अश्वगंधा क्या है अश्वगंधा किसे खाना चाहिए

अश्वगंधा क्या है अश्वगंधा किसे खाना चाहिए

हमने आपको हमारी वेबसाइट के ऊपर पहले भी बहुत ही स्वास्थ्य से जुड़ी रोचक और महत्वपूर्ण जानकारी बताई है. और आज हम आपको एक बार फिर से इस पोस्ट में उसी तरह की एक स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी बताएंगे. हम आज इस पोस्ट में आपको अश्वगंधा के बारे में जानकारी देंगे. वैसे तो हमारी धरती के ऊपर बहुत सी ऐसी चीज है. जो कि हमें बहुत ज्यादा फायदा देती है. उनकी हर चीज हमारे काम में आते हैं. बहुत सी ऐसी जड़ी बूटियां हमें मिलती है. जो दवाइयां बनाने के काम आती है. और बहुत सी ऐसी चीज है जिनका इस्तेमाल हम आज के समय में कर रहे हैं. इसी तरह का एक उदाहरण नीम है.

नीम की हर चीज काम आती है. जड़ से लेकर पत्तियां तक काम आती है.नीम का इस्तेमाल हमारे फायदो के लिए किया जा सकता है. और इसी तरह का एक पौधा अश्वगंधा है. आज हम आपको इस पोस्ट में अश्वगंधा के बारे में कुछ महत्वपूर्ण और फायदेमंद जानकारी बताएंगे. वैसे तो अश्वगंधा के बहुत ज्यादा फायदे हैं. तो आज हम आपको इस पोस्ट में अश्वगंधा क्या है. क्या अश्वगंधा लेने की कोई दुष्परिणाम हो सकते हैं. क्या महिलाएं अश्वगंधा ले सकती है. और आज के समय में आने वाली कुछ अश्वगंधा युक्त दवाइयों के बारे में बताएंगे. तो आप इस जानकारी को अच्छी तरह से और ध्यान से पढ़ें. ताकि आप को भी इस चीज का फायदा मिल सके. तो देखिए.

अश्वगंधा क्या है अश्वगंधा किसे खाना चाहिए

What is Ashwagandha ? Ashwagandha Kya Hai ? अश्वगंधा आयुर्वेदिक चिकित्सा में सबसे शक्तिशाली जड़ी-बूटियों में से एक है. प्राचीन काल से कई तरह की परिस्थितियों के लिए इस्तेमाल किया गया है. अश्वगंधा के अनेक प्रकार के अलग-अलग फायदे होते हैं इसलिए इसे एक बहुत ही महत्वपूर्ण जड़ी बूटी माना जाता है. हमारे देश में मध्यप्रदेश की एक जिले में अश्वगंधा की मुख्य रूप से खेती की जाती है. वहां पर अश्वगंधा मुख्य रूप से दवाइयों के लिए बोया जाता है.इसको अश्वगंधा इसलिए कहा जाता है. क्योंकि इसकी जड़ में घोड़े की गंध जैसी गंध आती है. इसलिए इसको अश्वगंधा कहा जाता है.कई रिसर्च के दौरान पता लगाया गया है. कि अगर हम नियमित रूप से अश्वगंधा का सेवन करते हैं. तो हमारे शरीर में घोड़े जैसी ताकत इस पौधे से मिल सकती है. और पारंपरिक रूप से एक बीमारी के बाद लोगों को अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए निर्धारित किया गया है.अश्वगंधा का इस्तेमाल हम बहुत प्रकार की बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए कर सकते हैं अश्वगंधा एक बहुत ही पुराना पौधा है.अश्वगंधा को इसके पुनर्जागरणीय गुणों की वजह से अक्सर “इंडियन गिन्सेंग” कहा जाता.

अश्वगंधा अंडाकार पत्तियों और पीले फूलों के साथ एक मोटा झुंड है. यह एक किशमिश के आकार के बारे में लाल फल देता है. अश्वगंधा मुख्य रूप से भारत की जड़ी बूटी है. लेकिन यह भारत के साथ-साथ उत्तरी अमेरिका और मध्य पूर्व के शुष्क क्षेत्रों में भी पाया जाता है. और आज की समय में भी अधिक हल्के जलवायु वाली जगहों पर उगाया जाता है. जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका भी शामिल है.

अश्वगंधा के फायदे

Ashwagandha ke Fayde ? अगर स्वास्थ्य की दृष्टि से अश्वगंधा को देखा जाए तो यह एक वरदान से कम नहीं है. यह हमारे लिए एक बहुत ही अच्छी और बहुत ही महत्वपूर्ण चीज है. यह हमारे शरीर में बहुत सी चीजों को पूरा करता है.अश्वगंधा में कई उपयोगी औषधीय रसायनों शामिल हैं. जिनमें थेनोलिड (स्टेरॉयड लैक्टोन), एल्किलॉइड, कोलीन, फैटी एसिड, एमिनो एसिड और शर्करा के विभिन्न प्रकार शामिल हैं. जबकि पत्तियों और फलों में बहुमूल्य चिकित्सीय गुण होते हैं.आयुर्वेद में Supplement लाभ के साथ बहुत  जड़ी-बूटियां हैं. अश्वाग्ध उनमें से एक है.यह  Adaptogens पदार्थ होते हैं. (अमीनो एसिड, विटामिन, और जड़ी-बूटियों का एक संयोजन) जो आपकी प्रतिक्रिया या एक बदलते माहौल के प्रति प्रतिक्रिया को व्यवस्थित करता है. Adaptogens शरीर में बाह्य तनाव जैसे पर्यावरण में विषाक्त पदार्थों और आंतरिक चिंता जैसे अनिद्रा और अनिद्रा के साथ सामना करने में मदद करते हैं.

