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तलाक कैसे ले और तलाक लेने के नियम

तलाक कैसे ले और तलाक लेने के नियम

How to get divorced In Hindi :आज हम आपको इस पोस्ट में एक बहुत ही बढ़िया और महत्वपूर्ण जानकारी बता रहे हैं यह जानकारी संबंधित कुछ बातें हमने पिछली पोस्ट में बताई थी लेकिन उसके अलावा हम आपको इस पोस्ट में कुछ और बातें बताएंगे पिछली पोस्ट में हमने आपको बताया था कि तलाक क्या होता है. और तलाक से बचने के क्या उपाय हैं. तो यदि आप तलाक से नहीं बच पा रहे हैं. और आपको लगता है कि अब तो शायद तलाक लेना ही ठीक है. तो आप तलाक किस तरह से ले सकते हैं.

उसके बारे में आज हम आपको इस पोस्ट में बताएंगे वैसे तो आप सभी जानते हैं. कि भारत में तलाक लेना कोई आसान काम नहीं है. शादी के बंधन को तोड़ना बहुत मुश्किल है. तलाक से संबंधित भारत में बहुत कानून बनाए गए हैं.तलाक लेना एक बहुत ही लंबी प्रक्रिया है.और कितने प्रकार के होते हैं. और तलाक लेने के लिए क्या करना पड़ता है.तो नीचे हम आपको यह सारी जानकारी विस्तार से बता रहे हैं आप इस जानकारी को ध्यान से पढ़े.

तलाक कितने प्रकार के होते हैं

Rules of divorce In Hindi : हमारे देश में तलाक दो तरह से लिया जा सकता है. एक तो आपसी सहमति से और दूसरा तरीका संघर्ष पूर्वक होता है .यानी कि इस तलाक में एक पक्ष  तलाक लेना चाहते हैं. और दूसरे पक्ष  नहीं लेना चाहता है. और अगर हम बात करें इन दोनों तलाक में आसान कौन सा है. तो भारत में आपसी सहमति से तलाक लेने मैं बहुत ही आसानी होती है.अगर दोनों पक्ष सहमत है. तो बहुत ही आसानी से तलाक ले सकते हैं इसके लिए दोनों पक्ष जैसे पति और पत्नी दोनों इस बात के लिए सहमत होने चाहिए. कि हम दोनों अलग हो रहे हैं. और हमें तलाक चाहिए और जब भी तलाक होता है तो उसमें दो चीजें जरूर सामने आती है. गुजारा भत्ता या और बच्चों की देखरेख यह दोनों बातें बहुत ज्यादा देखी जाती है. और आपने किसी भी फिल्म TV सीरियल या किसी दूसरी चीज में देखा भी होगा कि जब कोर्ट में किसी का तलाक होता है. तो सुनवाई के दौरान गुजारे भत्ते और बच्चों की देखरेख की जिम्मेदारी माता पिता में से किसी एक को दी जाती है लेकिन गुजारा भत्ता सिर्फ पति को ही देना पड़ता है.

गुजारा भत्ता

हमारे देश में गुजारे भत्ते की कोई सीमा तय नहीं की गई है और गुजारे भत्ते के लिए दोनों पक्ष पति और पत्नी एक साथ बैठकर फैसला कर सकते हैं कि उनको कितना गुजारा भत्ता चाहिए या उसको कितना गुजारा भत्ता वह पति दे सकता है.लेकिन कोर्ट पति की आर्थिक स्थिति और आए या उसकी कमाई को देखकर गुजारे भत्ते का फैसला करता है. पति की आर्थिक स्थिति यानी उसकी कमाई जितनी भी ज्यादा होगी उतनी ही ज्यादा उतना ही ज्यादा गुजारा भत्ता उसको अपनी पत्नी को देना होगा.फिल्म या TV सीरियल में भी देखा होगा कि जब कोर्ट में केस चलता है तो जिन लोगों का तलाक होता है उसमें पति को अपनी पत्नी के गुजारे के लिए पैसे देने होते हैं और वह कोर्ट तय करता है. कि कितने पैसे पति को हर महीने पत्नी को देने होंगे लेकिन कोर्ट यह भी ध्यान में रखता है कि पति की मासिक आय कितनी है.

