हर सेट मे कितने रेप्स और कितना आराम करना चाहिए?

हर सेट मे कितने रेप्स और कितना आराम करना चाहिए?

यह सवाल हर किसी के दिमाग मे आता है के जिम मे एक्सरसाइज मे कितने सेट और कितने रेप्स लगाने चाइए और एक सेट लगाने के बाद कितनी देर तक मसल को रेस्ट देना चाहिए। कुछ ट्रेनर कहते है की 30 सेकंड का रेस्ट बहुत है कुछ कहते है की कम से कम एक मिनट का रेस्ट करना चाहिए। अब कौन सा टाइम इस्तेमाल करे जिससे हमारी मसल ग्रोथ कर सके।

ज़्यादातर हर सेट के बाद का टाइम आपके गोल पर निर्भर करता है की आप किस चीज की ट्रेनिंग कर रहे या आप कैसी बॉडी बनाना चाहते है। आज हम आपको गोल के हिसाब से अलग अलग रेप्स और इसके बाद कितना रेस्ट करना है इसके बारे मे बात करेंगे।

स्ट्रेन्थ ट्रेनिंग:-

अगर आप अपनी मसल और बॉडी को मजबूत बनाना चाहते है तो आप हर सेट मे 1 से लेकर 6 रेप्स तक लगाए। और हर सेट के बाद आपको 3 से 5 मिनट का रेस्ट करना है क्योकि स्ट्रेन्थ ट्रेनिंग मे सबसे ज्यादा एनर्जि की जरूरत पड़ती है और ATP सिस्टम को 15 सेकंड मे थोड़ी मात्रा मे एनर्जि दे पाती है अगर आप स्ट्रेन्थ ट्रेनिंग कर रहे है तो आपको अगले सेट के लिए कम से कम 3 मिनट का रेस्ट करना होगा तभी आप अगला सेट अच्छी तरह से कर सकते है। ATP बॉडी का एक Bioenergetic Systems है। और यह एक रिसर्च से भी पता लगा है की 3 मिनट के बाद खिलाड़ी ज्यादा वजन उठा सकता है कम रेस्ट टाइम के मुक़ाबले। लेकिन आपको 5 स्ट्रेन्थ ट्रेनिंग के दौरान 5 मिनट से ऊपर आराम नही करना है अगर आप इससे ज्यादा रेस्ट करते है तो आपकी बॉडी का तापमान कम हो जाएगा और आपको एक्सरसाइज़ के दौरान भीतरी चोट का सामना करना पड सकता है।

बॉडीबिल्डिंग या हाइपरट्रॉफी ट्रेनिंग:-

अगर आप अच्छा मसल बनाना चाहते है एक बॉडीबिल्डर की तरह तो आपको इसमे रेप्स 6 से 12 तक रखनी है और इसमे आपको वेट हर सेट के बाद बढ़ाना होता है। और हर सेट के बाद आप 1 से 2 मिनट का रेस्ट कर सकते है। कुछ बॉडीबिल्डर शॉर्ट रेस्ट करके भी मसल बिल्ड करते है इसमे वो ब्लड फलो के इस्तेमाल से मसल को टारगेट करते है। अगर आप 1 से 2 मिनट का रेस्ट करते है तो सबसे ज्यादा मात्रा मे anabolic हॉर्मोन्स रिलीज होते है जो की मसल बिल्ड करने मे मदद करते है।

सहनशीलता ट्रेनिंग:-

अगर आप मसल की सहनशीलता बढ़ाना चाहते है तो आप हर सेट मे 15 से 20 रेप्स लगाए। और हर सेट के बाद 45 सेकंड से लेकर 2 मिनट का रेस्ट कर सकते है। इस टाइप की ट्रेनिंग मे आपको वजन पहले हल्का रखना है उसके बाद आप मीडियम वजन का इस्तेमाल करे इस टाइप की एक्सरसाइज़ मे आप हैवि वजन का इस्तेमाल न करे।

अगर आपका मन में भी कोई सवाल है तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते है और आप अपने गोल के हिसाब से डाइट प्लान भी बनवा सकते है

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