गुर्दे की पथरी के कारण लक्षण व आयुर्वेदिक उपचार

गुर्दे की पथरी के कारण लक्षण व आयुर्वेदिक उपचार

आज के समय में स्वस्थ जीवन व्यतीत करना बहुत ही मुश्किल है क्योंकि आजकल तेज क्योंकि तेजी से बदलते हुए समय और खान-पान के कारण हमारे शरीर में कुछ न कुछ ऐसी बीमारी उत्पन्न जरूर हो जाती है जो कि हमारे शरीर के लिए कष्टदायक होती हैं लेकिन फिर भी हम कोशिश करते रहते हैं कि हमारा शरीर स्वस्थ रहें और इसमें कोई बीमारी उत्पन्न ना हो लेकिन कुछ ऐसी बीमारियां होती है

जो कि बिना लक्षण के एकदम से ही उत्पन्न होती है ये बहुत असहन दर्द देने वाली बीमारियां होती है इसी तरह से गुर्दे की पथरी भी एक ऐसी बीमारी है जो कि बहुत खतरनाक है और यह बहुत पीड़ा देती है तो आज किस ब्लॉग में हम गुर्दे की पथरी के कारण लक्षण व इसके आयुर्वेदिक उपचार आदि के बारे में बात करेंगे

गुर्दे की पथरी

अगर किसी असहनीय दर्द देने वाली बीमारी की बात की जाए तो उसमें सबसे पहले गुर्दे की पथरी का ही नाम लिया जाता है क्योंकि इस बीमारी में रोगी को इतनी ज्यादा पीड़ा होती है कि वह उसको बर्दाश्त नहीं कर पाता और इस समस्या के उत्पन्न होने पर रोगी का बुरा हाल हो जाता है और इससे रोगी को गोली दवाइयों के बिना 1 मिनट भी निकालना मुश्किल हो जाता है और जब तक दवाई का असर होता है तब तक इस बीमारी के दर्द का अनुभव कम रहता है लेकिन जब भी दवाई का असर धीरे-धीरे कम होने लगता है तब यह पीड़ा फिर से दोबारा बढ़ने लगती है यह समस्या तब उत्पन्न होती है

किसी भी इंसान के शरीर में पथरी तब बनती है जब उस इंसान के शरीर के अंगों में मिनरल और साल्ट इकट्ठा होने लगते हैं और यह दोनों पदार्थ धीरे-धीरे जमा होकर एक पत्थर के टुकड़े के समान आकार ले लेते हैं और इसी को पथरी कहा जाता है इससे हमारे शरीर में पीड़ा उत्पन्न होने लगती है और जब किसी इंसान को पथरी उत्पन्न हो सकती है तब इसका दर्द रोगी की कमर के साइड में होता है

जिससे रोगी को चलने फिरने और उठने बैठने में बहुत ज्यादा कठिनाई होती है और कई बार यह इतना ज्यादा भयानक रूप ले लेता है कि इससे रोगी को एक जगह पर बैठने लेटने या खड़ा होने का भी मन नहीं करता जब रोगी को यह दर्द होने लगता है तब इससे रोगी की भूख प्यास बिल्कुल खत्म हो जाती है गुर्दे की पथरी चार प्रकार की होती है जिसको कैल्शियम स्टोन, यूरिक एसिड स्टोन, स्ट्रूविटा स्टोन, सिस्टिन स्टोन के नाम से जाना जाता है लेकिन ज्यादातर लोगों में कैल्शियम पथरी और यूरिक एसिड पथरी ही पाई जाती है

गुर्दे की पथरी के कारण

अगर गुर्दे की पथरी होने के कारणों के बारे में बात की जाए तो वैसे तो इस समस्या के उत्पन्न होने के कारण अनेक कारण हो सकते है लेकिन इस समस्या के कुछ मुख्य कारण होते हैं जैसे रोगी का कम पानी पीना, यूरिन में केमिकल की मात्रा बढ़ना, रोगी को डिहाइड्रेशन होना, रोगी के शरीर में विटामिन डी की मात्रा बढ़ना, रोगी के शरीर में मिनरल्स की कमी होना, रोगी का ज्यादा मिर्च मसालेदार वह तले हुए भोजन का सेवन करना, ज्यादा मांस मछली अंडा आदि का सेवन करना, ज्यादा चाय

