Folic Acid Test क्या होता है What is Folic Acid Test in Hindi

Folic Acid Test क्या होता है What is Folic Acid Test in Hindi

हम बहुत सी बीमारियों के संक्रमण से बचने के लिए अलग-अलग तरह के अलग-अलग टेस्ट करवाते हैं उनमें से बहुत तरह के ब्लड टेस्ट होते हैं जो कि हमारे शरीर में अलग अलग बीमारियों के लिए अलग अलग किए जाते हैं जैसे अगर हमारे खून में किसी  चीज की मात्रा कम है. तो आज मैं आपको फॉलिक एसिड टेस्ट के बारे में बताऊंगा यह एक ऐसा टेस्ट है. जो ब्लड के द्वारा किया जाता है. और इससे हमारे शरीर में फॉलिक एसिड की मात्रा पता चलता है तो नीचे  आपको. फॉलिक एसिड टेस्ट क्या होता है और इसके करवाने के क्या फायदे हैं. और यह किस तरह से किया जाता है.

फोलिक एसिड टेस्ट क्या होता है

फॉलिक एसिड हमारे खून के तरल भाग (प्लाज्मा )में पाया जा सकता है. और यह हमारे फॉलिक एसिड को रक्त कोशिकाओं में भी मापा जा सकता है.  शरीर में इकट्ठी फोलिक एसिड की मात्रा को मापने के लिए यह टेस्ट प्लाज्मा टेस्ट से बेहतर तरीका हो सकता है. फॉलिक एसिड विटामिन बी-9 है. जो स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन के लिए आवश्यक है. ये  पूरे शरीर में कोशिकाओं को ऑक्सीजन दिया जाता है. इसलिए वे  स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं. भ्रूण के सामान्य विकास के लिए फॉलिक एसिड भी महत्वपूर्ण है. यह कोशिका और ऊतक वृद्धि के साथ-साथ डीएनए को बनाने में मदद करता है. इसी के कारण यह आनुवांशिक जानकारी रखती है.

फॉलिक एसिड गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है. या जो गर्भवती होने की योजना बना रहे हैं. उन महिलाओं को गर्भवती होने से एक महीने पहले हर रोज कम से कम 400 माइक्रोग्राम फॉलिक एसिड लेना चाहिए. गर्भावस्था के दौरान अतिरिक्त फोलिक एसिड लेना मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के जन्म के दोषों को रोकने में मदद कर सकता है. जैसे कि स्पाइना बिफाडा और  फटे होंठ या फेटेले तालू. जिन महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त फॉलिक एसिड नहीं मिलता है. उनमें एक जन्मजात दोष, जैसे फांक होंठ या फेटेलाट या न्यूरल ट्यूब दोष, जैसे स्पाइन बिफिडा, पैदा होने वाला बच्चा होता है. फॉलिक एसिड की कमी के कारण मेगालोब्लास्टिक एनीमिया नामक एनीमिया हो सकता है. हल्के फॉलिक एसिड की कमी आमतौर पर किसी भी लक्षण का कारण नहीं है. लेकिन गंभीर फॉलिक एसिड की कमी के कारण गले में जीभ, दस्त, सिरदर्द, कमजोरी, विस्मरण और थकान हो सकती है. अगर आपका वजन ज्यादा है और बॉडी मास इंडेक्स (बी.एम.आई.) 25 से अधिक है या फिर आपको मधुमेह है, तो डॉक्टर आपको फॉलिक एसिड की अधिक मात्रा लेने की सलाह दे सकती हैं,

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स का भाग होता है. यह तंत्रिका तंत्र की स्वास्थ्य और ऊतक की मरम्मत के लिए महत्वपूर्ण होता है.जैसे हमारे शरीर के लिए विटामिन जरूरी होता है. वैसे ही विटामिन बी 9 भी हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है. क्योंकि कुछ एंजाइमों को उन्हें आवश्यक रासायनिक प्रतिक्रियाएं करने की जरूरत होती है.और यह आंतों और आहार के बैक्टीरिया से फोलेट प्राप्त किया जाता है. हम फोलेट में समृद्ध खाद्य पदार्थ जैसे पत्तेदार हरी सब्जियां, बीन्स, खट्टे फल, से प्राप्त कर सकते है. फॉलेटेड पानी में घुलनशील होते हैं जिसके कारण यह ज्यादातर फॉलिक मूत्र के द्वारा बाहर निकल जाते हैं. यह हमारे शरीर में वसा  के रूप में जमा नहीं होते हैं लेकिन फ़ॉलेट की छोटी मात्रा जिगर में जमा होती है. 