बच्चों की जिम्मेदारी

और दूसरी सबसे बड़ी समस्या यह सामने आती है कि जब आप का तलाक हो रहा है और उसमें आपकी कोई एक या दो बच्चे हैं तो उन बच्चों की जिम्मेदारी कौन लेगा और यह एक गंभीर समस्या होती है. लेकिन यदि दोनों पक्ष माता और पिता दोनों उन बच्चों की देखरेख करना चाहते हैं. तो यह उन दोनों की मानसिक सोच के ऊपर निर्भर होता है. इसके लिए उनको कोर्ट के द्वारा जॉइंट कस्टडी दे दी जाती है. शेयर चाइल्ड कस्टडी चाहते हैं. या फिर उन दोनों में से कोई एक इस जिम्मेदारी को लेना चाहता है.

और वैसे अगर देखा जाए तो 7 साल के कम उम्र के बच्चों की देखरेख कोर्ट मां को सौंपता है. और 7 साल से ऊपर की आयु के बच्चों को उनकी देखरेख के लिए पिता के पास भेजा जाता है. लेकिन कई बार दोनों ही पक्ष इस बात के लिए राजी नहीं होते और दोनों ही पक्ष अपने बच्चों को अपने पास रखना चाहते हैं. लेकिन यदि मां को बच्चे की देखरेख की जिम्मेदारी कोर्ट द्वारा दी गई है. और यदि उन बच्चों का बाप यह साबित कर दे कि मां बच्चों की सही देखरेख नहीं कर रही है. तो 7 साल के कम उम्र के बच्चों की देखरेख के लिए भी कोर्ट बच्चों को उसके पिता को सौंप देगा.

आपसी सहमति से तलाक के लिए कैसे फाइल दाखिल करें

जैसे कि मैंने आपको ऊपर बताया है. हमारे देश में आपसी सहमति से तलाक लेना बहुत ही आसान है. सबसे पहले आप के लिए यह जरूरी होता है कि आप अगर तलाक लेना चाहते हैं. तो उससे पहले 1 साल पहले दोनों अलग रहते हो उसके बाद आप केस दायर कर सकते हैं तो इसके लिए फिर आपको कुछ जरूरी चीजें करनी होती है. जैसे

1.सबसे पहले आप दोनों पक्षों को पति और पत्नी को कोर्ट में एक याचिका दायर करनी पड़ती है. जिसमें लिखना होता है हम दोनों आपसी सहमति से तलाक लेना चाहते हैं.

2.फिर उसके बाद दोनों पक्षों के बयान जैसे पति और पत्नी दोनों के बयान कोर्ट में रिकॉर्ड किए जाते हैं. और पेपर पर साइन भी कराए जाते हैं उसके बाद आप का तलाक मान्य होता है.

3.जब आप कोर्ट में याचिका दायर करते हैं तो उसके बाद आपको कोर्ट 6 महीने का समय देती है. कि आप दोनों के पास अभी समय है और आप आपसी सहमति से अपने साथी के साथ रह सकते हैं. और आप सोच समझकर फैसला करें कि आपको दोनों को अलग होना है. और कोर्ट चाहती है. कि वह अपने रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए समय दें ताकि उनका तलाक ना हो

4.फिर कोर्ट के द्वारा दिया गया हुआ समय समाप्त हो जाता है. फिर कोर्ट दोनों पक्षों को बुलाता है. और इस दौरान अंतिम सुनवाई होती है.और फिर भी अगर आप दोनों पक्ष अपनी सहमति से तलाक लेना चाहते हैं तो उसके बाद कोर्ट अंतिम सुनवाई में अपना फैसला सुना देता है.

