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बेरिएट्रिक सर्जरी क्या है | इस से पहले और बाद क्या करे | इस की कीमत

बेरिएट्रिक सर्जरी क्या है | इस से पहले और बाद क्या करे | इस की कीमत

बेरिएट्रिक सर्जरी यानी के वजन कम करने की सर्जरी के बारे में बताएंगे. शायद आप कई दिन से इन बातों को जानने की कोशिश भी कर रहे होंगे. जैसे वजन कम करने की सर्जरी किसे कहते हैं,इसके क्या कारण होते हैं, यदि आप बेरिएट्रिक की सर्जरी करवाते हैं. तो इसकी किन किन बातों का ध्यान आपको रखना चाहिए,इस तरह की कुछ महत्वपूर्ण जानकारी हम आपको बताएंगे और इसके साथ-साथ यह भी बताएंगे कि इस सर्जरी में कितना खर्च आता है किस तरह के डॉक्टर इस सर्जरी को करते हैं यह जानकारी आपको बताएंगे.

तो आप इस जानकारी को अच्छी तरह से और पूरे ध्यान से पढ़िए ताकि यदि आपके साथ भी मोटापे की दिक्कत है. या आपके परिवार में किसी को है तो आप इस तरह की सर्जरी को करवा सकते हैं. और मोटापे से छुटकारा पा सकते हैं.

बेरिएट्रिक सर्जरी क्या होती हैं

Bariatric surgery in hindi : बेरिएट्रिक सर्जरी या वजन कम करने की सर्जरी ओबेसिटी को कम करने का एक डॉक्टरी चिकित्सक तरीका है. ओबेसिटी आमतौर का मोटापा नहीं होता है. लेकिन बहुत बार ऐसा होता है. कि जब किसी आदमी को मोटापा हो जाता है. या उसका वजन बढ़ जाता है. तो कई लोग एक्सरसाइज या डाइट कम करके अपने वजन घटाने की कोशिश करते हैं. ऐसा सभी के साथ नहीं होता कि वह अपना वजन एक्सरसाइज या डाइट कम करके अपना वजन कम कर सकें. जब किसी का मोटापा एक्सरसाइज या डाइट को कम करने से नहीं घटता है. तो इस तरह के लोगों को चिकित्सक सहायता लेने की जरूरत होती है. वैसे तो डॉक्टर मोटापा कम करने के बहुत से तरीके बता सकते हैं. लेकिन बेरिएट्रिक सर्जरी एक बहुत ही बढ़िया और उत्तम तरीका है. जिससे आप आसानी से मोटापे से छुटकारा पा सकते हैं. और इससे आप अपने मोटापे और को नियंत्रण में ला सकते हैं.

बेरिएट्रिक सर्जरी कौन-कौन करवा सकते हैं

बेरिएट्रिक सर्जरी वही लोग करवा सकते हैं. जो जिनका BMI यानी बॉडी मास इंडेक्स 35 से 40 हो तो वह आदमी बेरिएट्रिक सर्जरी करवा सकता है. और एक सामान्य वयस्क का बॉडी मास इंडेक्स 19 से 25 रेंज में होना चाहिए.यदि आपका वजन बढ़ता है तो उसी के साथ आपका बॉडी मास इंडेक्स भी बढ़ता जाता है. यदि आपका बॉडी मास इंडेक्स 25 और 30 के बीच में हो तो ज्यादा वजन वाले आदमी दिखाई देने लगते हैं.यदि आपका वजन लगातार बढ़ रहा है. तो उस दौरान आपका बीएमआई यानी बॉडी मास इंडेक्स 30 से भी ऊपर चला जाता है जिन लोगों का बीएमआई 30 से ऊपर चला जाता है.वह लोग चिकित्सीय सहायता से मोटापे से भी पीछा छुड़ा सकते हैं.लेकिन मोटापे का हर व्यक्ति ओबेसिटी बेरिएट्रिक सर्जरी से नहीं गुजर सकता है. इसीलिए उसके लिए यह जरूरी है कि आपका बीएमआई 35 और 40 के बीच में रहना चाहिए. कई बार विशेष स्वास्थ्य स्थिति होती है तो पेशेंट को 35 के नीचे वाले बीएमआई के साथ भी  बेरिएट्रिक सर्जरी से गुजरने की इजाजत मिल जाती है.

