रावण के बारे में रोचक जानकारी

रावण के बारे में रोचक जानकारी

भारत एक बहुत ही पुराना देश है इसके अंदर सभी तरह के लोग रहते हैं सिख ईसाई मुस्लिम हिंदू और इस तरह के और भी अनेक धर्मों के लोग इसके अंदर रहते हैं और यह प्राचीन समय से ही चले आ रहे हैं और भारत एक बहुत ही अच्छा देश है भारत के अंदर देवी देवताओं को मानने वाले लोग रहते हैं और इसके अंदर अपने देवी-देवताओं के प्रति लोगों की बहुत अच्छी मानता है वैसे तो दुनिया में बहुत से लोग अपने देवी देवताओं की पूजा करते हैं लेकिन हमारे देश के अंदर सबसे ज्यादा देवी देवताओं को माना जाता है क्योंकि भारतीय के धार्मिक रीति रिवाजों वाला देश है

भारत के अंदर बहुत से देवी देवताओं को माना जाता है जैसे श्री कृष्ण श्रीराम हनुमान जी इस तरह के देवी देवताओं को माना जाता है लेकिन भारत के अंदर सबसे ज्यादा श्री राम जी को भी पूजा जाता है और श्रीराम जी सबसे अच्छे भगवान के रूप में पूजा की जाती है उनके लिए भारत में 1 सबसे बड़ा त्यौहार भी मनाया जाता है जिसे भारत के लोग दीवाली कहते हैं और इस दिन श्री राम जी ने बुराई पर अच्छाई की जीत पाई थी और यह आप सभी भी जानते होंगे क्योंकि इस दिन श्री राम जी ने रावण का वध करके बुराई पर अच्छाई की जीत पाई थी और इस खुशी में भारत के लोगों ने घी के दिए जलाएं थे और आज भी उस प्रथा को भारत के लोग आगे बढ़ते चले आ रहे हैं और हम सभी दीवाली के रुप में श्री राम जी को पूजते हैं

क्योंकि रावण ने अपने घमंड को नहीं छोड़ा था और वह सभी देवी देवताओं को भी परेशान करता था और वह सब कुछ अपने घमंड के कारण गलत काम करता था माता सीता का रावण ने अपहरण कर लिया था इसलिए श्री राम जी ने रावण का वध कर दिया और इसके लिए रावण को उसी की नगरी में जाकर मारा गया क्योंकि रावण एक बहुत ही घमंडी इंसान था अगर उसके पास घमंड नहीं होता तो मैं कुछ भी कर सकता था रावण के पास ऐसी बहुत सी चीजें और शक्तियां थी जिसे कि वह पूरी दुनिया को अपने कब्जे में कर सकता था और वह कुछ भी कर सकता था लेकिन घमंड किसी को भी नहीं करना चाहिए यह हमें अभी सिखाया जाता है लेकिन उसी समय भी यही बात होती थी कि घमंड किसी को नहीं करना चाहिए घमंड के कारण ही रावण को अपने सोने की लंका गवानी पड़ी और अपनी जान भी गंवानी पड़ी रावण के 10 सिर थे

रामायण में असत्य पर सत्य की विजय का पाठ हमें हमेशा पढाया जाता है .श्री राम और रावण के बीच का युद्ध जिसमे श्री राम सत्य का प्रतीक और रावण असत्य का प्रतीक बताया गया है .हमें रावण को हमेशा एक शैतान के रूप में बतया गया है .लेकिन क्या आप जानते है की रावण एक ऐसा ज्ञानी व्यक्ति था जिसके सामने देवता भी नतमस्तक हो जाते थे .अपनी अधर्मी छवि के बावजूद ऐसे उदारण पेश किये जाते है .जिस से पता चलता है की वो एक बहुत बड़े ज्ञानी व्यक्ति थे.

तो आज हम आपको इस पोस्ट में रावण के बारे में कुछ ऐसे जानकारी देंगे जो कि शायद आपको नहीं पता होगी लेकिन हम आपको इस पोस्ट में रावण से संबंधित कुछ ऐसे तथ्य और जानकारी बता रहे हैं जो कि आपको जानकर बहुत ही अच्छा लगेगा और शायद आपको इसके बारे में जानना जरुरी भी है क्योंकि इस तरह की जानकारी बहुत जगह पर आपके लिए काम आती है तो हम आपको नीचे इस पोस्ट में राहुल से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं क्योंकि रावण एक घमंडी आदमी था उसके बारे में आप को जानना बहुत जरूरी है और किस तरह से उसकी मृत्यु हुई इस कारण उसको अपनी लंका गवानी पड़ी इस तरह के हम आपको इस में बताएंगे

श्री राम और रावण के युद्ध के बाद जब रावण अपनी आखिरी सांसे गिन रहा था तब श्री राम ने लक्ष्मण को रावण से ज्ञान लेने के लिए कहा था .और लक्ष्मण रावण के सर के पास बैठ गए तब रावण के लक्ष्मण से कहा की अगर आपको अपने गुरु से ज्ञान प्राप्त करना है तो उनके चरणों में बैठना चाहिये  .

