जीन्स का अविष्कार किसने किया

जीन्स का अविष्कार किसने किया

आज सबसे ज्यादा पहने जाने वाली ड्रेस में जीन्स का  नंबर एक है और  लोगो  की कपड़ो में पहली पसंद जीन्स है आज कहीं भी नज़र घुमा ले आपको  50% से 70% लोग जींस का इस्तेमाल करते पाएंगे  जीन्स की पॉपुलर होने की कई वजह भी हैं जींस के पापुलर होने का सबसे बड़ा कारण यही है कि ना  जल्दी से फटती है और ना ही जल्दी पुरानी होती है और यह गंदी भी जल्दी नहीं होती और यदि गंदी हो भी जाए तो पता नहीं चलता इसको एक बार धोने पर एक से दो बार आसानी से पहन सकते हैं

और आज इसका बढ़िया लुक और स्टाइलिश होने का सबसे बड़ा फयदा है कि जीन्स कभी फैशन से बाहर नहीं हुई  और दिनभर जींस की लोकप्रियता बढ़ती ही जा रही है और जींस के डिजाइन के अंदर दिनभर बदलाव के कारण लोग इसे ज्यादा से ज्यादा पहनना पसंद करते हैं जींस ने   और दुसरे   कपड़ों की पॉपुलैरिटी को बहुत कम कर दिया जींस पिछले कुछ समय में ही पॉपुलर हुई है लेकिन आपको बता दें कि जींस आज से करीब 100 साल पहले से ही पहनी जा रही है सबसे पहली जीन्स नीले रंग में ही बनाई गई थी, शुरू में जीन्स मजदूरों और मेहनती लोगो द्वारा ही पहनी जाती थी इनके कपडे जल्दी गंदे हो जाते थे कपडे गंदे होने पर भी गंदे न दिखे इसलिए इनका रंग नीला रखा गया

जीन्स का अविष्कार

16 वीं सदी में यूरोप ने भारतीय मोटा सूती कपडा़ मँगाना शुरू किया, जिसे डुंगारी कहा जाता था। बाद मे इसे नील के रंग में रंग कर मुंबई के डोंगारी किले के पास बेचा गया था  नाविकों ने इसे अपने अनुकूल पाया और इससे बने वाले कपड़े पहनने लगे। कंधे से लेकर पाजामे तक का  एक ही कपड़ा था यह डंगरी कहलाता है

और सबसे पहले  जीन्स का कपडे़ का उत्पादन सन , 1600 की शुरुआत मे इटली के एक कस्बे ट्यूरिन के निकट चीयरी में किया गया था  और इस कपड़े को जेनोवा के हार्बर के माध्यम से बेचा गया था, जेनोवा एक स्वतंत्र गणराज्य की राजधानी थी और इसकी  नौसेना काफी शक्तिशाली थी  इस कपडे़ से सबसे पहले जेनोवा की नौसेना के नाविको की पैंट बनायी गयीं क्योंकि नाविको को ऐसी पैंट की ज़रूरत थी जिन्हें सूखा या गीला भी पहना जा सके

जिस कपड़े  से जींस बनती थी  वह कच्चा माल फ्रांस के निम्स शहर से आता था  और , जिस कपडे से जीन्स बनी है उसे फ्रांसीसी  में  “Serge” कहते हैं और इसका नाम पड़ा गया “Serge de Nimes” फिर लोगो ने इसको शोर्ट कर दिया और ये हो गई De nims धीरे धीरे डेनिम्स पूरे यूरोप में पॉपुलर हो गई और इसको सबसे ज्यादा नाविक लोग पसंद करते थे और जिसे जींस  कहते थे |

जींस के बारे में कुछ दिल्च्चस्प बाते

जीन्स में छोटी जेब

क्या आप जानते है की जीन्स में छोटी जेब क्यों होती है यदि नही तो हम बताते  है  यह पॉकेट इतनी छोटी होती है कि इसमे कुछ सिक्के ही रखे जा सकते थे लेकिन लोग इसका इस्तेमाल करते रहे इस जेब की शुरुआत  जीन्स ब्रांड Levi’s ने की थी आपको बता दे की इस पॉकेट का नाम वॉच पॉकेट है और इसे काउबॉयज के लिए  तैयार किया गया था 18वीं शताब्दी में काउबॉयज अपने वेस्टकोट पर चेन वाली घडियां पहना करते थे और   इन घड़ियों को रखने के लिए ये पॉकेट बनाई गई थी  यह जेब 1879 में बननी शुरू हुई थी

जीन्स में मेटल बटन

आपने देखा होगा कि जींस के अंदर मैटल के बटन लगाए हुए होते हैं यह बटन इसलिए लगाए गए थे क्योंकि यह जींस पहले मजदूरों दवारा पहनी जाती थी और इसलिए मजबूती के लिए इनमे मेटल के बटनों को लगाया गया था शुरू में प्लास्टिक के बटन का इस्तेमाल किया गया था लेकिन वह थोड़े से समय में टूट जाते और उससे मजदूरों को बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था इसलिए अच्छी मजबूती के लिए मैटल के बटनों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया |

जीन्स का रंग नीला

आपने देखा होगा कि ज्यादातर जींस का रंग नीला होता है इसके पीछे भी बहुत बड़ा कारण है जींस का रंग नीला होने का कारण शुरू में जींस मजदूरों द्वारा पहनी जाती थी और वह सारे दिन काम करते थे और वह चाहते   थे की उनके कपड़ो का रंग ज्यादा गंदा ना दिखे इसलिए इसको नीले रंग में बनाया गया क्योंकि और कपड़ों के अंदर थोड़े से काम के बाद ही गंदगी दिखने लगती थी  लेकिन नीले रंग के कपड़े कम गंदे होते है और गंदे भी  होते है तो कम दिखाई देते है

यह भी देखें

इस पोस्ट में आपको जीन्स का इतिहास जीन्स क्या है डेनिम कपड़े का आविष्कार कब हुआ जीन्स बनाने का तरीका जीन्स कितने प्रकार के होते है जींस का पैंटके बारे में बताया गया है अगर इसके अलावा आपका कोई भी सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट करके जरूर पूछें. और इस पोस्ट को शेयर जरूर करें ताकि दूसरे भी इस जानकारी को जान सकें.

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