स्पीकर का आविष्कार किसने किया

स्पीकर का आविष्कार किसने किया

इससे पहले हमने आपको एक पोस्ट में बताया था कि आज के समय में दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल इंटरनेट या समार्टफोन का किया जाता है लेकिन अगर उसके बाद देखा जाए तो सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली चीज स्पीकर है.स्पीकर का इस्तेमाल दुनिया में लगभग हर जगह पर किया जाता है और स्पीकर का इस्तेमाल तो आपको पता ही होगा कि किस लिए किया जाता है क्योंकि आजकल लगभग सभी को म्यूजिक का खुमार चढ़ा हुआ है जिसे देखो वही म्यूजिक सुनने या सुनाते हुए मिलता है म्यूजिक सुनना वैसे कोई बुरी बात नहीं है लेकिन लोग इतना ज्यादा म्यूजिक सुनते हैं

उन्हें सुनने में भी दिक्कत होने लगती है लेकिन स्पीकर ऐसे भी होते हैं जो कि हमें बिल्कुल नॉर्मल सुनने को मिलते हैं सभी कर के बिना हम किसी भी सॉन्ग को नहीं सुन सकते हैं अगर सभी कर नहीं होते तो इतने बड़े सिंगर या एक्ट्रेस किस काम के नहीं होते क्योंकि अगर सभी कर नहीं होते तो ना ही तो लोग उनके सॉन्ग सुन पाते और ना ही उनके मूवी देख पाते और अगर हम बात करें सॉन्ग और मूवी की तो इनमे स्पीकर का बहुत बड़ा हाथ होता है क्योंकि हमें बिना किसी सॉन्ग या वॉल्यूम के मूवी बिल्कुल अच्छी नहीं लगेगी इसलिए स्पीकर का आविष्कार सॉन्ग और मूवी के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद साबित हुआ तो दोस्तों आज हम आपको इस पोस्ट में स्पीकर के आविष्कार के बारे में कुछ महत्वपूर्ण और रोचक जानकारी बताने वाले हैं जो कि आपके लिए जानना बहुत जरूरी है क्योंकि यह रोचक जानकारी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है और वैसे भी हमारे लिए उस बात को जानना बहुत ही जरूरी होता है जिस चीज का हम ज्यादा इस्तेमाल करते हैं

आज म्यूजिक सुनने का शौक तो सभी को है और स्पीकर के बिना तो म्यूजिक सुनना मुमकिन नहीं है चाहे छोटी से छोटी इयरफोन हो या से बड़ा DJ साउंड सभी के अंदर स्पीकर का इस्तेमाल किया जाता है स्पीकर से ही आज लोग म्यूजिक का आनंद ले पा रहे हैं एक लाउडस्पीकर  एक इलेक्ट्रोआक्वास्टिक ट्रांसड्यूसर है जो एक बिजली के ऑडियो सिग्नल को इसी ध्वनि में बदल देती है |

स्पीकर आम तौर पर एक स्पीकर बाड़े या स्पीकर कैबिनेट में रखे जाते हैं जो अक्सर लकड़ी या कभी-कभी प्लास्टिक से बने एक आयताकार या चौकोर बॉक्स होता है बाड़े की सामग्री और डिजाइन, जिसमें बास प्रतिवर्त पोर्ट का उपयोग करना शामिल हो सकता है जो ध्वनि की क्वालिटी  एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

अच्छी ध्वनि उत्पन्न करने के लिए अच्छी क्वालिटी वाले स्पीकर का इस्तेमाल करना पड़ता है जब स्पीकर का अविष्कार नहीं हुआ था सब लोग अलग-अलग चीजों से ध्वनि उत्पन्न करते थे लेकिन धीरे-धीरे जब स्पीकर का प्रचलन हुआ तो लोगों को म्यूजिक सुनना ज्यादा अच्छा लगने लगा और फिर धीरे धीरे स्पीकर के की क्वालिटी में भी सुधार होने लगा और प्राचीन समय के स्पीकर और आज के आधुनिक स्पीकर में  तो दिन रात का अंतर है |

स्पीकर को आवृत्ति श्रेणी के हिसाब से बाँटा जाता है आवृत्ति श्रेणी के हिसाब से अलग-अलग आवृत्ति श्रेणी को पुन: उत्पन्न करने के लिए व्यक्तिगत ड्राइवर का उपयोग किया जाता है उच्च ऑडियो आवृत्तियों के पुनरुत्पादन के लिए बनाए गए ड्राइवरों को ट्वीटर कहा जाता है, जो मध्य आवृत्तियों के लिए होते हैं उन्हें मध्य-श्रेणी के ड्राइवर कहते हैं, (बहुत कम आवृत्तियों के लिए); Woofers (कम आवृत्तियों); मध्य श्रेणी के स्पीकर (मध्य आवृत्तियों); ट्वीटर (उच्च आवृत्तियों); और कभी कभी supertweeters, उच्चतम श्रव्य आवृत्तियों के लिए अनुकूलित है |

