बवासीर क्या होती है और इसका घरेलू इलाज

बवासीर क्या होती है और इसका घरेलू इलाज

बवासीर एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम ही ऐसा जिस डर लगता है और यह बीमारी भी ऐसा दर्दनाक है क्योकि इस बीमारी में दर्द बहुत ज्यादा होता है और आज यह बीमारी बहुत ज्यादा देखने को मिल रही है क्योकि यह बीमारी सबसे ज्यादा खाने पिने की वजह से होती है और दूसरा यदि शरीर में पानी कमी हो जाये तो यह बीमारी होने के ज्यादा चांस है बवासीर तब होता जब गुदा के अंदर और गुदा नलिका के आसपास की जगह पर सूजन होती है गुदा नलिका हमारे शरीर में बड़ी आंत का एक भाग होता है  गुदा नलिका  के अन्दर से मल पास होता है |

यह बीमारी दो प्रकार की होती है आंतरिक और बाहरी होती है बाहरी बवासीर में  गुदा नलिका के 2-3 सेंटीमीटर नीचे होती है और यह बहुत दर्दनाक होती है क्योकि बाहरी बवासीर में छोटे छोटे मस्से हो जाते है और यह गुदा नलिका के बहार की साइड होती है और आंतरिक बवासीर में गुदा नलिका के अंदर 2-3 सेंटीमीटर ऊपर होती है और यह इतनी ज्यादा दर्दनाक नही होती है आज इस पोस्ट में आपको बतायेंगे की बवासीर के क्या क्या लक्षण है और इसके क्या क्या कारण होते है और इसके घरेलू  उपाय क्या क्या  सकते है |

बवासीर (पाइल्स) के लक्षण – Piles Symptoms in Hindi

यदि किसी भी इन्सान को बवासीर हो जाये तो इतना ज्यादा दर्द होता होता है और कुछ लक्षण दिखाई देने लगते है | जैसेः

  • मल त्याग  करते समय ब्लीडिंग होने लगती है |
  • मल के साथ गुदा से बलगम जैसा स्राव निकलता है |
  • गुदा क्षेत्र में बार बार  खुजली, आती है
  • मल करते समय  मस्सो का बहार आना , कई बार ये स्वयं ही अंदर की और चले जाते हैं, लेकिन कई बारे इन्हें धकेलना भी पड़ता है।
  •  बवासीर होने पर काले रंग के मस्से होते है|

बवासीर (पाइल्स) के कारण – Piles Causes in Hindi

बवासीर होने के बहुत से कारण हो सकते है | जैसे:-

  • कब्ज के कारण – यदि कब्ज हो जाती है तो कब्ज के कारण मल त्याग करते समय ज़ोर लगता है और जोर लगने पर नसों के अंदर और आसपास दबाव पड़ता है और उस से बवासीर होता है|
  • गर्भावस्था-  गर्भावस्था में बवासीर हो सकती है क्योकि गर्भावस्था में  बच्चे की वजह से पड़ने वाले दबाव के कारण बवासीर हो सकती है|
  • पेट अच्छे से साफ़ न करना-यदि सुबह-शाम शौच न जाने या शौच जाने पर ठीक से पेट साफ न करे तो बवासीर हो सकती है |
  • अत्यधिक दवाओं के सेवन-  अत्यधिक दवाओं के सेवन से भी बवासीर हो सकती है|
  • शरीर की बीमारी के कारण-   बहुत सी शरीर की ऐसी बीमारी होती है जिनके कारण बवासीर हो सकती है जैसे हृदय व लीवर से संबंधित बीमारी होने से बवासीर का खतरा हो सकता है।
  • अधिक वजन उठाने के कारण-अधिक वजन उठाने के कारण भी गुदा के ऊपर बहुत जोर पड़ता है जिस से बवासीर हो सकती है|

बवासीर से बचाव – Prevention of Piles in Hindi

यदि अच्छा खाना न खाये और अपनी अनुचित जीवन शैली  के कारण बवासीर सबसे ज्यादा होती है और बवासीर होने पर इसका इलाज करवाना पड़ जाये तो भी खाने पीने में बदलाव करना पड़ेगा तभी इसका इलाज कर सकते है |