यह तरीका था दोनों पक्षों की सहमति से तलाक लेने का जिसमें दोनों पक्षों को 6 महीने के अंदर ही तलाक मिल जाता है. तो अब हम आपको नीचे बताएंगे कि यदि संघर्ष की स्थिति में तलाक लिया जाता है तो क्या-क्या करना पड़ता है.

बिना सहमति के तलाक

अगर तलाक लेने के लिए दोनों पक्ष सहमत ना हो तो क्या होता है. यानी कि अगर दोनों पक्ष में से एक पक्ष तलाक लेना चाहता हो और एक पक्ष तलाक नहीं लेना चाहता हो तो उसके लिए एक पक्ष को दूसरे पक्ष से बहस करनी पड़ेगी और यह तलाक भारत में आप तभी लड़ सकते हैं. जब आपके साथी के साथ आपके साथ झगड़ा करता हो आप को प्रताड़ित करता हो या आपका साथी आपको छोड़ देता है. या आपको किसी तरह की शारीरिक या मानसिक तरह से प्रताड़ित किया जाता है. या आपके साथी की मानसिक स्थिति खराब हो या नपुंसक जैसी स्थिति फोन तो यानी कि उसके साथ जिस भी बात के कारण साथ रहना मुश्किल हो जाएगा साथ नहीं रह पाना तो उस स्थिति में आप संघर्ष चला कर सकते हैं.इस केस को लड़ने के लिए सबसे पहले जो पक्ष तलाक चाहता हो उसे कोर्ट में एक याचिका दायर करनी होती है. और साथ में यह सबूत भी दिखाने होते हैं. कि वह सच में तलाक का हकदार है. यानी  उसको अपने साथी के द्वारा प्रताड़ित जाने या उसके साथ मारपीट किए जाने या उसके साथ कुछ दूसरी घटनाएं किए जाने का सबूत है उसको कोर्ट में दिखाना होता है.

किस लड़ के तलाक कैसे लें

1.सबसे पहले आपको यह सुनिश्चित करना होता है कि आप किस आधार पर तलाक लेना चाहते हैं. और उसके बाद आप जिस भी आधार पर तलाक लेना चाहते हैं. उसके लिए सबूत इकट्ठा करने शुरू करें या अगर आपके पास सबूत है तो उसको अपने पास रखें.

2.और संघर्ष तलाक में सबसे महत्वपूर्ण चीज आपके लिए यही है. कि आप अपने साथी के खिलाफ कड़े से कड़े सबूत जुटाए और इकट्ठा करके कोर्ट को दिखाएं ताकि आपका पक्ष मजबूत हो.

3.जब आप कोर्ट में याचिका दायर करते हैं तो उसके साथी आपको अपने सभी सबूत सबूत भी कोर्ट में दायर करने चाहिए. आप की याचिका दायर होने के बाद कोर्ट आपके दूसरे पक्ष के खिलाफ नोटिस भेजेगी और इसके बाद यदि दूसरा पक्ष कोर्ट में नहीं पहुंचता है. तो यह मामला एक पक्ष का हो जाता है. और तलाक एक पक्ष द्वारा दायर किए गए सबूतों के आधार पर दे दिया जाता है.

4.यदि कोर्ट द्वारा भेजे गए नोटिस को आप पढ़कर कोर्ट में अपनी सुनवाई के समय नहीं पहुंचते हैं. तो चाहे आप का पक्ष मजबूत हो और आपके साथी का पक्ष बिल्कुल कमजोर हो और आपके पास आपके साथी से ज्यादा सबूत हो तो भी आप को तलाक दे दिया जाता है और अगर आप कोर्ट नहीं पहुंचते हैं तो आप को तलाक दे दिया जाता है. चाहे आपका पक्ष कितना भी मजबूत हो.

5.और यदि आप कोर्ट के भेजे गए नोटिस के बाद आप कोर्ट में हाजिर हो जाते हैं. तो यह मामला दोनों पक्षों का हो जाता है. और उस दौरान कोर्ट में दोनों पक्षों की बातें सुनी जाती है. और कोर्ट इस मामले को समझाने की कोशिश करेगा.

