छाती के दर्द के कारण, लक्षण व आयुर्वेदिक उपचार

छाती के दर्द के कारण, लक्षण व आयुर्वेदिक उपचार

हमारे शरीर के अलग-अलग भागों में दर्द होता रहता है जिसमें सबसे ज्यादा सिर का दर्द ही होता है लेकिन इसके अलावा भी हमारे शरीर में कई प्रकार के और दर्द उत्पन्न होते रहते हैं और इनके ऊपर हम इतना ज्यादा ध्यान नहीं देते क्योंकि यह दर्द कुछ समय के लिए ही होते हैं और फिर दवाइयां लेने से यह दर्द तुरंत गायब हो जाते हैं लेकिन कई बार हमारी छाती में दर्द होने लगता है

और इसको भी हम साधारण समस्या समझ कर गोली दवाइयां लेकर लेते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि छाती में दर्द होना कोई आम बात नहीं है बल्कि यह एक बड़ी समस्या है जिससे आपके शरीर में कई और समस्याएं उत्पन्न हो सकती है और यह दर्द धीरे-धीरे बढ़ भी सकता है तो इस ब्लॉग में हम छाती में दर्द होने के कारण लक्षण व उपचार आदि के बारे में बताएंगे

छाती में दर्द होना

जैसे कि हमने आपको ऊपर बताया छाती में दर्द होना कोई आम बात नहीं होती बल्कि कई बार यह है किसी बड़ी बीमारी के उत्पन्न होने की आहट भी होती है क्योंकि ज्यादातर बीमारियों में उत्पन्न होने से पहले हमें दर्द का ही अनुभव होता है और इसी वजह से हम यह पता लगा पाते हैं कि हमारे शरीर में कोई समस्या उत्पन्न हो रही है तो इसी तरह से जब हमारी छाती में किसी प्रकार की कोई दिक्कत आती है

तब सबसे पहले हमें दर्द महसूस होता है और छाती में दर्द भी अलग-अलग जगह पर होता है कई बार हमारी छाती के बिल्कुल बीच में दर्द होता है लेकिन कई बार हमारी छाती की अलग-अलग साइड में भी दर्द होने लगता है इन सभी की अलग-अलग वजह होती है और इनके अलग-अलग कारण भी होते हैं लेकिन ज्यादातर लोगों में छाती की एक साइड में दर्द होने की समस्या देखी जाती है ऐसा भी बिल्कुल नहीं है कि हमारे शरीर में जब कोई बीमारी उत्पन्न होगी तभी हमारी छाती में दर्द होगा कई बार किसी कठोर परिश्रम की वजह से भी हमारी छाती में दर्द होने लगता है

छाती में दर्द के कारण

किसी भी इंसान की छाती में दर्द होने के पीछे कई प्रकार के कारणों का हाथ हो सकता है कई बार यह हमारे किसी कठोर कार्य करने से भी उत्पन्न हो सकता है लेकिन इसके अलावा भी कई कारण हो सकते हैं जैसे छाती में चोट लगना, गलत चीज़ो का सेवन करना, कठोर भोजन का सेवन करना, बे मौसमी भोजन का सेवन करना, दूषित भोजन या पानी का सेवन करना, ज्यादा शराब तंबाकू चाय बीड़ी सिगरेट गुटका पान खैनी आदि का सेवन करना

लंबे समय तक खाली पेट रहना ज्यादा तली भुनी हुई चीजों का सेवन करना ज्यादा वजन उठाना,रोगी के फेफड़ों में आहार नली में संक्रमण होना, रोगी की मांसपेशियां कमजोर होना, रोगी की पसलियों में दिक्कत आना, रोगी की छाती व शरीर में भारीपन महसूस होना, रोगी को निमोनिया, टी.बी, दमा व खांसी जैसे रोग होने पर भी छाती में दर्द हो सकता है इसके अलावा छाती की अंदरूनी झिल्लियों में सूजन होना, रोगी को हार्ट अटैक आना आदि कई प्रकार के कारण होते हैं