  • बवासीर का सबसे बड़ा कारण कब्ज है और इस से बचने के लिए अच्छा और संतुलित आहार का सेवन करे जैसे जैसे ओट्स, मक्का, गेहूं आदि| इससे आपको बवासीर में बहुत मदद मिलेगी। इसके अलावा अंजीर, पपीता, केले, ब्लैकबेरी, जामुन, सेब और हरी पत्तेदार सब्ज़ियों का सेवन करें जो आंत के लिए बहुत अच्छी होती हैं। सूखे मेवे जैसे बादाम और अखरोट आदि और ऐसे खाद्य पदार्थ जो लोहे (iron) से समृद्ध हैं उनका सेवन अपनी स्थिति के अनुकूल करें। प्याज, अदरक और लहसुन भी बवासीर के इलाज में बहुत फायदेमंद होते हैं|
  • यदि मोटापा हो तो बवासीर होने का बड़ा खतरा रहता है क्योकि मोटापे के कारण हर टाइम नसों पर जोर रहता है जिस कारण बवासीर हो सकती है जिस के लिए इसलिए स्वस्थ शरीर के लिए वजन को नियमित रखना बहुत ही महत्वपूर्ण है। स्वस्थ शरीर के लिए वजन को नियमित रखने के अलावा, कुछ योगासन जैसे भुजंगासन, धनुरासन, शवासन, उत्तान पादासन, पश्चिम उत्तानासन आदि करे |
  • ज्यादा समय तक बेठे ना और यदि आपको लम्बे समय बेठना भी पड़ जाये तो आरामदायक सीट का इस्तेमाल करे और यौनसम्बन्ध से थोड़े से दिन दूर रहे |
  • सफेद आटा या मैदा के सेवन का कम से कम सेवन करे क्योकि इनका सेवन करने से सबसे ज्यादा कब्ज होती है |
  •  शोच करने के बाद सॉफ्ट और नमी वाले टॉयलेट पेपर का प्रयोग करें और पोंछने की बजाय पेपर से थपथपाएं।

बवासीर (पाइल्स) का इलाज – Piles Treatment in Hindi

बवासीर होने पर सबसे पहले डॉक्टर के पास जाये और डॉक्टर जो भी सलाह आपको दे उसको सुनो अच्छे से और उसको फॉलो करे डॉक्टर  आपको तीन सलाह देगा एक आपकी जीवन जीवनशैली में बदलाव और कुछ दवाई देगा और यदि कुछ ज्यादा प्रोब्लम है तो सर्जरी के लिए भी कह सकता है |

जीवनशैली में बदलाव

  • ज्यादा से ज्यादा पानी पीये और शरीर में पानी की कमी न होने दे |
  • यदि मरीज मोटा है तो अपना वजन कम करे |
  • नशीली चीजे का कम से कम सेवन करे जैसे जिन चीजो में कैफीन होता है, उनका सेवन कम करें
  • ऐसे आहार का सेवन करे जिसके अन्दर फाइबर ज्यादा हो और मल करते समय जोर न लगे |

समय पर दवाई ले-

    • मरहम, क्रीम, पैड्स या दूसरी  दवाइयां – बहुत सारी तुरंत लगाने वाली दवाई लगाये इनसे मलाशय के आस-पास होने वाली लालिमा और सूजन में तुरंत आराम मिलता है |
    • कॉर्टिकॉस्टेरॉइड्स को तुरंत लगाये इस से जलन और दर्द में आराम मिलता है |
    • यदि दर्द ज्यादा है तो दर्द निवारक टेबलेट पैरासिटामोल (Paracetamol) ले सकते है |
    • यदि कब्ज है तो सबसे पहले उसके लिए दवाई ले |
    • और यदि बवासीर ज्यादा हुई है तो सर्जरी करवानी पड़ सकती है|

बवासीर का घरेलू इलाज

  •  यदि बवासीर हुई है तो मूली खाने और मुल्ली का जूस ज्यादा से ज्यादा पीये क्योकि मुल्ली का जूस पिने से बवासीर ठीक होने लगती है|
  • यदि बवासीर के साथ खून आ रहा है तो  दही या फिर छाछ के साथ कच्चे प्याज का सेवन करना चाहिए |
  • बवासीर होने पर हर रोज छाछ में जीरा और अजवाइन मिलाकर पीये इस से धीरे धीरे बवासीर खतम हो जाएगी |
  •  यदि गुड़ और हरड़ एक साथ मिलाकर सेवन करे तो बवासीर खतम हो जाएगी
  • बवासीर हुए ज्यादा दिन हो गये है तो अरंडी का तेल 80 ग्राम और कपूर 10 ग्राम ले। पहले तेल गर्म कर ले फिर इसमें कपूर मिलाये। अब मल त्यागने के बाद मस्से धो कर तेल से हल्की मालिश करे।
  • बवासीर होने पर ज्यादा मसे हुए है तो  कड़वी तोरई और हल्दी का लेप बना ककर मस्सों पर लगाने से मस्से ख़तम होने लगते है|

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