35 से कम BMI वाले पेशेंट को कब बेरिएट्रिक सर्जरी दी जा सकती

कई बार मोटापे के साथ साथ दूसरी बीमारियां जैसे हाई ब्लड प्रेशर डायबिटीज मेटाबोलिक सिंड्रोम सिया हृदय से संबंधित कोई बीमारी है तो उस स्थिति में 35 से कम बीएमआई वाले व्यक्ति बेरिएट्रिक सर्जरी की जा सकती है.

जब आप सर्जरी के बारे में जानकारी लेते हैं

जब आप बेरिएट्रिक सर्जरी करवाते हैं. तो उससे पहले आपको डॉक्टर से सलाह लेनी होती है. जब आप बेरिएट्रिक की सर्जरी के लिए डॉक्टर से सलाह लेते हैं. तो आप का डॉक्टर यह है जांच करता है कि चिकित्सक रूप से स्वस्थ है या नहीं. सर्जरी करने के लिए पेशेंट को मेडिकली फिट होना बहुत जरूरी है. और बेरिएट्रिक की सर्जरी करवाने से पहले आपको कई प्रकार के टेस्ट से गुजरना पड़ता है.  और इसके लिए आप का एक ब्लड टेस्ट भी किया जाता है. उस ब्लड टेस्ट में आपके ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है. डॉक्टर उसके बाद आप का एक ECG भी करवाएंगे क्योंकि मोटापे के पेशेंट में बहुत बार हृदय संबंधी बीमारियां होती है. और ECG के द्वारा आपके हृदय की सभी बीमारियों या उसकी किस का पता लगाया जा सकता है. और जब डॉक्टर यह जांच कर लेते हैं. कि आपके शरीर में कोई भी बीमारी नहीं है. और आप मेडिकली सर्जरी के लिए फिट है.तो उसके बाद ही आपको बेरिएट्रिक सर्जरी की जाती है.

यदि आप किसी भी तरह की दूसरी स्वास्थ्य से संबंधित कोई दवाई ले रहे हैं. तो उन सभी के बारे में आपको डॉक्टर को सर्जरी से पहले जानकारी देना बहुत ही जरूरी है. आप जो भी दवाइयां ले रहे होते हैं. तो डॉक्टर को बताने के बाद डॉक्टर सर्जरी से पहले उन में कुछ बदलाव भी कर सकते हैं. और उन दवाइयों को बंद भी करवा सकते हैं. क्योंकि कई बार हृदय से संबंधित रोगी ऐसी दवाइयां लेते हैं. जिससे कि उन का खून बिल्कुल पतला रहता है. सर्जरी से पहले आपको यह दवाइयां कुछ दिन के लिए बंद करनी पड़ सकती है. लेकिन वह सिर्फ कुछ ही दिनों के लिए बंद करनी होती है. और यदि एक बार डॉक्टर यह जांच पड़ताल कर लेते हैं. कि आप सर्जरी के लिए बिलकुल स्वस्थ हैं .तो उसके बाद ही वह आपको सर्जरी के लिए कहेंगे.

बैरिएट्रिक सर्जरी कॉस्ट इन इंडिया

यह सर्जरी मरीज की स्थिति पर निर्भर करेगी कि किस प्रकार की सर्जरी मरीज को की जाएगी. यह सर्जरी कई प्रकार से की जाती है इसलिए इसके प्राइस भी कई प्रकार के होते हैं. और इस सर्जरी की कीमत हॉस्पिटल के ऊपर भी निर्भर करती है इंडिया में इस प्रकार की सर्जरी 2.5 लाख रूपय से लेकर ₹ 5 लाख रूपय तक होती है

  • लैप्रोस्कोपिक गैस्ट्रिक बायपास = 4,68,000 रुपए
  • गैस्ट्रिक बाईपास स्टैपल सहित  = 5,16,000 रुपए
  • लैप्रोस्कोपिक स्लीव गैस्टोथेमॉमी = 3,96,000 रुपए
  • स्टैप्लिंग सहित स्लीव गेस्टटोमॉमी = 3,96,000 रुपए