छाती में दर्द के लक्षण

किसी भी इंसान की छाती में दर्द होने पर उसके लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है क्योंकि इससे आपको यह जानकारी मिल जाएगी कि यह आपके शरीर में कोई बड़े रोग की आहट है या नॉर्मल छाती दर्द है और इस रोग के कई लक्षण होते हैं जैसे इसका सबसे बड़ा और मुख्य लक्षण यह समस्या रोगी के सीने में एक साइड शरीर के आधे भाग में उत्पन्न होती है शुरू में यह दर्द आपके हाथ, बाँह, कमर, गर्दन और जबड़े एक साइड में होगा लेकिन धीरे-धीरे यह दर्द हाथ के साथ ही पूरी छाती में भी फैल सकता है इसके अलावा इस रोग में रोगी को बेचैनी व घबराहट होना शरीर में भारीपन होना,

रोगी के गले में जलन वह खट्टी डकार आना, रोगी का मन बार-बार उल्टी करने का होना, रोगी का पेट भारी होना रोगी का स्वभाव चिड़चिड़ा व गुस्सैल होना, रोगी के कंधे में दर्द होना, रोगी को बैठने और उठने पर दर्द बढ़ना, खांसने व सांस लेने के साथ ही दर्द और तेजी से बढ़ना, रोगी के शरीर में जकड़न होना,रोगी के शरीर में थकावट व आलस होना, रोगी को चक्कर आना, रोगी की धमनियों की गति बढ़ना या कम होना आदि इस रोग के कई लक्षण होते हैं

क्या क्या करें

  • रोगी को ज्यादा कठोर कार्य नहीं करने चाहिए
  • अगर रोगी को चोट लगी है तब उसको तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा दूषित पानी, भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा भारी वजन नहीं उठाना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा तले भुने हुए भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को छाती में दर्द होते ही अपने टेस्ट आदि करवाने चाहिए क्योंकि यह कोई बड़ी समस्या भी हो सकती है
  • रोगी को सुबह-सुबह हल्के-फुल्के कसरत करनी चाहिए

उपचार

  • रोगी को तुलसी के पत्तों का रस निकालकर उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर हर रोज लेना चाहिए इससे आपके शरीर में मैग्नीशियम और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ती है जो कि आपके शरीर के लिए बहुत जरूरी है
  • रोगी को अनार या अनार के जूस का सेवन करना चाहिए इससे आपके छाती के दर्द में जल्द राहत मिलती है
  • रोगी को भोजन में ज्यादा लहसुन का सेवन करना चाहिए यह आपके शरीर में धमनियों की गति को नियंत्रण में रखता है जिससे आपकी छाती के दर्द को ठीक करने में भी मदद मिलती है
  • रोगी को हर रोज एलोवेरा के रस को एक गिलास गर्म पानी में मिलाकर लेना चाहिए लेकिन इसके लिए आपको डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है
  • रोगी को हर रोज एक गिलास गर्म दूध में हल्दी मिलाकर पीना चाहिए यह आपके शरीर के किसी भी दर्द को ठीक करने में मदद करती है और इससे आपकी धमनियों की गति भी बिल्कुल सही रहती है
  • रोगी को हर रोज अपने भोजन और चाय में अदरक डालनी चाहिए या अदरक के रस को निकाल कर पीना चाहिए
  • रोगी को हर रोज सुबह सुबह भीगे हुए बादाम का सेवन करना चाहिए

लेकिन फिर भी अगर किसी रोगी को बार-बार छाती के दर्द की समस्या उत्पन्न हो रही है तब उसको अपने शरीर के टेस्ट आदि करवा कर किसी अच्छे डॉक्टर से तुरंत दवाइयां शुरू करनी चाहिए यह आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है और इससे आपकी जान भी जा सकती है

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