रावण के बारे में रोचक जानकारी

रावण को आर्युवेद का बहुत ज्ञान था और उसने आर्युवेद के लिए बहुत योगदान दिया था .अर्द्ध प्रकाश नाम की एक किताब भी रावण ने लिखी थी .जिसमे आर्युवेद से जुडी हुई बहुत सारी  जानकारी थी .रावण को ऐसे चावल भी बनाने आते थे जिसमे परचुर मात्रा में विटामिन होते थे और यही चावल हो सीता जी को दिया करता था .

कविताये लिखने में भी रावण पारंगत था .रावण सिर्फ एक योद्धा नहीं था .उन्होंने बहुत सारी कविताये और श्लोक की रचनाये भी की थी .शिव तांडव भी इन्ही रचना में से एक है .रावण ने भगवान शिव जी को खुश करने के लिए एक कविता “मैं कब खुश होऊंगा ” लिखी थी .भगवान शिव इतने खुश हुए की उन्होंने रावण को वरदान दे दिया .

रावण को सगीत का भी बहुत ज्ञान और शोक था . रूद्र विणा बजने में रावण से कोई नहीं जित सकता था .रावण जब भी परेशान या चिंतित होता तो रूद्र विणा बजाने लगा था .रावण के एक “वोइलन ” भी बनया था जिसे रावण हथा कहते है .और आज भी राजस्थान में इसे बजाय जाता है .

कहा जाता है की श्री राम और रावण के युद्ध के समय समुद्र के ऊपर पूल बनाने के लिए  यज्ञ  करना था लेकिन सीता जी के बिना वो यज्ञ सफल नहीं हो सकता था तब रावण सीता जी को ले कर आये और श्री राम का यज्ञ  संपन हुआ .और और यज्ञ होने के बाद राम ने रावण का आशीर्वाद माँगा तो  रावण ने विजयभव:  भी कहा था .

रावण को वेद और संस्कृत का बहुत ज्ञान था .सामवेद के अलवा उन्हें दुसरे वेदों का भी ज्ञान था .इतना ही नहीं पद-पथ में भी उन्हें महारथ हासिल थी . पद – पथ ही एक तरीका है वेदों को पढने का .

रामायण कई देशो में एक ग्रंथ के जैसे अपने गयी है .थाईलैंड में जो रामायण है उसके अनुसार सीता जी रावण की बेटी थी .जिस एक भविष्यवाणी के बाद रावण ने सीता जी को जमीन में दफना दिया था .भविष्यवाणी में कहा गया था की यही लड़की तुम्हारी मौत का कारन बनेगी .और बाद में सीता जी जनक को मिली .और यही कारन था की रावण के देवी सीता के साथ कभी भी बुरा बर्ताव नहीं किया था .

ग्रह नक्षत्रो को रावण हमेशा अपने हिसाब से चलाता था .मेगनाथ के जनम से पहले नक्षत्रो को अपने हिसाब से लगा लिया था जिस से उसका होना वाला पुत्र अमर हो सके .लेकिन आखिरी वक्त में शनि के अपनी चाल बदल दी थी .रावण इतना शक्ति शाली थी की उसने शनि को भी बंधी बना लिया था.

हमने हमेशा पढ़ा था की रावण के 10 सिर थे .पर असल में रावण के सिर दस नहीं एक ही था ऐसे कहा जाता है की  रावण के सिर में 10 सिरों जितनी सोचने की और काम करने की शक्ति थी .और यही कारन है की रावण इतने ज्ञानी व्यक्ति थे .

ये थी रावण के बारे में कुछ रोचक और आश्चर्य जनक बाते अगर आपको कंही से कुछ गलत लगे तो हमें जरुर बताये और अगर जानकारी अची लगे तो शेयर करना न भूले .

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तो आज हमने आपको इस पोस्ट में रावण के बारे में कुछ रोचक जानकारी दी और रावण से संबंधित कुछ अन्य जानकारी दी थी और इसमें हमने आपको श्री राम जी के बारे में भी कुछ जानकारी बताई है जिससे कि रावण के बारे में भी आपको कुछ पता चला होगा मैं आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी और यदि आपको यह पोस्ट पसंद आए तो शेयर करना ना भूलें. यदि आपका इसके बारे में की सवाल या सुझाव हो तो आप निचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते है.

 

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