अश्वगंधा पौधे की जड़ पश्चिमी हर्बल उपचार में सबसे अधिक इस्तेमाल होती है. दुनियाभर में बहुत से चिकित्सकों ने अश्वगंधा के ऊपर बहुत ही ध्यान पूर्वक कई रिसर्च किए हैं. उन्हें लगातार बहुत सालों से इस के ऊपर रिसर्च करते आ रहे हैं. और इस वनस्पति के उपचार के लाभों पर 200 से अधिक अध्ययन पूरा कर चुके हैं.और उन चिकित्सकों की रिसर्च में इसके बहुत से अलग-अलग फायदों के बारे में बताया गया है. और यह बिल्कुल सच में एक बहुत ही फायदेमंद चीज है इसके अनेक प्रकार के फायदे हैं. जैसे

  1. अश्वगंधा हमारे शरीर के रक्त शर्करा को स्थिर रखने में मदद करता है.
  2. अश्वगंधा से हमारे कोलेस्ट्रोल को कम करने में मदद मिलती है.
  3. अश्वगंधा एक मलेरिया का विरोधी है अश्वगंधा विरोधी भड़काऊ लाभ प्रदान करता है.
  4. यह महिलाओं और पुरुषों में यौन शक्ति को भी बढ़ाता है.
  5. अश्वगंधा के कारण शुक्राणु बहुत ज्यादा तेजी से बनते हैं.
  6. अश्वगंधा नियमित रूप से सेवन करने से हम उन अंधापन के बिना चिंता और अवसाद को कम कर सकते हैं.
  7. अश्वगंधा हमारे मस्तिष्क कोशिकाओं के पतन को कम करने में मदद करता है.
  8. अश्वगंधा से हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की सुरक्षा करता है.
  9. यह हमारे शरीर में तनाव के प्रभाव को कम करने में मदद करता है.
  10. अश्वगंधा हमें सीखने समृद्धि और प्रतिक्रिया के सुधार में भी मदद करता है.

अश्वगंधा के दुष्परिणाम

अगर हम किसी भी चीज का इस्तेमाल करते हैं. तो उसके कई बार हमारे शरीर पर दुष्प्रभाव के होने लगते हैं. वैसे तो यह सभी के साथ नहीं होता है. लेकिन आपके शरीर में अश्वगंधा के दुष्परिणाम होते हैं. तो आप उनका किस तरह से पता लगा सकते हैं. और किस तरह से उनसे बच सकते हैं. तो देखिए

वैसे तो वैज्ञानिक रिसर्च के दौरान पता लगाया गया है, कि अश्वगंधा के इतने ज्यादा फायदे होने के बाद उसका कोई भी दुष्परिणाम हमारे लिए नहीं हो सकता है, लेकिन आज के समय में जो मार्केट में सप्लीमेंट आते हैं, जो कि बताया जाता है कि यह सप्लीमेंट अश्वगंधा युक्त हैं, उसके कारण हमें कुछ तकलीफ जरूर हो सकती है, जैसे कई बार पेट फूल जाता है, सांस फूल जाती है, भूख ना लगना,बेचैनी चिड़चिड़ापन  की कुछ दिक्कत आपको अश्वगंधा सप्लीमेंट लेते समय हो सकती है.

दुष्परिणाम से कैसे बचें

अगर आपको लगता है. कि आपको अश्वगंधा सप्लीमेंट लेने से दुष्परिणाम हो रहे हैं. या आपको इस तरह की कुछ चीजें दिखाई दे रही है. तो सबसे पहले आपको मार्केट में मिलने वाले जो महंगे और मिलावट के सप्लीमेंट होते हैं. उन से बचना होगा. अगर आप उनसे बचते हैं. तो उनके बाद आपको बहुत कम है चांस है कि अश्वगंधा के दुष्परिणाम हो सकते हैं और आपको अश्वगंधा चूर्ण अश्वगंधा अवलेह अश्वगंधारिष्ट इन चीजों का इस्तेमाल करें. यदि आपको किसी वजह से मार्केट में मिलने वाले सप्लीमेंट का इस्तेमाल करना पड़ता है तो आपको सबसे पहले उसके बारे में पूरी जानकारी लेनी होगी और उसकी क्वालिटी को भी जरूर देखें क्योंकि कई बार मार्केट में नकली और मिलावटी वाले सप्लीमेंट आते हैं. जिसके कारण आपको बहुत ज्यादा दुष्परिणाम हो सकते हैं. तो आप जब भी सप्लीमेंट लें तो आप एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

