टाइटैनिक जहाज के बारे में कुछ रोचक जानकारी

टाइटैनिक जहाज के बारे में कुछ रोचक जानकारी

टाइटैनिक दुनिया का सबसे बड़ा यात्री जहाज था इसे समुंदर में बसा एक शहर कहते थे इसके मालिक J. Bruce Ismay (जे .ब्रूस इस्मे ) थे और इसे कभी ने डूबने वाला जहाज भी कहा जाता था पर यह अपनी पहली यात्रा में ही डूब गया जब वह 10 अप्रैल 1912 को साउथम्पटन (इंग्लैंड) से अपनी प्रथम यात्रा पर, रवाना हुआ और वह चलू हुआ तो बिलकुल सही चला

और लगातार चार दिन की यात्रा करी फिर चार दिन की यात्रा के बाद, 14 अप्रैल 1912 को वह एक हिमशीला से टकरा गया क्योकि जे .ब्रूस इस्मे ने जहाज के कप्तान Edward Smith को जहाज को अत्यधिक गति से चलाने के लिए कहा था वह अधिक गति के कारण समय पर नहीं मुड पाया और चटान से जा टकराया। जिससे जहाज के आगे के हिसे में छेद हो गए और (11:40 p.m) वो डूबने लगा। तक़रीबन (2:20 a.m) पर वो पूरा समुन्द्र में डूब गया। 

1 .टाइटैनिक जहाज की कुल क्षमता यात्रियों और चालक दल के साथ 3549 थी उस समय  2,223 यात्रि के साथ जहाज न्यूयॉर्क शहर के लिए रवाना हुआ था और नियमों का पालन करने के बावजूद केवल 1,178 लोगों के लिए जीवनरक्षक नौका थी  जिसमे 1,517 लोगों की मृत्यु हुईं जिसमे से पुरुषो की संख्या ज्यादा थी क्योकि  महिलाओं और बच्चों को पहले को पहले उतरा गया|

2 . टाइटैनिक उस समय के सबसे अनुभवी इंजीनियरों के द्वारा डिजाइन किया गया था और इसके निर्माण में उस समय में उपलब्ध सबसे उन्नत तकनीकी का इस्तेमाल किया गया था टाइटैनिक का निर्माण Belfast (Ireland) के Harland ओर Wolff शिपयार्ड में किया गया था RMS टाइटैनिक का निर्माण 31 मार्च 1909 को American J.P. Morgan और International Mercantile Marine Co. की लागत से शुरू हुआ।

 3. टाइटैनिक का आकार बहुत ही शानदार था उसकी कुल लम्बाई 882 फीट ओर 269.1 मीटर ढलवें की चौड़ाई 28.0 मीटर भार 46,328 टन (GRT) और पानी के स्तर से डेक तक की ऊंचाई 18 मीटर थी टाइटैनिक में 29 boiler थे जो 159 कोयला संचालित भट्टियो से जुड़े हुए थे और जहाज को 23 समुद्री मील 43 km/h की शीर्ष गति प्रदान करते थे। 

 4. टाइटैनिक जहाज की रूपरेखा बहुत ही शानदार थी इसके अंदर सभी सुविधा थी जैसे  प्रथम श्रेणी के खंड पर स्विमिंग पूल, एक व्यायामशाला, एक स्क्वैश कोर्ट, तुर्की स्नानगृह, इलेक्ट्रिक स्नानगृह और एक कैफे का बरामदा था। प्रथम श्रेणी के कमरो को अलंकृत लकड़ी के तख़्तो, महंगे फर्नीचर और अन्य सजावट से सजाया गया था। इसके अलावा, Parisien Café प्रथम श्रेणी के यात्रियों के लिए सूर्य के उजास वाले, साजो सजावट से युक्त बरामदे में भोजन की पेशकश किया करते थे|

और  प्रथम श्रेणी की टिकट के लिए  4350 $ अमरीकी डालर का भुगतान किया गया था जिसकी आज की तुलना में कीमत 95860 अमरीकी डॉलर से भी ज्यादा होती।

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