एयर कंडीशन का आविष्कार किसने किया

एयर कंडीशन का आविष्कार किसने किया

एयर कंडीशन का इस्तेमाल तो आप लगभग आज हर जगह देख रहे हैं एयर कंडीशन  का काम  एक स्थान के वातावरण को ठंडा रखना है   और बदलते वातावरण के साथ गर्मी बढ़ती ही जा रही है और लोग ठंडक पाने के लिए ज्यादा से ज्यादा एयर कंडीशन का इस्तेमाल कर रहे हैं आज बड़े-बड़े शहरों के अंदर पोलूशन के कारण गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ गई है  की छोटी बड़ी दुकानों घरों और बड़ी बड़ी बिल्डिंग के अंदर बहुत सारे एयर कंडीशन लगे मिलेंगे एयर कंडीशनिंग एक सीमित स्थान से गर्मी को हटाने की प्रक्रिया है

एयर कंडीशन हवा को ठंडा करने के लिए आर्द्रता को हटा देता है  और एयर कंडीशनिंग घर, ऑफिस और भी बहुत सी जगह  में इस्तेमाल किया जा सकता है एयर कंडीशन इंसानों  जानवरों के लिए अधिक आरामदायक  और ठंडा  वातावरण हासिल करने के लिए उपयोग की जाती है और एयर कंडीशन का उपयोग गर्म होने वाले इलेक्ट्रॉनिक  डिवाइस जैसे कि कंप्यूटर सर्वर, पावर एम्पलीफायर, आदि को ठंडा रखने के लिए किया जाता है

दिनभर जैसे-जैसे एयरकंडीशन का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है वातावरण पर इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है क्योंकि एयर कंडीशन से निकलने वाली गैसें वातावरण के अंदर बहुत ज्यादा मात्रा में प्रदूषण करती है और इससे गर्मी की मात्रा बढ़ती ही जा रही है लेकिन फिर भी एयर कंडीशन का इस्तेमाल अधिक से अधिक बढ़ रहा है

Air Conditioner Aviskar Kisne Kiya

1 9 वीं शताब्दी के दौरान आधुनिक एयर कंडीशनिंग की शुरुआत हुई सन ,1902 में, न्यूयॉर्क में बफेलो, में विलिस कैरियर द्वारा पहली आधुनिक विद्युत एयर कंडीशन का आविष्कार किया और सन , 1 9 06 में, स्टुअर्ट डब्ल्यू क्रैमर ऑफ चार्लोट ने अपने कपड़े मिल में हवा में नमी को कम करने के तरीके की खोज की थी जिसे  क्रेमर ने “एयर कंडीशनिंग” शब्द का प्रयोग किया और उन्होंने इसे  पेटेंट करवा लिया

इसके तुरंत बाद, सन , 1914 में चार्ल्स गेट्स ने  मिनीएपोलिस में एयर कंडीशनिंग का पहला निजी घर बनाया गया था  यह समझकर कि एयर कंडीशनिंग एक दिन निजी घरों की एक खास विशेषता होगी,

और सन , 1945 में, मैसाचुसेट्स के लीन के रॉबर्ट शेरमेन ने एक पोर्टेबल, इन-विंडो एयर कंडीशनर का आविष्कार किया, जो  ठंडा, गरम, Humidification, dehydrated, और हवा को फ़िल्टर्ड करती थी और यह एयर कंडीशन घर के अंदर जगह भी नही रोकती थी क्योकि इसको  बहार लगाके कुलिंग पाइप्स को अंदर लाई जा सकती थी

और पहले एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर में अमोनिया, मिथाइल क्लोराइड, या प्रोपेन जैसे जहरीले या ज्वलनशील गैसों का इस्तेमाल किया, जिससे लीक होने पर घातक दुर्घटनाएं हो सकती थी  फिर सन ,1928 में थॉमस मिडगली, जूनियर ने   गैर-ज्वलनशील, गैर विषैले क्लोरोफ्लोरोकार्बन गैस, फ़्रीन को बनाया।

और फिर एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर में   क्लोरोफ्लोरोकार्बन (सीएफसी), हाइड्रोक्लोरोफ्लोरोकार्बन (एचसीएफसी) या हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (एचएफसी) का इस्तेमाल करना शुरु किया लेकिन कुछ समय बाद पता चला कि यह कैसे वायुमंडल में ओजोन परत को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाती है और फिर इन गैसों पर रोक लगाना शुरु कर दिया

और आज की कंपनियां वातावरणीय प्रभाव को देखते हुए एयर कंडीशन के अंदर ऐसी ऐसी गैस इस्तेमाल कर रही है जिससे कि वातावरण को नुकसान भी न हो और एयर कंडीशन पूर्ण मात्रा में ठंडक भी देती रहे और  पिछले कुछ वर्षों में एयर कंडीशन का इस्तेमाल में  बहुत ज्यादा मात्रा में बढ़ोतरी हुई है

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1 Comment
  1. r m kasyap says

    L E D balb ki khoj kisne ki ?

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