महिलाओं के लिए अश्वगंधा

कई लोग सोचते हैं कि महिलाएं अश्वगंधा का इस्तेमाल कर सकती है या नहीं कर सकती वह इस बात को सोचते रहते हैं. लेकिन हम आपको बता देते हैं. कि महिलाएं भी अश्वगंधा इस्तेमाल में ले सकती हैं. जो महिलाएं अपने बच्चे को दूध पिला रही है. वह अश्वगंधा चूर्ण और मधुक चूर्ण को मुलेठी के चूर्ण एक साथ मिलाकर पिए जिससे दूध की मात्रा बढ़ जाती है. दूध की क्वालिटी भी अच्छी हो जाती है/ जिन बच्चों वजन कम है. या जो बच्चे कमजोर है. उन बच्चों की माताओं को हर रोज 200 ml गाय के दूध में 2 ग्राम अश्वगंधा का चूर्ण और 2 ग्राम मुलेठी का चूर्ण को  से उबालें थोड़ा गुनगुना होने पर छानकर पी लें और अगर आप चाहे तो इस में थोड़ी सी चीनी भी मिला सकते हैं जिन महिलाओं को हमेशा कमजोरी रहती है. हाथ पांव में ऐंठन रहती है. वह भी इस चीज का इस्तेमाल कर सकती है. यह महिलाओं में वजन बढ़ाने के लिए भी काफी मदद करता है.

बॉडी बिल्डिंग के लिए अश्वगंधा

बॉडी बिल्डिंग के लिए अश्वगंधा. जो लोग लगातार जिम जाते हैं. और डेली वर्कआउट करते हैं उनके लिए अश्वगंधा एक बहुत ही फायदेमंद चीज है. जब हम जिम करते हैं. या वर्कआउट करते हैं तो हमारी मासपेशिया बिल्कुल थक जाती है. और उन मांसपेशियों की थकान को दूर करने के लिए अश्वगंधा एक बहुत ही महत्वपूर्ण चीज है. अश्वगंधा लेने से हमारे मांसपेशियां बिल्कुल दोबारा वैसी ही हो जाती है. और हमारे मांसपेशियों को पावर देता है. अगर आप हर रोज सुबह 3 ग्राम अश्वगंधा 200 ml दूध और 200ग्राम पानी में मिलाकर उबालें और जब तक इसे उबालते रहे तब तक कि इसमें 200 ml पानी उबलकर बाहर के साथ उड़ ना जाए और उसको उबालने के बाद इसको पिए अगर आप चाहते हैं. तो इसमें थोड़ी सी चीनी भी मिला सकते हैं. यह प्रोसेस आपको बहुत फायदा देगी आप अगर चाहे तो इसको पूरी जिंदगी लगातार ले सकते हैं. इसका आपको बहुत फायदा मिलेगा अगर आप अश्वगंधा की टेबलेट लेते हैं. तो उसके मुकाबले आपको यह चीज बहुत फायदेमंद साबित होगी.

जिन लोगों में शुक्राणुओं की कमी है उनके लिए अश्वगंधा

अश्वगंधा को अति शुक्राणु कहां गया है, यानी कि शुक्राणुओं की मात्रा को बढ़ाने वाली दवा कहा जाता है. अश्वगंधा शुक्राणुओं की मात्रा और शुक्राणुओं की क्वालिटी को बढ़ाने में मदद करता है. इसके लिए आपको 3 ग्राम अश्वगंधा का चूर्ण 5 ग्राम केवाच बीज के चूर्ण को इनके एक साथ मिलाकर 200 ml गाय के दूध और 400ml पानी में एक साथ मिलाकर मिक्स करना है. और उसे तब तक उबालना है. जब तक उबलकर 200 mm दूध नहीं बच जाता है. तब तक उबालते रहना है. फिर इसके अंदर आप थोड़ी चीनी भी मिला सकते हैं. और यदि आप चीनी नहीं मिलाना चाहते तो आप बिना चीनी मिला इसको पी सकते हैं. यह दवा रोज खाली पेट पीने से 42 दिन में शुक्राणु बहुत तेजी से बढ़ जाते हैं.

तो आज हमने आपको इस पोस्ट में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और फायदेमंद जानकारी आपको बताइ. इस पोस्ट में हमने आपको अश्वगंधा के बारे में पूरी और विस्तार से जानकारी दी है. इसमें हमने अश्वगंधा , अश्वगंधा चूर्ण अश्वगंधा के फायदे अश्वगंधा शतावरी अश्वगंधा के नुकसान अश्वगंधा पतंजलि अश्वगंधा चूर्ण के उपयोग अश्वगंधा और दूध अश्वगंधा कैप्सूल अश्वगंधा का सेवन विधि अश्वगंधा के गुण अश्वगंधा अवलेह के बारे में सभी चीजें अलग अलग आपको बता दी है. किस तरह से आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. तो यह भी हमारे द्वारा बताई गई है. जानकारी आपको पसंद आए तो शेयर करना ना भूलें और यदि आपका इसके बारे में कोई सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं.

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