सर्जरी वाले दिन या उससे पहले क्या करना चाहिए

यह एक बहुत ही जरूरी बात है कि आपको सर्जरी वाले दिन आपको हॉस्पिटल में टाइम पर पहुंचना चाहिए कई बार आपको डॉक्टर सर्जरी के 1 दिन पहले भी हॉस्पिटल में बुला सकते हैं. और पेशेंट को इस बात का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी है. कि सर्जरी से 1 दिन पहले शारीरिक या मानसिक तनाव ना रखें. सर्जरी के एक रात पहले आपको कुछ भी खाना या पीना नहीं होता है. इससे आपकी सर्जरी का परिणाम गलत भी सामने आ सकता है.

सर्जरी के समय

सर्जरी के समय पेशेंट को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया जाता है. और वहां पर पेशेंट को पीठ के बल लेटाया जाता है. और उसके बाद पेशेंट को General Anaesthetic देकर के पेशेंट को बेहोश किया जाता है. जिसके कारण सर्जरी के दौरान उसके साथ क्या हो रहा है. यह जानकारी पेशेंट को नहीं रहती है. एक बार Anaesthetic मेडिसिन का प्रभाव पेशेंट पर हो जाए तो उसके बाद भी पेशेंट की सर्जरी शुरू की जाती है.ऑपरेशन टेबल के ऊपर लेट आने के बाद डॉक्टर पेशेंट के पेट की त्वचा को एंटीसेप्टिक सोल्यूशन से साफ करते हैं. और इस त्वचा  के ऊपर जो भी बाल होते हैं. वह डॉक्टर सेव करके साफ कर देते हैं. जिससे इन्फेक्शन होने के चांस बहुत ही कम हो जाते हैं.

बेरिएट्रिक सर्जरी के प्रकार

बेरिएट्रिक सर्जरी करवाने से पहले पेशेंट को यह पता होना चाहिए कि यह सर्जरी कितने प्रकार की होती है.और आप जो सर्जरी करवा रहे हैं वह कौन सी सर्जरी है. तो हम आपको बता देते हैं कि बेरिएट्रिक सर्जरी मुख्य रूप से चार प्रकार की होती है जो निम्नलिखित है.

1. गैस्ट्रिक बैंडिंग

बेरिएट्रिक सर्जरी का पहला प्रकार गैस्ट्रिक बैंडिंग होता है. जैसे कि आप को उसके नाम से ही पता चल रहा है इस सर्जरी में आपके पेट के चारों ओर एक प्लास्टिक का बैंड लगाया जाता .है जिस तरह से हम किसी भी खेली के ऊपर रबड़ का पेड़ लगाते हैं. उसी तरह से यह बेड आपके पेट के ऊपर लगाया जाएगा. इससे आपके पेट से आवाज बिल्कुल कम हो जाती है. और जो भी खाना इंसान खाता है उसकी आवाज भी बिल्कुल कम हो जाती है.

2.स्लीव गैस्ट्रेकटॉमी

बेरिएट्रिक सर्जरी का दूसरा प्रकार स्लीव गैस्ट्रेकटॉमी होता है. इस प्रकार की सर्जरी में आपके पेट के लिफ्ट साइड का हिस्सा सर्जरी के द्वारा रिमूव किया जाएगा और पेट की सिलाई की जाती है. और Digestive Tract की Continuity को  Maintain किया जाता है.

3. गैस्ट्रिक बाईपास

यह तीसरी तरह की बेरिएट्रिक सर्जरी होती है. जैसा कि आप बाईपास शब्द का अर्थ जानते ही हैं कि जो हम साधारण रास्ता लेते हैं. उसके अलावा कोई दूसरा रास्ता जो छोटा भी हो और आसान भी हो उसको बाईपास कहा जाता है. और इस सर्जरी में भी कुछ इसी तरह की प्रोसीजर की जाती है. इसमें पेट के ऊपर का हिस्सा काटकर या बांधकर रखा जाता है. जिसके कारण जब भी इंसान खाना खाता है. तो वह उसके पेट के कम हिस्से को एक्सपोज करके तुरंत ही आंत में चला जाता है और पेट का हिस्सा काटने की बजाय उसको बांधकर भी रखा जा सकता है. और जो हिस्सा चल रहा होता है उसको आंत के साथ जोड़ दिया जाता है.