किन खाद्य पदार्थों में सबसे अधिक फॉलिक एसिड पाया जाता है

जैसे कि मैंने आपको बताया था. कुछ खाद्य पदार्थों में फॉलिक एसिड की मात्रा होती है जिनको लेने से हमारे शरीर में फॉलिक एसिड की मात्रा पूरी हो जाती है. तो उन चीजों में कितनी फॉलिक एसिड की मात्रा होती है. उनके बारे में कुछ आपको नीचे बता रहा हूं. नीचे की सूची दी गई है उसको आप जरूर देखें.

  • 1/2 कप पका पालक -130mcg
  • 1 कप टमाटर का रस – 50mcg
  • एक बड़ा आलू छिलके समेत – 39mcg
  • एक बड़ा संतरा – 54mcg फोलेट
  • एक बड़ा उबला अंडा – 22mcg फोलेट
  • एक मध्यम पका हुआ पपीता – 115mcg फोलेट
  • 25 ग्राम गेहूं के बीज (वीट जर्म) – 100mcg
  • हरी गोभी (ब्रोकोली) के दो टुकड़े – 61mcg
  • सात चम्मच चोकर – 113mcg
  • चार बड़े चम्मच लोभिया – 220mcg
  • 1/2 कप राजमा – 115mcg
  • 3/4 कप पके सफेद चावल – 60mcg
  • 1/2 कप पकी दाल – 175mcg
  • 1 कप पके नूडल्स – 160mcg
  • 1/2 कप छोले -140mcg

इसके अलावा दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियां भी फॉलिक का बहुत अच्छा स्त्रोत होती है. जैसे कि पालक मूली गोभी शलगम सरसों का साग मटर धनिया या भिंडी जैसी सब्जी का आप इस्तेमाल कर सकते हैं. इन सभी में फोलेट अच्छी मात्रा में पाया जाता है.

फॉलिक एसिड टेस्ट से पहले

जब आपका फॉलिक एसिड टेस्ट होता है. तो उससे 10 या 8 घंटे पहले आपको कुछ भी खाना पीना नहीं होता है. (सिवाय पानी के) यदि आप किसी भी तरह की दवाई का सेवन करते हैं तो उससे पहले आप अपने डॉक्टर से बातें जरूर करें.

फॉलिक एसिड टेस्ट किस तरह किया जाता है. उसके बारे में आपको नीचे कुछ बातें बता रहा हूं. जो कि फॉलिक एसिड करते समय डॉक्टर आपके साथ हैं करते हैं तो आप इन बातों को जरूर ध्यान से पढ़िए क्योंकि अगर आपको भी कभी इस तरह के टेस्ट की आवश्यकता होती है तो आप इस समय में घबराएं नहीं तो देखिए

  1. रक्त के प्रवाह को रोकने के लिए अपने ऊपरी बांह के आस-पास एक लोचदार बैंड लपेटें इससे बैंड के नीचे की नसों को बड़ा हो जाता है. इसलिए नसों में एक सुई डालना आसान होता है.
  2. फिर उसके बाद शराब के साथ सुई साइट को साफ किया जायेगा.
  3. सीरंज में सुई डाल आपके हाथ की नस में उस सीरंज की खून निकलेगा इस समय आपको तदा डर जरुर होगा लेकिन घबरने की जरूरत नहीं है. यह एक बार होता है. और जब आपका खून लिए जा रहा ह उस समय आपका एक से अधिक सुई की छड़ी का इस्तेमाल कर सकता है.
  4. फिर आपके खून को निकाल कर और उस सिरे से निकालकर एक ट्यूब से सैंपल बनाया जायेगा. और फिर उसको प्रयोगशाला में ले जाया जाएगा.
  5.  जब पर्याप्त रक्त एकत्र किया जाता है. तो बैंड को अपने हाथ से निकालें सुई को हटाने के रूप में सुई साइट पर एक धुंध पैड या कपास की गेंद रखो. साइट पर दबाव डालें और फिर एक पट्टी पर डालें.

