काला बुखार क्या है इसके कारण लक्षण बचाव व उपचार

काला बुखार क्या है इसके कारण लक्षण बचाव व उपचार

वैसे तो दुनिया भर में अनेक खतरनाक बीमारियां फैली हुई है लेकिन कुछ बीमारियां ऐसी होती है जिनके कई अलग-अलग प्रकार होते हैं और यह बीमारियां बहुत खतरनाक होती हैं इनका समय पर इलाज न मिलने पर रोगी की मृत्यु भी हो सकती है इसी तरह से ही बुखार भी एक ऐसी बीमारी है जो कि कई प्रकार की अलग-अलग की होती है.

हमने आपको पहले कई अलग-अलग प्रकार की बुखार के बारे में बताया भी है लेकिन आज के इस ब्लॉग में हम आपको काले बुखार या कालाजार रोग के बारे में बताने वाले हैं इस ब्लॉग में हम काले बुखार के उत्पन्न होने के कारण लक्षण बचाव इसके उपचार के तरीके बताएंगे.

काला बुखार (कालाजार)

यह बीमारी बुखार के रूप में रोगी के शरीर में दस्तक देती है और अगर इस बीमारी का समय पर इलाज न करवाया जाए तो इससे रोगी की जान भी जा सकती है यह बीमारी एक संक्रमण बीमारी है जो कि लिश्मैनिया डोनोवानी परजीवी के कारण फैलती है यह परजीवी एक बिल्कुल सूक्ष्म बालू मक्खी होती है और यह बीमारी एक दूसरे में बहुत तेजी से फैलती है अगर आपके परिवार में किसी एक इंसान को यह बीमारी हो जाती है तब आपके परिवार के दूसरे लोग भी इस समय इस बीमारी की चपेट में आ सकते हैं क्योंकि इस बीमारी की परजीवी ज्यादातर इंसानों की शरीर में ही रहकर जिंदा रहती है इसलिए इस बीमारी से आपके पूरे परिवार को बचाने के लिए आपको तुरंत इलाज इलाज करवाना चाहिए इस बीमारी को कई अलग अलग नाम से जाना जाता है जैसे काला ज्वर,काला बुखार, कालाजार आदि इस बीमारी के परजीवी ज्यादातर छाया नमी व ठंड वाले क्षेत्र में अंडे देते हैं फिर वही से उठकर यह परजीवी किसी इंसान के शरीर पर प्रवेश करते हैं और फिर उसको अपना शिकार बनाते हैं इस बीमारी के परजीवी की अवधि 15 से 20 दिनों के बीच ही होती है

कारण

बीमारी के कारणों के बारे में बात की जाए तो जैसा कि हमने आपको पहले बताया यह बीमारी एक बिल्कुल सूक्ष्म बालू मक्खी के जैसे परजीवी के कारण फैलती है यह परजीवी ज्यादातर नमी वाले क्षेत्र में पनपता है जैसे कच्ची दीवारों, नालियों, गीली मिट्टी, जोहड़, तालाब आदि बारिश के मौसम के कारण नमी वाले क्षेत्र में इस बीमारी का प्रकोप ज्यादा देखा जाता है इसके अलावा इसके कई और कारण हो सकते हैं जैसे घर में किसी एक इंसान के शरीर में इस बीमारी का होना, परिवार के दूसरे लोगों का उसके संपर्क में आना, रोगी के द्वारा इस्तेमाल किए गए कपड़े बर्तन बिस्तर तोलिए आदि का इस्तेमाल करना, लगातार रोगी के बिल्कुल करीब बैठे रहना आदि समस्या की कारण होते हैं

लक्षण

अगर इस बीमारी के लक्षणों के बारे में बात की जाए तो जब यह बीमारी किसी इंसान के शरीर में दस्तक देती है तब रोगी में कई अलग-अलग प्रकार के लक्षण दिखाई देने लगते हैं जैसे रोगी के शरीर में बुखार आना, लगातार रोगी के वजन में कमी आना, रोगी को थकान और कमजोरी महसूस होना, रोगी को चक्कर आना बेहोशी में घबराहट की समस्या होना, रोगी के शरीर में खून की कमी आना, रोगी के जिगर व प्लीहा में सूजन आना, रोगी को लगातार लंबे समय तक बुखार रहना आदि की समस्या के मुख्य लक्षण होते हैं इसके अलावा भी इस समस्या की गई और लक्षण रोगी में दिखाई दे सकते हैं

बचाव

अगर आप इस बीमारी से बचना चाहते हैं तब आपको कुछ ऐसी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है जो कि आप को इस बीमारी से बचाने में मदद करती है इसके अलावा अगर आपके आसपास इस बीमारी से ग्रस्त कोई इंसान है तब भी आपको कुछ ऐसी बातों के ऊपर ध्यान देना बहुत जरूरी है जो कि आपको इस बीमारी से बचा सकती है

  • अगर आपके परिवार में कोई इंसान इस बीमारी की चपेट में आ गया है तब आपको उससे दूरी बनाकर रखनी चाहिए और उसके द्वारा इस्तेमाल किए गए बर्तन, तौलिया, बिस्तर व कपड़े आदि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए
  • आपको अपने घर में बालू मक्खी बिल्कुल भी नहीं पनपने देनी चाहिए
  • आपको अपने घर के आस-पास नमी बिल्कुल भी नहीं रखनी चाहिए
  • आपको इस बीमारी से बचने के लिए अपने घर के आस-पास में घर में कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करना चाहिए
  • आपको बारिश के मौसम में अपने घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए
  • आपको इस बीमारी के लक्षण दिखाई देते ही तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए
  • आपको अपनी त्वचा को पूरा ढक कर रखना चाहिए और रात में सोते समय कपड़े निकाल कर बिल्कुल भी नहीं सोना चाहिए
  • आपको सोते समय जाल या मच्छरदानी का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए
  • आपको अपने घर के आसपास साफ सफाई रखनी चाहिए
  • आपको इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए डॉक्टरों द्वारा बताई गई सभी बातों का ध्यान रखना चाहिए
  • आपको लगभग 10 हफ्तों बाद एक बार कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव जरूर करना चाहिए

उपचार

वैसे तो इस बीमारी का सटीक इलाज अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाया है लेकिन अगर आप किस बीमारी के शुरुआती लक्षणों को पहचान कर तुरंत डॉक्टर से इलाज शुरू करवा देते हैं तब आप इस समस्या से कुछ ही दिनों में छुटकारा भी पा सकते हैंइसके लिए शुरू में आपको डॉक्टर पहले कुछ दवाइयां देते हैं लेकिन उससे अगर आपको बिल्कुल भी राहत नहीं मिलती तब डॉक्टर आपको अलग-अलग प्रकार के टेस्ट में अलग-अलग दवाइयों यह सलाह देते हैं

लेकिन फिर भी अगर आपको यह समस्या उत्पन्न हो जाती है तब आपको तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाना चाहिए और आपको अपना इलाज करवाना चाहिए क्योंकि अगर आप इस समस्या का समय रहते इलाज नहीं करवाते हैं तब इस बीमारी से आपकी जान भी जा सकती है क्योंकि इस बीमारी के कारण कई अलग-अलग बीमारियां जैसे खून की कमी, कमजोरी, वजन घटना, लीवर में सूजन आना जैसी समस्याएं उत्पन्न होने लगती है और इसके साथ ही इस बीमारी के कारण आपकी परिवार के दूसरे लोग भी इसकी चपेट में आ सकते हैं इसलिए आपको तुरंत इलाज करवाना चाहिए

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