अलग-अलग जगह से कठोर होना, हल्का दर्द महसूस होना, पेट उभरा हुआ व भारी दिखाई देना, गैस बनने पर उठने बैठने में दिक्कत होना, गैस सिर में चढ़ जाना,

जिस से हल्का दर्द होना, रोगी को चक्कर आना, रोगी को किसी काम में मन न लगना, बेचैनी होना, रोगी का स्वभाव चिड़चिड़ा व गुस्सैल होना, रोगी का सिर जकड़ जाना, घबराहट में पसीना आना, बार-बार लेटने व सोने का मन करना, भूख ना लगना यह कुछ ऐसे लक्षण है जो कि इस समस्या में दिखाई देते हैं

क्या खाना चाहिए

  • रोगी को दलिया और खिचड़ी का सेवन करना चाहिए
  • रोगी को हल्के व सुपाच्य भोजन का सेवन करना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए
  • रोगी को कच्ची सब्जियां जैसे गाजर मूली हरी मटर पालक मेथी का सेवन करना चाहिए
  • रोगी को केला अमरूद पपीता सेब आदि का सेवन करना चाहिए रो
  • गी को चोकर युक्त गेहूं के आटे की रोटी का सेवन करना चाहिए

क्या नहीं खाना चाहिए

  • रोगी को ज्यादा मिर्च मसालेदार व तले हुए भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को होटल, शादी व पार्टी आदि के भोजन से बचना चाहिए
  • रोगी को बेसन व मैदे की बनी हुई चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को अरहर, चना, मैसूर की दाल वह मटर की सब्जी का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को एक बार में ज्यादा भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा खटाई युक्त व खट्टे पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए

क्या करना चाहिए

  • रोगी को हर रोज सुबह सुबह हल्के-फुल्के व्यायाम करने चाहिए
  • रोगी को हर रोज सुबह सुबह खुली हवा में घूमना चाहिए वह लंबी सांसे लेने चाहिए
  • रोगी को खाना खाने के बाद थोड़ी देर इधर-उधर टहलना चाहिए
  • रोगी को गैस की समस्या उत्पन्न होने पर गर्म पानी का सेवन करना चाहिए
  • गैस होने पर रोगी को काले नमक को चाटना चाहिए
  • रोगी को हर रोज सुबह सुबह गर्म पानी का सेवन करके शौच जाना चाहिए
  • रोगी को सोने से लगभग 2 घंटे पहले भोजन करना चाहिए

क्या नहीं करना चाहिए

  • रोगी को पूरा दिन एक जगह पर बैठे व लेटे नहीं रहना चाहिए
  • रोगी को एक जगह पर बैठे-बैठे भोजन करके सोना नहीं चाहिए
  • रोगी को खाली पेट ठूस-ठुस कर भोजन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को खाली पेट तले हुए भोजन व मिठाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को अपने शरीर में कब्ज की समस्या उत्पन्न नहीं होने देनी चाहिए
  • रोगी रात में देर तक जागते नहीं रहना चाहिए
  • रोगी को भोजन करते ही तुरंत पानी नहीं पीना चाहिए

लेकिन फिर भी अगर किसी इंसान के शरीर में पेट फूलना या आफरा आने की समस्या उत्पन्न हो जाती है तब उसको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए या आप इस समस्या को आयुर्वेदिक दवाओं व औषधियों से भी दूर कर सकते हैं जिनके बारे में हमने आपको नीचे बताया है इन सभी को अब डॉक्टर की सलाह के अनुसार इस्तेमाल कर सकते हैं

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