दुनिया के 8 महान चिकित्सा आविष्कार जिसने दुनिया बदल दी

दुनिया के 8 महान चिकित्सा आविष्कार जिसने दुनिया बदल दी

आज तक दुनिया में बहुत अविष्कार हुए है और अलग अलग क्षेत्र में हुए और सभी का महत्व अलग अलग है तो आज हम  बात करेंगे की  चिकित्सा क्षेत्र के बारे में हुए अविष्कारों के बारे में क्योकि चिकित्सा  क्षेत्र में हुए अविष्कारो का हमारे जीवन में बहुत उपयोग है  और उन अविष्कारों ने हमारे जीवन को सरल बना दिया है और मानव जीवन को और भी लम्बा बना दिया और चिकित्सा क्षेत्र में अविष्कार तो बहुत हुए लेकिन कुछ अविष्कार ऐसे थे जिनका महत्व मानव जीवन में बढ़ता ही जा रहा है

तो आज हम ऐसे कुछ अविष्कारों के बारे में बात करेंगे जो चिकित्सा क्षेत्र में हुए और आज भी  अरबों लोगों को, और  विशेष रूप से उन बीमार लोगों को  लाभ दे रहे और सदियों तक देते रहेंगे उनके अंदर थोड़े सुधार होते रहेंगे और लम्बे समय तक  मानव जीवन में काम आते रहेंगे तो आज हम कुछ ऐसे अविष्कारों के बारे में बतायेंगे जिन्होंने चिकित्सा क्षेत्र  में  क्रांति ला दी और दुनिया को बदल दिया तो देखिये |

1 . टीके का अविष्कार (Vaccines)

टिका  जीवों के शरीर का उपयोग करके बनाया गया द्रब्य है जिसके प्रयोग से शरीर की किसी रोग विशेष से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है टीके किसी भी संक्रमण के इलाज में टीके बहुत सहायक हैं यह वर्ष 1796 में था जब डॉ एडवर्ड जेनर ने टीके का आविष्कार किया था। उन्होंने एक अंग्रेजी लड़के को चेचक से दूर रहने में मदद की जिससे इस महान चिकित्सा आविष्कार का आविष्कार हुआ

टीके के आविष्कार ने चिकित्सा  विभाग में एक  क्रांति ला दी  क्योकि  टीके के आविष्कार से पहले बहुत लोग संक्रमण रोगों से मोत हो जाती थी क्योकि उनका समय पे इलाज नही   हो पाता था जिसके कारण लोगो की मोत हो जाती थी लेकिन अब तो लोग जागरूक हो गये है तो जन्म से सभी संक्रमण रोगों से  अपने बच्चो को बचाने के लिए पहले ही टीकाकरण करवा लेते है

2 . MBI(Molecular Breast Imaging ) (Antibiotics)

MBI या Molecular Breast Imaging एक व्यक्ति के स्तनों को स्कैन करने में बहुत उपयोगी है  यह स्तनों में घने ऊतकों में स्थित ट्यूमर का पता लगा सकता है। वास्तव में, यह स्तन कैंसर का पता लगाने के तरीक़े की तुलना में मैमोग्राफी के रूप में जाना जाता है MBI के अविष्कार ने बहुत सी जिन्दगी बचाई  है क्योकि इसके अविष्कार ने व्यक्ति के स्तनों  की बहुत बड़ी बीमारी का पता लगाने में बहुत योगदान दिया

इसके अविष्कार से पहले बहुत से लोग ट्यूमर से मर जाते थे क्योकि इसका पता तो चलता नही था और लास्ट स्टेज आकर इसे इन्सान मर जाता था लेकिन जब से MBI का अविष्कार हुआ उसके बाद तो कैंसर  का  पहले से पता चलने लगा और इसका कुछ हद तक इलाज होने लगा |

3.  एंटीबायोटिक्स का अविष्कार (Antibiotics)