4.ड्यूअोडेनल स्विच 

यह बेरिएट्रिक सर्जरी का चौथा हिस्सा है या नहीं है चौथी प्रकार की सर्जरी है इस सर्जरी में पेट का एक बहुत ही बड़ा हिस्सा काटा जाता है. या उसे बांधकर रखा जाता है और जो पेट का नीचे का हिस्सा होता है उसको सीधा इंसान के आपके आंत जोड़ा जाता है. और इसी वजह से इंसान की आंत का जो बीच का हिस्सा होता है. वह पाचन क्रिया के दौरान भाग नहीं ले पाता इन चारों सर्जरी का मतलब यही होता है. कि इंसान जो खाना खाता है. उसकी मात्रा को कम किया जाए लेकिन इस पूरी प्रक्रिया पर किसी भी तरह का इंसान के डाइजेशन पर कोई भी हानिकारक प्रभाव नहीं होता है. सर्जरी पूरी होने के बाद डॉक्टर ने  चीरे लगाए होते हैं. उनको मेडिकली सहायता से पास में लाया जाता है. और और पेशेंट को रिकवरी रूम में ले जाया जाता है.

Anaesthetic medicines का असर कम होने में थोड़ा समय लगता है. उसके बाद जब पेशेंट को होश आ जाता है. तो डॉक्टर आके पेशेंट की फिजिकल एग्जामिनेशन करते हैं. उनका ब्लड प्रेशर मॉनिटर किया जाता है. और जो भी सर्जिकल चीरे होते है. उनकी भी जांच की जाती है. और यदि पेशेंट को किसी भी प्रकार की तकलीफ या दिक्कत है. तो उस समय डॉक्टर को यह सारी बातें बता देनी चाहिए ताकि उस तकलीफ को दवाई लेकर कम किया जाए.

सर्जरी के बाद

सर्जरी के बाद दर्द निवारक और एंटीबायोटिक्स दवाइयां आमतौर पर दी जाती है. किसी भी तरह की दिक्कत को और दर्द को कम करने के लिए और जो भी मात्रा डॉक्टर ने इन दवाइयों की आपको बताई है उन्हीं के हिसाब से आपको यह दवाइयां लेनी जरूरी होती है. और सर्जरी के बाद जब डॉक्टर को तसल्ली हो जाए कि आप पूरी तरह से ठीक है. तो उसके 1 या 2 दिन के बाद आपको हॉस्पिटल से घर भेज दिया जाता. इसके बाद में भी आपको अपनी देखभाल और अपना ख्याल रखना जरूरी होता है. क्योंकि बेरिएट्रिक सर्जरी के बाद पूरी तरह से फिट होने में 4 से 6 हफ्ते लग जाते हैं.और आपके पेट के ऊपर सर्जरी के चीरे बने हुए हैं. उनको सिलाई करने के बाद ठीक होने में समय लगता है. 

और जब आपके चेहरे ठीक हो रहे होते हैं. तो उस दौरान आपको यह ध्यान रखना होता है. आपको अपनी त्वचा बिल्कुल साफ रखनी होती है. और नहाने के बाद आप एक साफ तावल से उस त्वचा को साफ करें लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि आपको उसके ऊपर किसी भी तरह का दबाव नहीं डालना है.और आपको उसके ऊपर किसी भी तरह की रगड़क भी नहीं लगानी है. आपके चीरे के ऊपर थोड़े दिन तक पट्टी बंधी रही रहेगी डॉक्टर के नियमों के अनुसार उस पट्टी को नियमित रूप से बदलते रहिए और आपको यह ध्यान रखने की जरूरत है. कि आपकी जो चीरे लगे हुए हैं. उनके अंदर से खून तो नहीं आ रहा है. या आपको किसी भी तरह का दर्द तो नहीं हो रहा है. डॉक्टर के बताए गए नियमों के अनुसार आपको नियमित रूप से अपने चेकअप के लिए डॉक्टर के पास जाना चाहिए.

