ब्लैक होल क्या होता है ब्लैक होल के बारे में रोचक जानकारी

ब्लैक होल क्या होता है ब्लैक होल के बारे में रोचक तथ्य

आप सभी जानते हैं कि हमारा ब्रह्मांड बहुत बड़ा है और हमारे ब्रह्मांड दो तरह के होते हैं एक दृश्य ब्रह्मांड और एक अदृश्य ब्रह्मांड दृश्य ब्रह्मांड में हम सब कुछ चीजें देख सकते हैं और अदृश्य में हम बिल्कुल भी नहीं देख सकते हैं और हमारे ब्रह्मांड में बहुत सी चीजें बनती और खत्म होती रहती है क्योंकि हमारे ब्रह्मांड में सभी चीजें गतिमान है और सभी चीजें अपनी धुरी पर घूमती रहती है इसलिए हमारे ब्रह्मांड में बहुत से उल्का पिंड ,आकाशगंगाएं, तारे यह चीजें बनती और खत्म होती रहती है.

Black Hole Kya hota hai ? उन सभी चीजों के साथ-साथ हमारे ब्रह्मांड में एक और चीज भी बनती है जिसका नाम ब्लैक होल है और ब्लैक होल एक खगोलीय वस्तु है और इसका  गुरुत्वाकर्षण बल ज्यादा होता है तो यह किस तरह से बनता है और ब्लैक होल इसका नाम क्यों रखा गया है इन सभी के बारे में आज आपको इस पोस्ट में नीचे बता रहा हूं तो आप इस जानकारी को अच्छी तरह से और ध्यान से पढ़ें इसमें से कुछ चीजें आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकती है क्योंकि कई बार इस तरह की चीजें आप के एग्जाम में पूछे जाते हैं तो देखिए

ब्लैक होल क्या होता है

What is Black Hole In Hindi ? ब्लैक होल एक ऐसी खगोलीय वस्तु होती है. जोकि गुरुत्वाकर्षण के क्षेत्र में बहुत ज्यादा शक्तिशाली होती है. और इतनी शक्तिशाली होती है. कि इसके खिंचाव से प्रकाश भी नहीं बच सकता. ब्लैक होल के चारों ओर एक सीमा होती है. उस सीमा को घटना क्षितिज कहा जाता है. उसमें वस्तुएं गिर तो सकती है लेकिन परंतु बाहर कभी भी नहीं आ सकती है. इसलिए इसे ब्लैक होल कहा जाता है. क्योंकि यह अपने ऊपर पड़ने वाले सारे प्रकाश को अवशोषित कर लेता है. और उसके बदले में कुछ भी परावर्तित नहीं करता है.

ब्लैक होल के बारे में दुनिया के सामने सबसे पहले अपने विचार professor John Michell ने 1783 में प्रकट किये थे. जो cambridge university में एक अध्यापक थे. उनके बाद 1796 में  France के एक scientist Pierre  simon ने अपनी एक किताब  The system of World में में black hole अपने विचार अच्छी तरह से प्रकट किए वैसे तो michel ने अपनी बातो को  दुनिया के सामने 1783 में रख दिया था.  लेकिन वैज्ञानिक प्रत्यक्षीकरण के साथ दुनिया के सामने आना वाला सबसे पहला black hole Cygnus X1  इस back hole की साफ़ पुष्टि 1972 में की गयी. की यह एक ऐसा पिंड है. इतना तेज गुरुत्वाकर्षण है. कि इसके पास रोशनी भी नहीं जा पाती है. और अंतरिक्ष में उसके आस पास या उसके गुरुत्वीय घेरे में आने वाली हर चीज को ब्लैक होल निगल जाता है. सिर्फ यही नहीं black hole के जितने नजदीक जाते हैं. उतना समय का प्रभाव भी कम होने लगता है. और उसके अंदर समय का तो कोई अस्तित्व ही नहीं है.

ब्लैक होल के बारे में रोचक तथ्य

1.ब्लैक होल के बाहर प्रकाश का जाना नामुनकिन है. क्योंकि ब्लैक होल में अपार घनत्व के कारण और सीमित गुरुत्वाकर्षण बल होता है. और इस इनफिनिट ग्रेविटेशनल फोर्स के कारण ब्लैक होल के बाहर रोशनी भी नहीं जा सकती है.

2. इतने शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण और अपार घनत्व के कारण ब्लैक होल के इवेंट होराइजन में समय का भी प्रभाव कम हो जाता है. और इस स्थिति में जैसे-जैसे ब्लैक होल के केंद्र के नजदीक जाते हैं वैसे-वैसे समय बहुत धीमा हो जाता है. और ब्लैक होल के केंद्र में तो समय का कोई अस्तित्व ही नहीं है.

3.ब्लैक होल में जो कोई भी किसान कितना है. उसकी मौत बहुत अजीबोगरीब ढंग से होती है. अजीबोगरीब यानी यह एक भयानक और वोमन उत्पन्न करने वाला दृश्य होगा. अगर आप ब्लैकहोल की चपेट में आ गए हों तो आपके साथ दो बातें हो सकती हैं. या तो आप तुरंत ही जलकर राख हो जाएंगे या फिर आप बिना किसी नुकसान झेले ब्लैक होल में फंस जाएंगे.

4.इवेंट होराइजन यानी कि ब्लैक होल के गुरुत्वाकर्षण की  सीमा के अंदर जाते ही किसी भी अवकाशीय पिंड को ब्लैक होल का शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण बल खींच लेगा. सिर्फ इतना ही नहीं कोई आदमी अगर इवेंट होराइजन के आस-पास भी जाए तो भी उसका शरीर खिंचाव के कारण लंबा चौड़ा और विकृत तरीके से असाधारण हो जाएगा. और इस परिस्थिति में भी उसकी मौत जरुर हो जाएगी.