एंटीबायोटिक्स को एंटीबैक्टीरियल्स भी कहते हैं  यह एक प्रकार की दवा है, जिसका उपयोग बैक्टीरिया द्वारा किए गए संक्रमण का उपचार करने के लिए किया जाता है इसका अविष्कार एलैग्जैण्डर फ्लेमिंग ने सन .1928 में पैंसिलीन उल्ली पैनीसीलियमनोट्रेटेक द्वारा किया और   एक्टीनोमाईसीन, स्टैप्टोमाईसीन आदि दवाओं का निर्माण 1942 को हुआ था पिछले पचास वर्षों में 7000 एटीबायोटिक दवाओं का निर्माण हुआ है और हर वर्ष 300 ने एंटीबायोटिक खोजे जाते हैं

और हम सभी को कभी न कभी एंटीबायोटिक्स की जरूरत होती है। एंटीबायोटिक्स बीमारी फैलाने वाले बैक्टेरिया को खत्म करते हैं। एंटीबायोटिक्स ऐसी दवाईयां होती हैं जिनसे इंफेक्शन  से होने वाली  बीमारियों से छुटकारा मिलता है और एंटीबायोटिक्स ऐसी शक्तिशाली दवाइयां होती हैं जो बैक्टेरिया के हमले से लड़ती हैं और या तो उन्हें पूरी तरह खत्म कर देती हैं और   जो हमारे शरीर में इम्यून सिस्टम होता है जो इन बैक्टेरिया से लड़ता रहता है परंतु बैक्टेरिया इम्यून सिस्टम से ज्यादा शक्तिशाली हो जाते हैं हमें बाहर से इन्हें रोकने हेतु उपाय करने पड़ते हैं जिनमें एंटीबायोटिक्स दवाईयां शामिल हैं।

4 . fMRI(Functional Magnetic Resonance Imaging ) ( Birth control pills)

fMRI का पूरा नाम  Functional Magnetic Resonance Imaging है और ये मानव मस्तिष्क के रक्त के प्रवाह पर नज़र रखने में इस्तेमाल होता है  है। यह मस्तिष्क पर विकसित ट्यूमर की निगरानी में भी अत्यंत सहायक है यह रक्त प्रवाह से संबंधित परिवर्तनों का पता लगाकर मस्तिष्क गतिविधि को मापता है यह टेक्नोलॉजी  इस बात पर निर्भर करती है कि मस्तिष्क के रक्त प्रवाह और न्यूरोनल  सही तरह एक्टिवेशन में  हैं क्योकि जब मस्तिष्क का  उपयोग  होता है, तो उस क्षेत्र में रक्त प्रवाह भी बढ़ता है

इसका अविष्कार Raymond Vahan Damadian ने किया था और 3 जुलाई, 1 977 को, पहली MRI परीक्षण की शुरुआत के लगभग पांच घंटे बाद, पहला मानव स्कैन पहली एमआरआई प्रोटोटाइप के रूप में बनाया गया था

5 .  गर्भनिरोधक गोलियाँ का अविष्कार ( Birth control pills)

गर्भनिरोधक गोलियाँ जनसंख्या कण्ट्रोल करने में बहुत बड़ा योगदान दे रही है जब तक इन गोलियाँ का अविष्कार नही हुआ उस समय जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ रही थी इसका अविष्कार Gregory Goodwin Pincus ने किया  था और सन,  1960 अमेरिका में गर्भनिरोधक उपयोग के लिए गोली को मंजूरी दी गई है

दो साल बाद, 1.2 मिलियन अमरीकी महिलाएं गोली लेने लगी  हैं; तीन साल बाद, यह संख्या लगभग दुगुनी है, 2.3 मिलियन तक पहुचगी और ग्रेट ब्रिटेन में  वर्तमान में  महिलाओं के एक चौथाई 16-49 आयु वर्ग में  की गोली का उपयोग करतें है, जापान में महिलाओं का केवल 1%  ही है क्योकि सभी देश जनसंख्या कण्ट्रोल   करना चाहते   है लेकिन कई जगह इन पर रोक है क्योकि इसने ज्यादा नुकसान होता है महिलाओ के शरीर पर असर पड़ता है |

