क्या किराए की प्रॉपर्टी पर किराएदार मालिक बन सकता है

क्या किराए की प्रॉपर्टी पर किराएदार मालिक बन सकता है

आज हम आपको इस पोस्ट में बहुत बहुत ही बढ़िया और महत्वपूर्ण जानकारी बताएंगे यह जानकारी हम सभी के लिए जानना बहुत ही जरूरी है और खासकर यह जानकारी लोगों के लिए जानना बहुत ही जरूरी है जो लोग अपना मकान किसी दूसरे आदमी को किराए पर देते हैं जैसा कि हम सभी जानते हैं कई बार हमारे पास दो या तीन मकान होते हैं और उसको हम किराए पर देते हैं ताकि हमें कुछ पैसे मिल जाए लेकिन कई बार यह लेकिन कई बार मकान को किराए पर देना मकान मालिक को महंगा पड़ जाता है

क्योंकि कई बार मकान मालिक के ऊपर किराएदार केस कर देता है जिससे मकान मालिक को अपना मकान गवाना पड़ता है तो इसी के बारे में आज इस पोस्ट में हम आपको पूरी जानकारी देंगे कि क्या कोई किराएदार किसी दुकान मकान या किसी दूसरी प्रॉपर्टी पर यदि लंबे समय तक रह रहा है तो क्या वह उसका मालिक बन सकता है क्या हमारे कानून में ऐसा कोई नियम है जिससे कि किराएदार किराए की प्रॉपर्टी का मालिक बन जाए

क्या कोई किराएदार मकान का मालिक बन सकता है

सबसे पहले हम आपको बता देते हैं कि यदि कोई आदमी किसी लंबे समय से किसी की प्रॉपर्टी के ऊपर किराए पर रह रहा है चाहे वह दुकान, मकान या कोई भी दूसरी कोई प्रॉपर्टी हो तो वह उसका मालिक नहीं बन सकता है हमारे संविधान में ऐसा कोई भी नियम नहीं है जिससे कि कोई आदमी किसी किराए की प्रॉपर्टी का मालिक बन सके चाहे वह कितनी भी लंबे समय से किराए रह रहा हो 20 साल 50 साल से ज्यादा भी अगर कोई आदमी किसी की प्रॉपर्टी के ऊपर किराए पर रह रहा हो तो भी वह मालिक नहीं बन सकता है.जब तक की वह प्रॉपर्टी को खरीद ना ले तब तक वह किराएदार ही रहेगा. वह प्रॉपर्टी किराए की ही रहेगी और उसका मालिक वही होगा जो पहले था.

और ऐसे बहुत से केस  कोर्ट में आए हैं जिसमें कोर्ट ने यह साफ किया है कि चाहे कोई भी किराएदार कितने भी लंबे समय से किसी प्रॉपर्टी के ऊपर किराए पर रह रहा हो वह उसका मालिक नहीं बन सकता है. वह प्रॉपर्टी किराए की ही रहेगी  वह हमेशा उस प्रॉपर्टी के ऊपर किराएदार ही रहेगा.

लेकिन कोर्ट में ऐसे भी बहुत से केस आए हैं जिन में किराएदार ने प्रॉपर्टी के ऊपर अपना मालिकाना हक लेने के लिए केस किया हो और किराएदार उसके केस को जीत भी जाता है. और वह प्रॉपर्टी किराएदार की हो जाती है.ऐसे केसों के बारे में आपने भी बहुत बार सुना होगा लेकिन सच क्या होता है हम आपको बताते हैं .

क्या किराए की प्रॉपर्टी पर किराएदार मालिक बन सकता है

जैसा की हमने आपको ऊपर बताया है कि कई केसों में ऐसा होता है कि किराएदार किराए की प्रॉपर्टी पर अपना मालिकाना हक लेने के लिए किस कर देता है और कई बार वह केस जीत जाता है और प्रॉपर्टी अपने नाम कर लेता है लेकिन उनके सोने ऐसा नहीं होता है कि किराएदार को उसका कब्जा दिया जाता है.

बल्कि उन केस में मकान मालिक की गलती होती है जिसके कारण उसको अपना मकान गवाना पड़ता है मकान मालिक अगर निम्नलिखित गलतियां कर देता है तो उसको अपना मकान गवाना पड़ सकता है. जैसे

  1. कई बार मकान मालिक के पास मकान के पूरे कागज नहीं होते हैं जिसके कारण मकान मालिक को मकान गवाना पड़ सकता है
  2. कई बार मकान मालिक के पास नकली कागज होते हैं
  3. कई बार मकान मालिक अपने मकान के ऊपर कोई ध्यान नहीं देता है या मकान मालिक खुद कहीं दूसरी जगह में रहता हो. और  स्थिति का फायदा उठाकर किराएदार मकान मालिक से मकान हड़प लेता है

बचने के उपाय

अगर आप मकान को किराए पर देते हैं और आप को डर है कि किराएदार आपका मकान ना हड़प ले तो इसके लिए आपको क्या करना चाहिए ताकि किराएदार मकान के ऊपर अपना मालिकाना हक जताने के लिए केस ना कर सके.इस तरह की स्थिति को से बचने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा जैसे