5. हमारी पृथ्वी से सबसे नजदीकी ब्लैक होल 1600 प्रकाश वर्ष की दूरी पर है. लेकिन इस ब्लैक होल का हमारी पृथ्वी का सौर मंडल पर कोई प्रभाव नहीं होता है. क्योंकि यह एक बी ग्रेड का ब्लैक होल है. और उसका गुरुत्वीय प्रभाव यहां तक नहीं पहुंचता.

6.हमारी गैलेक्सी मिल्की वे के केंद्र में एक विशालकाय ब्लैक होल है. वह ब्लैक होल हमारे सूर्य मंडल से 30 लाख प्रकाश वर्ष की दूरी पर है. और हमारे सूरत से लगभग 30 लाख गुना बड़ा है. तो आप ही अंदाजा लगाइए की उसका ग्रेविटेशनल फोर्स उसकी सीमाएं और उसका इवेंट होराइजन कहां तक फैला होगा.

7.ब्लैक होल विकिरण बाहर छोड़ते रहते हैं. वैसे तो ब्लैक होल से किसी भी चीज का बचकर जाना बहुत मुश्किल है. लेकिन यह एक ही चीज है. जो ब्लैक होल से बाहर निकल सकती है. वह उसके विकिरण वैज्ञानिकों के अनुसार जैसे जैसे ब्लैक होल अपना विकिरण बाहर छोड़ता रहता है. वैसे वैसे वह आपना द्रव्यमान खो देता है. और इसी एक प्रक्रिया के कारण अंत में ब्लॉक खोल की मौत होगी और इसी एक प्रक्रिया के कारण अंत में ब्लॉक खोल की मौत होगी.

8.ब्लैक होल विनाशकारी नहीं होते हैं. ब्लैक होल सिर्फ अपने गुरुत्वाकर्षण बल के चेहरे में आने वाले चीजों पर ही अपना प्रभाव डालते हैं. गुरुत्वीय लहरी के बाहर की चीजों पर उसका प्रभाव नहीं होता है. कुछ वैज्ञानिकों के अनुसार ब्लैक होल बहुत ज्यादा ऊर्जा पा सकते हैं. लेकिन यह इतना आसान नहीं है. लेकिन वह इतना आसान नहीं है.

9.अगर आप यह सोच रहे हैं. कि दो ब्लैक होल अगर अगर आ जाए तो क्या होगा लेकिन अगर दो ब्लैक होल टकरा जाते हैं. तो वह दोनों अपने अपने गुरुत्वाकर्षण बल से अपनी अपनी ओर खींच आएंगे और जिससे उन दोनों का गुरुत्वाकर्षण बल एक समान हो जाएगा और दोनों मिलकर एक बड़े ब्लैक होल का निर्माण कर देंगे.

10.कई बार ब्लैक होल में शोर भी होता है. जब कोई बड़ा आकाशीय पिंड ब्लैक होल के इवेंट होराइजन में चला जाता है. तो उसके सारे अणु बिखर जाते हैं. और वह प्रकाश की गति से ब्लैक होल के केंद्र की ओर गिरते हैं. जिससे शोर पैदा होता है. लेकिन उसे भी ब्लैक होल बाहर नहीं जाने देता और अपनी ओर खींच लेता है.

11.ब्लैक होल के अंदर कोई भी भौतिक विज्ञान नियम काम नहीं करता है. क्योंकि इतने शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण के बल से वह किसी भी चीज को खत्म कर सकता है. इसलिए वहां पर समय और अंतरिक्ष की चीजों का बिल्कुल भी अस्तित्व नहीं है. किसी भी तरह की वस्तु अगर वहां पर जाती है. तो वह खत्म हो जाती है.

12.जब कोई विशाल तारा अपने अंत की ओर पहुंचता है. तो वह अपने ही भीतर सिमटने लगता है. धीरे धीरे वह भारी भरकम ब्लैक होल बन जाता है. और सब कुछ अपने में समेटने लगता है.

13.ब्लैक होल को उर्जा उसके द्रव्यमान से नहीं मिलती है. बल्कि उनके आकार से मिलती है यह बात बिल्कुल सच है. कि ब्लैक होल का द्रव्यमान बहुत ज्यादा होता है. लेकिन उसके आकार के कारण है. कई बड़े आकाशीय पिंडों को इकट्ठा किया जाए तो उनका घनत्व आपस में सिकुड़कर सिर्फ एक बिंदु समान अवस्था में Compress हो जाता है. इतने छोटे से आकार में इतना सारा घनत्व होने के कारण उसको इतना ज्यादा शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण बल प्राप्त होता है.

14.आइंस्टाइन बताया है. कि किसी भी चीज़ का गुरुत्वाकर्षण स्पेस को उसके आसपास लपेट देता है. और उसे कर्व जैसा आकार दे देता है.

15.ब्लैक होल के बारे में कई रिसर्च किए गए हैं. और ब्लैक होल्स के कई रहस्यों को आज के समय के साइंस ने दुनिया के सामने रखा है हमारे कई वैज्ञानिक लगातार इसका रिसर्च कर रहे हैं. और यह बात सच है कि आने वाले समय में हमें ब्लैक होल्स के बारे में और भी ज्यादा जानकारी प्राप्त होगी और शायद आने वाले समय में हम उसकी ऊर्जा का भी इस्तेमाल कर सकेंगे.

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