6 .  X ray  का अविष्कार

X ray   चिकित्सा के  क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान  दिया है  क्योकि आज की दुनिया में बीमारी की  कमी नही है और बहुत सी ऐसी बीमारी है जिनके अंदर X ray मशीन का इस्तेमाल किया जाता  है X ray मशीन आने से चिकित्सा  में आसानी होगीऔर इस  छोटी से छोटी बीमारी बड़ी से बड़ी बीमारी का पता  लगने लगा क्योकि कुछ बीमारी ऐसी होती थी जिनका पता नही चलता था क्योकि शरीर के अंदर के अंदर होती और चीरने के बिना पता नही चलता था लेकिन जब से X ray मशीन आई तो सभी बीमारियों का पता लगने लगा और बिना चीरे ही उनका पता लगाया जाने लगा और समय पे इलाज होने लगा और इंसानों की अंदर की बीमारियों का ईलाज होने लगा

सबसे पहले एक्स-रे की खोज में क्रोकस ट्यूबों के प्रयोग से प्रयोग किया गया जो सन , 1869-1875 के आसपास अंग्रेजी physicist विलियम क्रुक द्वारा आविष्कार किया गया और सन,  1895 में, विल्हेम रोन्टजेन ने क्रूक्स ट्यूबों से निकलने वाले एक्स-रे की खोज की और एक्स-रे के कई उपयोग तुरंत स्पष्ट किये और इसका इस्तेमाल होने लगा |

7 . The Artifical Heart का अविष्कार

Artifical हृदय चिकित्सा  विभाग में  बहुत बड़ा अविष्कार है क्योकि  यह कोई छोटा अविष्कार नही था यह   इन्सान को एक नया जन्म  देने वाला अविष्कार था क्योकि आज बहुत से लोगो में हृदय की बीमारी मिलती है और एक बार  हृदय की बीमारी हो जाये तो वह जल्दी से ठीक नही होती है और   इस से बहुत से लोगो की मोत हो जाती है लेकिन  कृत्रिम हृदय आने के बाद तो सीधा ही  कृत्रिम हृदय  का ट्रांसप्लांट होने लगा पहला कृत्रिम दिल 1 9 50 के दशक में आविष्कार और पेटेंट कराया गया था विश्व का पहला मानव हृदय ट्रांसप्लांट 3 दिसम्बर 1967 में दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन शहर में क्रिस्टियन बर्नार्ड के द्वारा किया गया था.

लेकिन सन , 1982  एक कृत्रिम दिल, जारविक -7, सफलतापूर्वक एक मानव रोगी में ट्रांसप्लांट किया गया था और पहले कृत्रिम दिल को विल्म जोहान कोल्फ और रॉबर्ट जारविक सहित एक टीम द्वारा डिजाइन किया गया था और दुनिया में हर साल 3500 ह्रदय ट्रांसप्लांट होते है यह थोडा ज्यादा मंहगा इलाज है कुछ लोग इसे करवा नही पाते है |

8 . प्लास्टिक सर्जरी का अविष्कार

प्लास्टिक सर्जरी ने तो लोगो की जिन्दगी ही बदल दी है प्लास्टिक सर्जरी का मतलब है की “शरीर के किसी हिस्से को ठीक करना यदि किसी कारण से शरीर का  कोई हिस्सा खराब हो जाये तो उसे ठीक करना प्लास्टिक सर्जरी में सर्जन शरीर के किसी हिस्से के उत्तकों को लेकर दूसरे हिस्से में जोड़ता है बहुत से लोग बहुत खर्च करके सुंदर दिखने के लिए प्लास्टिक सर्जरी करवाते है

प्लास्टिक सर्जरी का अविष्कार भारत मे हुआ है  प्लास्टिक सर्जरी मे कहीं की त्वचा को काट कर कहीं और लगा देना और उसको इस तरह से लगा देना की पता ही न चले यह विद्या सबसे पहले दुनिया को भारत ने दी है  भारत में सुश्रुत को पहला सर्जन माना जाता है। आज से करीब 2500 साल पहले सुश्रुत युद्ध या प्राकृतिक विपदाओं में जिनकी नाक खराब हो जाती थी उन्हें ठीक करने का काम करते थे।

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