इससे आपको जल्दी ठीक होने में मदद मिलेगी और जब चेकअप के दौरान डॉक्टर आपके वजन को चेक करेंगे यह देखने के लिए कि आपकी सर्जरी सफलतापूर्वक हुई है या नहीं. बेरिएट्रिक सर्जरी के दौरान आपके पेट के ऊपर सर्जरी की जाती है.और इसीलिए आप की भूख में बदलाव आ सकते हैं. लेकिन इसमें आपको घबराने की जरूरत नहीं है. आप अपने डॉक्टर से सलाह लें और अपने भोजन को नियंत्रण ग्रहण करें ताकि आपको इसकी वजह से कोई भी दिक्कत उत्पन्न ना हो बेरिएट्रिक सर्जरी के बाद भी पेशेंट को वेट कंट्रोल में रखने के लिए कुछ ना कुछ गतिविधियां करनी होती है. इसके लिए आप एक अच्छी डाइट तैयार कर सकते हैं. और आप एक्सरसाइज भी कर सकते हैं.और आप अपना वजन कम कर सकते हैं.

सर्जरी असफल कब होती है

यदि आप सर्जरी के बाद एक्सरसाइज या किसी भी तरह की डाइट के ऊपर कंट्रोल नहीं करते हैं तो आपकी सर्जरी असफल रहती है और यह बेरिएट्रिक सर्जरी का बहुत ही बडी उलझन है. इसके अलावा सर्जरी के दौरान ब्लीडिंग यह एक बेरिएट्रिक की सर्जरी की दूसरी सबसे बड़ी उलझन है. जब डॉक्टर हमारे पेट के ऊपर ऑपरेट कर रहे होते हैं. तो आपके आसपास स्वास्थ्य अंग तथा रक्त वाहिकाओ  के चित्र होते हैं. और डॉक्टर से हमेशा सावधानी पूर्वक सर्जरी करते हैं. लेकिन कई बार मानव त्रुटि के कारण अंदर से कोई रक्त वाहिका कट जाती है.जिसके कारण आंतरिक रक्त स्त्राव हो सकता है. सर्जरी के दौरान वैक्यूम का इस्तेमाल करके यह सारी ब्लीडिंग हटाई जा सकती है.

यदि सर्जरी के दौरान दूसरे किसी अंग को क्षति पहुंचती है. तो उसी दौरान Creative Surgery करके इसके हानिकारक प्रभाव को रोका जा सकता है. बेरिएट्रिक सर्जरी उन लोगों के लिए एक बहुत ही बड़ा और महत्वपूर्ण विकल्प है. जोकि अपने मोटापे के कारण दुखी हैं. लेकिन आप को यह बात ध्यान में रखनी होगी कि पेट की सर्जरी के बाद आपको अपने नॉर्मल गतिविधियां जो आपका वेट कम करने के लिए कर रहे हैं. उन को बंद नहीं करना होगा इसके लिए आपको एक स्वास्थ्य डाइट रखना बहुत ही जरूरी होता है.

तो आपको बेरिएट्रिक सर्जरी करवाने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है जैसे कि आपको डॉक्टर से सर्जरी के बारे में पूरी विस्तार से जानकारी लेनी चाहिए और आपको डॉक्टर से यह जानना चाहिए कि आपको कौन सी बीमारी है. और इसके लिए आपको क्या करना होगा और उसके बारे में जानना बहुत ही जरूरी है. कि आप को इस सर्जरी के दौरान कितना खर्च उठाना होगा और आपको किस तरह की सर्जरी की जरूरत है. यह सभी बातें आपको डॉक्टर से सर्जरी से पहले पूछने बहुत ही आवश्यक है. तो यदि आप भी मोटापे से परेशान है और यदि आप का भी वजन कम नहीं हो रहा है. तो आप भी बेरिएट्रिक सर्जरी करवा सकते हैं. और अपने मोटापे को कंट्रोल में कर सकते हैं. और अपने वजन को भी कम कर सकते हैं.

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