ट्रांजिस्टर का आविष्कार किसने किया और कब किया

ट्रांजिस्टर का आविष्कार किसने किया और कब किया

ट्रांजिस्टर एक अर्धचालक इलेक्ट्रिकल उपकरण है जिसे इलेक्ट्रिकल पावर  को  बढ़ाने या कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल किसी भी इलेक्ट्रॉनिक सर्किट के अंदर बहुत सारे कार्य को सही तरीके से करने के लिए किया जाता है लेकिन ट्रांजिस्टर का ज्यादा इस्तेमाल  एप्लीकेशन के लिए किया जाता हैऔर ट्रांजिस्टर किसी एक बाहरी सर्किट के लिए कनेक्शन के लिए कम से कम तीन टर्मिनल होते है ट्रांजिस्टर के अंदर टर्मिनल की किसी एक जोड़ी में करंट डालने पर, अन्य ट्रांसिस्टर की जोड़ी में करंट बदल जाता है क्योंकि नियंत्रित (उत्पादन) पावर  नियंत्रित (इनपुट) पावर  की तुलना में अधिक हो सकती  है क्योंकि आउटपुट पॉवर  इनपुट की पॉवर  से अधिक हो सकती है,और जिस्टर सिग्नल को बढ़ा सकता है

ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल छोटे और सस्ते रेडियो, कैलकुलेटर, और कंप्यूटर सही कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में किया जाता है  और ट्रांजिस्टर ने इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में क्रांति ला दी है पहले ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है की यदि ट्रांजिस्टर ना होता तो हम सभी कंप्यूटर या किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस  के अंदर इतनी ज्यादा स्पीड नहीं प्राप्त कर सकते है जितनी स्पीड आज के समय में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक सर्किट के अंदर मिल रही है

और यदि ट्रांजिस्टर न होता तो किसी भी इलेक्ट्रॉनिक सर्किट को बनाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती थीऔर ट्रांजिस्टर का उपयोग अनेक प्रकार से होता है। इसे  , स्विच, रेगुलेटर,  सिग्नल माडुलेटर,  आसिलेटर आदि के रूप में काम में लाया जाता है  और जो काम पहले ट्रायोड से किये जाते थे वे सभी आज ट्रांजिस्टर से किये जाते हैं ट्रांजिस्टर के तीन सिरे होते  है जिनके नाम बेस,कलेक्टर और एमीटर होते है और  ट्रांजिस्टर भी अलग अलग तरह के होते है जिनका इस्तेमाल सर्किट के कार्य के अनुसार किया जाता है |

ट्रांजिस्टर का आविष्कार

सबसे पहले सन , 1909 में भौतिक विज्ञानी विलियम ईक्ल्स ने क्रिस्टल डायोड की खोज की और फिर Physicist जूलियस एडगर लिलिनेफेल्ड ने सन , 1925 में कनाडा में फ़ील्ड-इफेक्ट ट्रांजिस्टर का पेटेंट दायर किया और उसी तरह डिवाइस के लिए लिलिनेफेल्ड ने सन , 1926 और 1 9 28 में संयुक्त राज्य में एक समान पेटेंट दायर की लेकिन लिलेनफेल्ड ने अपने उपकरणों को प्रकाशित नहीं किया और फिर उसी तरह डिवाइस के लिए सन , 1934 में, जर्मन आविष्कारक ओस्कर हेइल ने यूरोप में पेटेंट दायर किया

पहला व्यावहारिक रूप से कार्य करने वाला डिवाइस सन , 1947 में अमेरिकी भौतिकविदों जॉन बार्दिन, वाल्टर ब्रेटैन और विलियम शॉकली द्वारा आविष्कार किया गया जो  एक  बिंदु संपर्क ट्रांजिस्टर था इस  ट्रांजिस्टर ने इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किया

और शॉकली, बार्दीन और ब्रेटैन को संयुक्त रूप से सन , 1956 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया उनकी एक  ट्रांजिस्टर प्रभाव की उनकी खोज के लिए |

और बेल्ल लैब्स विलियम शॉकली द्वारा पहली द्विध्रुवी जंक्शन ट्रांजिस्टर का आविष्कार किया गया, जो 26 जून, 1948 को पेटेंट के लिए आवेदन किया गया और बेल लैब ने 4 जुलाई, 19 51 को एक प्रेस कॉन्फरन्स में इस नए “सैंडविच” ट्रांजिस्टर खोज की घोषणा की थी

और पहला उच्च आवृत्ति ट्रांजिस्टर  सन ,1953 में फिलको द्वारा विकसित  किया गया यह जर्मेनियम ट्रांजिस्टर था, जो कि 60 मेगाहर्ट्ज तक का संचालन करने में सक्षम था और 26 जनवरी 1 9 54 को मॉरिस तनेंबौम ने बेल लैब्स में पहला काम सिलिकॉन ट्रांजिस्टर विकसित किया था।

और पहला “प्रोडक्शन” ऑल-ट्रांजिस्टर रेडियो अक्टूबर 1 9 54 में जारी रीजेंसी टीआर-1 था  उसके बाद तो फिर तो इलेक्ट्रॉनिक की दुनिया में ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल बढ़ता ही गया और आज ट्रांजिस्टर के बिना कोई भी इलेक्ट्रॉनिक सर्किट बनाना लगभग नामुमकिन है |

यह भी देखें

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