6.अगर दोनों पक्षों की सहमति नहीं हो पाती है. तो किस करने वाला पक्षी लिखित में दूसरे के खिलाफ याचिका दायर करेगा और जो आप लिखित बयान देते हैं. वह 30 से 90 दिन के अंदर देना होता है.

7. यदि एक बार आप के बयान का काम पूरा हो जाता है तो उसके बाद कोर्ट आगे फैसला कोर्ट को क्या करना है. फिर उसके बाद कोर्ट दोनों पक्षों द्वारा पेश किए गए सबूतों गवाहों और बयानों को दोबारा से पढ़ती है.सारे सबूतों को दोबारा से देखने और जानने के बाद कोर्ट अपना फैसला सुनाती है.

लेकिन संघर्ष तलाक मैं आपको 1 साल 2 साल या कई बार 5 या 6 साल भी लग जाते हैं. इसलिए अगर आप तलाक लेना चाहते हैं. तो दोनों पक्षों की सहमति के बाद ही तलाक लेने के लिए याचिका दायर करें ताकि आपको 6 या 7 महीने में ही तलाक मिल जाए. अगर आप तलाक लेना चाहते हैं और आपके साथ ही तलाक नहीं लेना चाहते हैं तो इस स्थिति में आपको तलाक लेने में बहुत समय लग सकता है. कानून ने भी इसमें कुछ कमियां महसूस की है. जिसके लिए एक बिल अभी भी संसद में लंबित है.और यदि यह बिल संसद द्वारा पास कर दिया जाता है.  तो उसके बाद आप बिना किसी आधार के भी तलाक ले सकते हैं इस तरह से उन लोगों को फायदा होगा जो कानूनी तौर पर अपने रिश्ते को खत्म नहीं कर पा रहे हैं.

तो यदि आप भी तलाक लेना चाहते हैं.और उसके लिए आप ने याचिका दायर की है वह आपको कई बहुत समय से तलाक नहीं मिल रहा है तो आप हमारे द्वारा बताई गई जानकारी को अच्छी तरह से पढ़ कर और इस में बताए गए तरीकों के आधार पर तलाक ले सकते हैं. इससे आपको तलाक लेने में आसानी होगी तो अब आपको पता चल गया होगा कि तलाक कितने प्रकार का होता है. और तलाक का केस किस तरह से लड़ा जाता है.

आज हमने आपको इस पोस्ट में एक बहुत ही बढ़िया और महत्वपूर्ण जानकारी बताई है. हमने आपको इस पोस्ट में तलाक कैसे ले और तलाक लेने के नियम तलाक लेने के नियम 2018 तलाक के नये नियम 2018  तलाक के कागजात  तलाक कैसे ले  तलाक का मुआवजा  तलाक की जानकारी  तलाक के कानून  तलाक लेने के आधार  तलाक के आधार  तलाक लेने के नियम तलाक केस किस तरह से लड़ा जाता है. और तलाक का केस कितने प्रकार का होता है. और तलाक लेने के लिए क्या-क्या करना पड़ता है. तो यह सब बातें हमने आपको इस पोस्ट में आज विस्तार से बताई है. तो यह भी हमारे द्वारा बताई कि यह जानकारी आपको पसंद आए तो शेयर करना ना भूलें और यदि आपका इसके बारे में कोई सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके हमसे पूछ सकते हैं.

