दूरबीन की खोज किसने की

दूरबीन की खोज किसने की

जब हम बात करते हैं कहीं दूर की चीज को नजदीक देखने की या किसी छोटी चीज को बड़ा करके अपने पास देखने की तो हम सिर्फ एक ही चीज का नाम लेते हैं वह नाम है दूरबीन का दूरबीन एक ऐसी चीज है जो कि बहुत दूर की चीज को बहुत नजदीक दिखाने में ऐसा मत है अगर हम बात करें दूरबीन से पहले की तो इससे पहले ऐसा कोई भी यंत्री आए ऐसा कोई भी सामान नहीं था जिसे की किसी भी बॉडी दूर की चीज को नजदीक से देखा जा सके लेकिन जब दूरबीन का आविष्कार हुआ तो उसके बाद दुनिया में यह बात बहुत झूठी लगी लेकिन जब दूरबीन का आविष्कार हो गया और यह लोगों के सामने आ गई और लोगों ने इसको अपनी आंखों से देखना शुरु किया और उंहें भी वह दूर की चीज अपने पास और नजदीक नजर आई तो लोगों को विश्वास हो गया,

कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं है लेकिन सबसे पहले स्टार्ट करने आविष्कार करने वाला यह चमत्कार देखकर चौंक गया था कि इतनी दूर की चीज पास कैसे देखे जा सकती है लेकिन यह सच था कि यह चीज एक चमत्कार ही है जो कि इतनी दूर की चीज को अपने पास दिखा सकती है इसका अविष्कार करने वाला आदमी भगवान से कम नहीं है लेकिन उसने कोई इसका आविष्कार करने की सोची नहीं थी हम आपको पहले भी कई बार बता चुके हैं कई पोस्टों में की हमारे द्वारा किए गए आविष्कार बहुत से ऐसे आविष्कार सकते हैं जो कि किसी गलती के कारण होते हैं और वह हमें फायदा पहुंचाते हैं जैसे की हम आग का आविष्कार समझते हैं लेकिन इसका कोई किया नहीं गया था आज तक अपने आप हुआ था उसने सिर्फ उसे देखा था कि जब आदिमानव ने दूसरे पत्थर के ऊपर पत्थर फेंका तो उसे आग की चिंगारी चिंगारी निकली जिसे आग कहा जाता है

तेरे से ही दूरबीन का आविष्कार गलती के कारण से हुआ था लेकिन यह एक इतना बड़ा आविष्कार हुआ जो कि आज के समय में दुनिया में बहुत काम में लिया जाता है और उसी तरह से ही सूक्ष्मदर्शी काम करता है जैसे दूरबीन काम करती है दोनों का काम एक ही है लेकिन तरीका अलग-अलग हैदूरबीन का आविष्कार तो बहुत ही पुराना है लेकिन समय के साथ साथ अलग-अलग तरह के माइक्रोस्कोप यानी दूरबीन आती गई और इस में बदलाव आता गया आजकल बहुत ही बढ़िया बढ़िया तरह की दूरबीन होती है जो कि समुद्री जहाज में बहुत इस्तेमाल की जाती है

दूरबीन की खोज किसने की

जैसा की हमने आपको ऊपर भी बताया है. टेलीस्कोप या दूरबीन एक ऐसा यंत्र जो दूर की चीजों को पास दिखाता है .ये एक जादू से कम नहीं था जब ये बना था . Hans Lippershey को दूरबीन बनाने वाला पहला इन्सान माना गया है .Lippershey एक चश्मा बनाने वाला था जो German का रहने वाला था  और वो बहुत ही बढ़िया किस्म के चश्मे बनाता था .तो इसी तरह उनके पास तरह तरह के लेंस थे . Lippershey ने एक दिन कुछ लेंस को आपस में मिला कर देखा तो उसने पाया की जिस वस्तु को वो देख रहा वो वस्तु 3 गुणा पास आ गयी थी . और इस तरह दूरबीन का अविष्कार हुआ .

इसके बाद उसने नीदरलैंड की सरकार के लिए द्विनेत्रीय दूरबीन बनाया जो की दोनों आँखों पर लगा कर देख सकते थे . और सितंबर 1608 की 25 तारिक को Lippershey  ने दूरबीन का patent अपने नाम करवाया .

इसके बाद Galileo के इस दूरबीन के बारे में खबर सुनी जो की किसी भी वास्तु को 3 गुणा पास दिखा सकती है तो उसने भी बिना Lippershey की दूरबीन देखे बिना ही अपनी दूरबीन बनाने की सोची और बनाने लगा , Lippershey की दूरबीन किसी वस्तू को सिर्फ 3 गुणा पास दिखा सकती थी  लेकिन Galileo  ने उस से ज्यादा लेंस का इस्तेमाल की और एक दूरबीन बनायीं जो किसी वस्तु को 20 से 30 गुणा पास ला सकती थी .

इस तरह दूरबीन को और बेहतर बनाया गया और जैसे जैसे  दूरबीन को अच्चा बनाया गया वैसे वैसे और बहुत साडी खोज की गयी .और दूरबीन के अविष्कार के बाद सौरमंडल के बारे में हमारे नजरिया बिलकुल बदल गया और हमें बहुत साडी चीजो के बारे में बहुत जानने को मिला .

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तो आज हमने आपको इस पोस्ट में doorbeen ka aviskar kisne kiya telescope ka avishkar kisne kiya telescope ka khoj kisne kiya durbeen ka avishkar durbin ka aviskar kab hua tha galileo ne kis chij ka aviskar kiya tha दूरबीन के आविष्कार के बारे में बताया और उसके बारे में और भी कुछ रोचक और महत्वपूर्ण जानकारी आप को बताई है यदि आपको यह जानकारी पसंद आए तो शेयर करना ना भूलें और आपका इसके बारे में कोई सवाल है सुझाव है तो हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं और यदि आपके पास भी कोई ऐसी रोचक जानकारी है तो हमें जरुर बताएं.

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