  1. सबसे पहले आपको एक बात जरूर याद रखनी होगी यदि आप की प्रॉपर्टी के कागजात पूरे नहीं है. तो आप को उस प्रॉपर्टी को कभी किराए पर नहीं देना चाहिए क्योंकि अगर आप ऐसी स्थिति में किसी किराएदार को मकान किराए पर दे देते हैं. और किराएदार उस पर केस कर देता है तो उस स्थिति में वह प्रॉपर्टी उसी की होगी जिसका उस पर कब्ज़ा होगा तो यदि आपके पास आपकी प्रॉपर्टी के पूरे कागज नहीं है तो आप भूल कर भी कभी अपना मकान या प्रॉपर्टी किराए पर ना दें.
  2. यदि आप अपना मकान किराए पर देते हैं तो सबसे पहले आपको अपना वैलिड रेंट एफिडेविट बनवा लेना चाहिए. और उसको रजिस्टर करवा लेना चाहिए.
  3. और यदि आपको लगता है कि आपको आगे जाकर किसी प्रकार की दिक्कत हो सकती है तो आपको सभी ट्रम ऑफ कंडीशन  अपने एग्रीमेंट में लिखा देनी चाहिए जैसे कि किराया कब बढ़ाया जाएगा, कितना बढ़ाया जाएगा,किराया कब लिया जाएगा यह सभी चीजें आपको अपने एग्रीमेंट में साफ-साफ लिखा देनी चाहिए
  4. यदि आपके रेंट एग्रीमेंट की वैलिडिटी खत्म हो जाती है तो आपको उसको तुरंत ही रिनिवल करा देना चाहिए और जो भी टर्म ऑफ कंडीशन उसके अंदर लिखी गई है उनको दोबारा लिखवाना चाहिए.
  5. आपको अपने मकान की देखभाल करते रहना चाहिए उसको किराएदार के भरोसे पर नहीं छोड़ना चाहिए और जब भी आपको लगता है कि किराएदार से मकान खाली करा लेना चाहिए.तो आपको तुरंत अपना मकान खाली करवा लेना चाहिए

मकान खाली कराने के उपाय

वे कौन कौन से कारण है जिससे मकान मालिक अपना मकान खाली करवा सकता है

  1. यदि किरायेदार ने 4 से 6 महीने तक का किराया ना दिया हो
  2. किराएदार ने जानबूझकर मकान को कोई नुकसान पहुंचाया हो या तोड़फोड़ की हो
  3. बिना मकान मालिक की इजाजत के किराएदार ने मकान में कोई नया निर्माण कार्य शुरू कर दिया हो
  4. यदि किरायेदार ने मकान का कोई भाग या मकान की कोई चीज किसी दूसरे आदमी को दे दी हो या बेच दी हो
  5. यदि किरायेदार ने मकान मालिक से लड़ाई की हो या उसको बोला हो कि आप मकान मालिक नहीं हो आप मकान में कुछ नहीं मांगते
  6. यदि किराएदार मकान का इस्तेमाल किसी गलत काम के लिए कर रहा हो
  7. या मकान को किसी एंप्लॉयमेंट के लिए किराए पर दिया हो और वह अप्लाई मेंट खत्म हो चुका हो
  8. किराएदार को कोई और मकान मिल गया हो
  9. या मकान मालिक अपने मकान में कुछ और निर्माण कार्य शुरू करना चाहता हो

तो यदि इनमें से आपके पास कोई भी रीजन है तो आप अपने मकान को किराएदार से खाली करवा सकते हैं

मकान खाली कैसे करवाएं

यदि आपने यदि आप अपने मकान को खाली करवाना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको एक वैलिड कारण होना चाहिए कि आप किस वजह से अपने मकान को खाली करवाना चाहते हैं; और फिर उसके बाद आपको किराएदार को एक नोटिस देना होता है. कि आप अपने मकान या दुकान को 1 महीने के अंदर खाली कर दीजिए या इससे कुछ ज्यादा समय भी आप उसको दे सकते हैं. लेकिन यदि आप की प्रॉपर्टी को खाली नहीं करता है तो आप पुलिस की मदद नहीं ले सकते हैं क्योंकि यह पुलिस के अंडर में नहीं आता है उसके पास आपको सिविल कोर्ट में केस करना होगा जब आप सिविल कोर्ट में केस करते हैं तो वहां पर आपके दिए गए एविडेंस के आधार पर कोर्ट अपना फैसला सुनाती है और फिर आप उसके बाद अपना मकान खाली करवा सकते हैं.

तो अब आपको पता चल गया होगा कि यदि कोई किराएदार बहुत लंबे समय से किसी मकान या दुकान को किराए पर रह रहा है तो आप उस को किस तरह छुड़वा सकते हैं किस तरह से आप अपने मकान या दुकान को खाली करवा सकते हैं और क्या कोई किराएदार किसी प्रॉपर्टी पर अपना मालिकाना हक जता सकता है किरायेदार के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के फैसले नया किरायेदारी कानून दुकान मालिक के अधिकार मकान खाली कराने के उपाय किरायेदार कानून 2018 पुराने किराए के कानूनी नियम किरायेदार के अधिकार किरायेदार कानून 2016 से संबंधित जानकारी दी है. यदि आपको यह जानकारी पसंद आए तो शेयर करना ना भूलें और यदि आपका इसके बारे में कोई सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते.

4 Comments
  1. Aafaq khan says

    Mere dadaji ne 1953 mai 2 dukane kharidi thi bhari hui jisme jb bhi whi kirayedaar the jo ab h aur woh kiraya bhi bhot kam dete h mere papa bhi nhi rhe aur mai unki ek lauti santaan hu meri shadi ho chuki h aur mere paas in dukano ke Alawa kuch nhi h kirayedaar ko khali Karne ko bolta hu woh kehta h 70 % dukan ke pese mujhe do jb khali karunga …mujhe btaiye mai kya karu jisse meri dukane khali ho jae plz…🙏

    1. hindigyanbook says

      Agar aapke pass Original Kagjaat hai to Aap Case karke Apni dukan vapis le sakte hai

  2. Aafaq khan says

    Original papers SB h mere paas…

    1. hindigyanbook says

      Then Aap court case kar sakte hai .

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