12 Comments
  1. Dinesh says

    Agar sirp sabut ho gwah, bayan wala na ho to

  2. Omparkash says

    मेरी पत्नी ओर मेरे ससुराल वाले हमेशा मुझ पर ओर मेरे परिवार वालों पर झूठे आरोप लगाते हैं हमें झुठे प्रताड़ित करते हैं मेरे पूरे परिवार पर झूठा मुकदमा दर्ज करवाया गया है कया में तलाक ले सकता हूं

    1. Madan Verma says

      हा आप तालक ले सकते है

  3. vikas gupta says

    सर मेरा तलाक 9 -2 -2018 को फॅमिली कोर्ट से एकतरफा फैसला मेरी पत्नी के पक्ष में आया है और उसने मेरे छोटे भाई से शादी कर ली है जो की वह हमारे साथ पहले से रहता था साथ ही 90 दिनों की अपील की समय सीमा भी ख़त्म हो चुकी है मेरे को उस तलाक के केश के सम्मान मेरे घरवालों के पते पर भेजे गए और मुझे जानकारी नहीं मिली
    कृपया सलाह दे मई आगे क्या करू

  4. Sonu kumar mahawar says

    मेरा नाम सोनू कुमार महावर है तथा मै अपनी पत्नी को तलाक देना चाहता हूं यह एक संघर्ष तलाक होगा मेरे माँ बाप भी मेरी पत्नी के साथ में है लेकिन मै उससे तलाक चाहता हूं मेरी पत्नी की उम्र पैत्तीस साल के पास है जबकि मेरी उम्र अभी भी बीस साल है मेरी शादी उन्नीस साल की उम्र में ही कर दी गई थी मेरी पत्नी ने मेरे साथ दो चार बार जबरदस्ती सेक्स रिलेशन बनाए जबकि मै इसके लिए कतई तैयार नहीं था आज वो एक महीने गर्भ से है लडकी के माँ बाप मुझे धमकी भी देते है कि तेरे को जान से मरवा देगे आदि मुझे मेरी पत्नी से तलाक लेना है मै क्या करू मै इस लडाई में अकेला हो गया हूं अगर मुझे न्याय नही मिला तो मै यह दूनिया ही छोड दूगा मै गरीब परिवार से हूं

  5. Sonu kumar mahawar says

    Pleaseमेरे सवालों का जवाब देना कि मै क्या करू ससुराल वालों की ज्यादातिया बढ गयी है

  6. अनूप यादव says

    मेरी पत्नी बहुत लड़ाई करती है,एक बच्चा भी है6 महीने का,तलाक़ कैसे लें।।जबकि मेरे पास कोई सबूत भी नही

  7. पंकज सोनी says

    2014 से तीन अलग अलग 498क 125 एवम घरेलू हिंसा चल रहा है 125 वाले में लड़की द्वारा ससुराल आने से इनकार कर दिया गया क्या तलाक मिल सकता है

  8. अशोक कुमार गुप्ता says

    मेरा पति पहले से ही दिमागी हालात खराब है ईसा लिए मैं तालाब लेना चाहती हूँ मेरे एक बच्चे है (दोस्त हैं)

  9. Deepti says

    agr sadi ko 8 sal ho gye or husbañd mently torcher kerta ho or uneducated ho ldki educated ho kam na kerta ho sakki ho do bache ho n khud kam kerta ho or n ldki ko kerne de ese m divors kese le

  10. Sonia Chetri says

    Mere hubby mujhe time nahi dete hai na he mujse baat karte hai bas har waqt mere insult karte rahte hai aur dusro k saamne mujhe neecha dekhate hai maine unka ghar chod diya hai par ab vo mere he ghar m rah rahe hai par unke aadat m koi change nahi hai na vo yeha se ja rahe hai na he mere saath acche se rah rahe hai
    Pls mujhe batae mai kya karu kaise divorce lu aur vo mujhe divorce dene k liye mana karte hai mai kaise divorce lu unse

  11. पंकज कुमार सिंह says

    सर,मेरी पत्नी का संबंध शादी से पहले किसी दूसरे पुरुष से था शादी के बाद उसी पुरुष के साथ मेरे घर मे संबंध बनाते ही पकडी गई एफआईआर हुआ कई माह तक दोनों जेल मे रहे ।तलाक मेरे तरफ से डाला गया हैं जिसमें दोनों को प्रतिवादी बनाया गया हैं मामला इस पर रूका हैं कि क्या पुरुष को इसमे प्रतिवादी बनाया जा सकता हैं

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