शराब, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट व नशीली वस्तुओं का सेवन करना,रोगी की किडनी में संक्रमण इन्फेक्शन होना रोगी की किडनी कमजोर होना रोगी के किडनी में पहले से ही कोई बीमारी होना या रोगी की किडनी में घाव सोना ज्यादा कठोर परिश्रम करना, ज्यादा भार उठाना, रोगी का ज्यादा पसीना निकलना, ज्यादा ठोस भोजन का सेवन करना, ज्यादा पालक, गोभी, बैंगन, अमरूद, टमाटर जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना आदि इस समस्या के मुख्य कारण होते हैं

गुर्दे की पथरी के लक्षण

अगर गुर्दे की पथरी के लक्षणों के बारे में बात की जाए तो इस समस्या का सबसे बड़ा और मुख्य लक्षण रोगी के कमर की साइड में अचानक तेज दर्द उत्पन्न होता है और यह दर्द धीरे-धीरे पेट के निचले हिस्से तक पहुंच जाता है इसके अलावा कई लोगों में उल्टी बेचैनी घबराहट और थकान जैसी समस्या भी देखने को मिलती है या रोगी के पेशाब करते समय दर्द होना, रोगी की पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना,

रोगी के पेट में ऐठन होना रोगी को भूख प्यास न लगना, रोगी के पेशाब में खून आना पेशाब करते समय दर्द होना रोगी को बार बार पेशाब आना रोगी को उठने बैठने और चलने में दर्द और बढ़ना रोगी को एकदम से चक्कर आना, रोगी को ज्यादा पसीना आना, रोगी को हल्का बुखार, सर दर्द होना, रोगी के पेशाब में दुर्गंध आना, आदि इस समस्या के कई लक्षण हैं और इसके अलावा भी इस समस्या में आपको और लक्षण देखने को मिल सकते हैं

क्या करें

  • रोगी को ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए
  • रोगी को सुबह उठते ही खुली हवा में घूमना चाहिए
  • रोगी को हर रोज हल्के व्यायाम व प्राणायाम आदि करने चाहिए
  • रोगी को आलू चावल अंडा जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए
  • रोगी को हल्का भोजन करना चाहिए

क्या न करें

  • रोगी को ज्यादा कोल्ड ड्रिंक शराब बीड़ी सिगरेट तंबाकू आदि का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा पालक बैंगन गोभी टमाटर अमरूद जैसे फलों का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा कठोर कार्य नहीं करने चाहिए
  • रोगी को चॉकलेट जिमीकंद, चुकन्दर,मूंगफली आदि का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को यूरिक एसिड बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए

उपचार

  • रोगी को हर रोज बेलपत्र को पानी में मिलाकर पिसे और उसको एक चुटकी काली मिर्च के साथ हर रोज खाना चाहिए
  • रोगी को रोगी को हर रोज सुबह सुबह सुबह सुबह खाली पेट एक गिलास पानी का सेवन करना चाहिए
  • रोगी को हर रोज 4 चम्मच नींबू का रस और 4 चम्मच ऑलिव ऑयल मिलाकर पानी के साथ लेना चाहिए
  • रोगी को हर रोज अनार के जूस का सेवन करना चाहिए यह आपके शरीर से पथरी निकालने में बहुत ज्यादा लाए बहुत लाभदायक होता है
  • रोगी को तरबूज का सेवन करना चाहिए क्योंकि तरबूज में पोटेशियम होता है
  • यह आपके गुर्दे की पथरी को निकालने में फायदेमंद साबित होता है
  • रोगी को रात के समय में राजमा को भिगो कर छोड़ना चाहिए और फिर उसको उसी पानी में उबालकर सुबह तीन से चार बार पीना चाहिए
  • रात को खजूर को भिगोकर छोड़ना चाहिए और फिर उसको सुबह खाने से आपके शरीर में पथरी बन्ना कम हो जाएगा
  • रोगी को ज्यादा से ज्यादा खीरे का सेवन करना चाहिए यह आपके शरीर में पथरी की मात्रा को कम करने में मदद करता है
  • रोगी को हर रोज 5 से 7 पत्ते तुलसी के चबाकर खाना चाहिए इससे आपके शरीर में पथरी पेशाब के रास्ते बाहर निकलने में मदद मिलती है

लेकिन फिर भी अगर किसी इंसान को पथरी का दर्द रहता है या उसके शरीर में बार-बार पथरी बन रही है तो उसको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए और अपने टेस्ट आदि करवा के डॉक्टर से दवाइयां लेनी चाहिए या आप कुछ आयुर्वेदिक औषधियों व दवाइयों का भी इस्तेमाल करके इस समस्या से जल्द छुटकारा पा सकते हैं

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