यह कैसा महसूस होता है

खून का नमूना आपके बांह में सीरंज से लिया जाता है. एक लोचदार बैंड आपके ऊपरी बांह के आसपास लपेटा हुआ है. यह तंग महसूस कर सकता है. आप सुई से कुछ भी नहीं महसूस कर सकते हैं या आप एक थोडा दर्द या चुटकी महसूस कर सकते हैं.

  1. आपको साइट पर एक छोटा सा खरोंच मिल सकता है. आप साइट पर कई मिनटों तक दबाव डालने से चोट लगने का मौका कम कर सकते हैं.
  2. रक्त का नमूना लेने के बाद  सीरंज वाली जगह सुजन हो सकती है. इस समस्या को फ्लेबिटीस कहा जाता है.
  3. एस्पिरिन, वारफेरिन (जैसे कौमडिन), और अन्य रक्त-पतला दवाओं से रक्तस्राव की संभावना अधिक हो सकती है.
  4. यदि आपके पास रक्तस्राव या थक्के की समस्या है या यदि आप रक्त-पतला औषधि लेते हैं तो अपने रक्त का नमूना लेने से पहले अपने डॉक्टर को बताएं.

फॉलिक एसिड उच्च हो तो

रक्त में फॉलिक एसिड के उच्च स्तर का मतलब यह हो सकता है कि आप फॉलिक एसिड में समृद्ध आहार खाते है. या विटामिन लेते हैं या फॉलिक एसिड की गोलियां लेते हैं. आपको शरीर की जरूरतों से अधिक फॉलिक एसिड लेने से समस्याएं पैदा नहीं होती हैं. उच्च फॉलिक एसिड के स्तर का मतलब विटामिन बी 12 की कमी भी हो सकता है. फॉलिक एसिड का उपयोग करने के लिए शारीरिक कोशिकाओं को विटामिन बी 12 की आवश्यकता होती है. इसलिए यदि विटामिन बी 12 का स्तर बहुत कम है. फॉलिक एसिड का उपयोग कोशिकाओं द्वारा नहीं किया जा सकता है.

फॉलिक एसिड टेस्ट क्यों किया जाता है

यदि आप फॉलिक एसिड की कमी के लक्षण दिखा रहे हैं. तो आपका डॉक्टर एक फॉलिक एसिड टेस्ट कर सकता है. अगर आप विटामिन बी -12 की कमी के लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं. तो वे भी टेस्ट करने क लिए कह सकते हैं. क्योंकि विटामिन की कमी से एनीमिया का कारण हो सकता है.

फॉलिक एसिड या विटामिन बी -12 की कमी के लक्षणों कोन से है

यदि आपके शरीर में दस्त या कब्ज,एक सूजन, लाल जीभ ,मसूड़ों से खून बह रहा हो ,भूख की कमी,थकान,.सिर दर्द, सुन्न होना, चलने में दिक्कत होती हो, शक्ति की क्षति ये सभी एनीमिया के लक्षण हैं. ये लक्षण देखते ही आप तुरंत अपने डॉक्टर से मिले और यह दिल आपका डॉक्टर आपके टेस्ट के लिए बोल रहा है. तो आप उसे जरूर करवाएं.

आज हमने आपको इस पोस्ट एक बहुत ही अच्छी और महत्वपूर्ण जानकारी बताइ है. यह जानकारी आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी. हमने आपको इस पोस्ट में आज फॉलिक एसिड टेस्ट के बारे में बताया है और उसके बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दी है तो यदि हमारे द्वारा बताएंगे यह जानकारी आपको पसंद आए तो शेयर करना ना भूलें. और यदि आपका इसके बारे में कोई सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके हमसे पूछे.

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