और कम आवृत्तियों के लिए उन को वूफर कहते हैं छोटे लाउडस्पीकर रेडियो, टीवी, पोर्टेबल ऑडियो प्लेयर, कंप्यूटर, और इलेक्ट्रॉनिक संगीत वाद्ययंत्र जैसे उपकरणों में पाए जाते हैं। बड़े लाउडस्पीकर सिस्टम संगीत, थियेटर और संगीत कार्यक्रमों में ध्वनि सुदृढीकरण और सार्वजनिक सिस्टम में उपयोग किया जाता है।

स्पीकर का आविष्कार

स्पीकर का आविष्कार को एक संगीत की दुनिया में क्रांति माना जाता है क्योंकि यदि स्पीकर का आविष्कार ना होता तो संगीत की दुनियाआज इतनी तरक्की नहीं करती और लोगों को संगीत सुनने का मौका नहीं मिलता |

सबसे पहले जोहान फिलिप रीस  ने 1861 में अपने टेलीफोन में एक बिजली के लाउडस्पीकर स्थापित किया जो शुद्ध धुनों के ट्रांसड्यूस में सक्षम था और साथ  ही स्पीच को भी पुनरुत्पादित कर सकता था लेकिन एलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने 1876 में अपने टेलीफोन के भाग के रूप में पहले विद्युत लाउडस्पीकर को पेटेंट करवाया था जो समझ में आने योग्य आवाज के ट्रांसड्यूस में सक्षम था |

1898 में, होरेस शॉर्ट ने कम्प्रेस्ड एयर द्वारा संचालित लाउडस्पीकर के लिए एक डिज़ाइन का पेटेंट कराया और उसने फिर चार्ल्स पार्सन्स के पेटेंट को बेच दिया जो 1910 से पहले कई अतिरिक्त ब्रिटिश पेटेंट जारी किए गए थे।

और आज के समय में इस्तेमाल किए जाने वाले स्पीकर गतिशील स्पीकर हैं, जिसका आविष्कार 1925 में एडवर्ड डब्ल्यू केलॉग और चेस्टर डब्ल्यू राइस ने किया था गतिशील स्पीकर डायनामिक माइक्रोफ़ोन के रूप में एक ही बुनियादी सिद्धांत पर चल रहे है

और सन 1 9 30 में जेन्सेन ने पहले चुंबकीय लाउडस्पीकर बनाया और सबसे पहले लाउडस्पीकरों में वैद्युतचुंबकों का प्रयोग किया गया था और 1 9 30 के दशक में, लाउडस्पीकर निर्माताओं ने आवृत्ति प्रतिक्रिया और ध्वनि दबाव स्तर को बढ़ाने के लिए ड्राइवरों के दो और तीन बैंडपास  को मिलाना शुरु कर किया था

और 1 937  में, पहली मेट्रो-गोल्डविन-मायर द्वारा “थियेटर्स के लिए शिअरर हॉर्न सिस्टम  शुरू किया गया था जो पहला फिल्म उद्योग का मानक लाउडस्पीकर सिस्टम,था

तो  तरह धीरे-धीरे स्पीकर के उपयोग बढ़ते गए और इनकी क्वालिटी में भी सुधार होता गया और आज बहुत सी कंपनियां बहुत ही अच्छी क्वालिटी के स्पीकर बना रही है और इनका उपयोग दिनभर बढ़ता ही जा रहा आज इस आधुनिक युग में इतनी अच्छी-अच्छी टेक्नोलॉजी आई हुई है कि छोटे-छोटे स्पीकर भी बहुत ही हाई क्वालिटी ऑडियो क्वालिटी को अभी रिप्रोड्यूस करते है

लेकिन स्पीकर के अविष्कार में बहुत से लोगों का योगदान था और शुरुआती स्पीकर और आज कि स्पीकर की प्रक्रिया के अंदर बहुत से लोगों ने अपना योगदान दिया जिनकी वजह से आज हम बहुत ही अच्छे अच्छे स्पीकर का उपयोग कर पा रहे |

यह भी देखें

हमने आपको आज इस पोस्ट में सभी घर के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी बताइए हमने इसमें आपको बताया सभी कार का आविष्कार किसने किया सभी कर क्या होता है और सभी कर से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी और कुछ रोचक जानकारी यदि आपको यह जानकारी पसंद आए तो शेयर करना ना भूलें और यदि आपका इस जानकारी के बारे में कोई सवाल या सुझाव हो तो शेयर करना ना भूले.

3 Comments
  1. जिला जीत यादव says

    पूरे विश्व में पहली बार लाउडस्पीकर कब बना इसका इस्तेमाल कब और कहां किया गया

    1. ashutosh Pandey says

      1861in telephone
      Johaan filif reesh

  2. ashutosh Pandey says

    Gd discovered

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