एफिडेविट क्या है यह कितने प्रकार का होता है

एफिडेविट क्या है यह कितने प्रकार का होता है

Affidavit in hindi :- आज हम आपको इस पोस्ट में बहुत ही बढ़िया बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी बताएंगे. यह जानकारी हम सभी के लिए जानना बहुत ही जरूरी है. आज हम आपको इस पोस्ट में एफिडेविट के बारे में बताएंगे. जैसा कि हम सभी जानते हैं हमारे जीवन में कभी ना कभी कहीं ना कहीं पर एफिडेविट की जरूरत पड़ती है. और आप सभी एफिडेविट का नाम सुना होगा. या आपने भी कई बार एफिडेविट बनवा भी होगा.

आप सभी में से बहुत से लोग हैं यह तो जरूर पता होगा कि एफिडेविट क्या होता है लेकिन शायद आपको एफिडेविट के बारे में पूरी जानकारी नहीं होगी. क्या आप जानते हैं कि एफिडेविट कितने प्रकार का होता है एफिडेविट कैसे बनाया जाता है और एफिडेविट कहां पर बनाया जाता है और गलत एफिडेविट देने पर आपको क्या सजा हो सकती है. तो इस तरह की पूरी जानकारी आज हम आपको इस पोस्ट में विस्तार से बताएंगे. ताकि यदि आप को भी कभी एफिडेविट बनवाने की जरूरत पड़ती है तो आप आसानी से बना सके हैं. और आपको किस काम के लिए एफिडेविट बनवाना चाहिए इसके बारे में पूरी जानकारी हम आपको अच्छे से बताएंगे तो आप हमारी पोस्ट को पूरा पढ़ें तो देखिए.

शपथ पत्र  ( एफिडेविट )क्या है

शपथ पत्र क्या है :- सबसे पहले हम जानते हैं एफिडेविट क्या होता है यानी एफिडेविट किसे कहते हैं. यदि कोई आदमी किसी काम को करने के लिए या उसको ना करने के लिए अपनी खुद की मर्जी से लिखित रूप में घोषणा करता है. तो उसको शपथ पत्र, एफिडेविट या हलफनामा कहते हैं. लेकिन यह घोषणा किसी ऐसे आदमी के सामने की जाती है. जो कानून के अंतर्गत हो जैसे और कमिश्नर या नाॅटरी सबसे पहले शपथकर्ता को नाॅटरी के पास जाना होता है. और उसको अपना बयान देना होता है.और नाॅटरी आपका पूरा बयान शपथ पत्र के अंदर लिखेगा और वह बिल्कुल सच होगा और फिर उसके बाद आप को उसके ऊपर साइन करने होते हैं और फिर उसके बाद नाॅटरी आपके शपथ पत्र को अटेस्टेड करेगा और उसके बाद आप का शपथ पत्र मान्य होगा.

एफिडेविट कितने प्रकार के होते हैं

एफिडेविट तीन प्रकार के होते हैं.

1. सबसे पहला एफिडेविट वह होता है जब हम किसी सरकारी या गैर सरकारी ऑफिस में शपथ के रूप में देते हैं सरकारी या गैर सरकारी ऑफिस में देने वाले एफिडेविट शादी, जन्म, राशन कार्ड आदि बनवाने से संबंधित होते हैं.इस ऐफिडेविट का इस्तेमाल कोर्ट में भी हो सकता है और अर्द्धन्यायिक संस्था में भी कर सकते है. लेकिन इस एफिडेविट आप का बयान बिल्कुल सच होना चाहिए नहीं तो आप का शपथ पत्र रद्द भी किया जा सकता है.

2.दूसरा एफिडेविट वह होता है जो हम कोर्ट में देते हैं यह एफिडेविट दो तरह का होता है इसमें कोर्ट के नियमों के अनुसार शपथकर्ता को अपने बोलने वाली बात लिख करके देनी होती है. पहला एफिडेविट कोर्ट में गवाही के रूप में दिया जाता है. यह ज्यादातर चेक बाउंसिंग के केस में या सिविल केस के रूप में दिया जाता है यह साधारण एफिडेविट कि जैसे ही होता है लेकिन इसके ऊपर कोर्ट का नाम लिखा हुआ होता है इसको नये केस या एप्लीकेशन के साथ कोर्ट में दिया जाता है. और दूसरा एफिडेविट वह होता है. जो कोर्ट में गवाही के लिए दिया जाता है. और इसमें शपथकर्ता अपने कोर्ट में गवाही की बातें लिखता है. यह एफिडेविट सभी कोर्ट में चलता है.

3.यह एफिडेविट हलफनामे के रूप में सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट में दिया जाता है. इस एफिडेविट में शपथकर्ता अपने कहे जाने वाली बात को लिख कर के सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट में देता है.

एफिडेविट का उद्देश्य

एफिडेविट का साधारण सा मतलब यह होता है कि कोई आदमी अपनी बात को शब्दों में लिखकर के किसी सरकारी या गैर सरकारी अधिकारी या कोर्ट के सामने लिखित रूप में यह कहता है. शपथकर्ता जो भी कह रहा है. वह अपनी खुद की मर्जी से कह रहा है वह बिल्कुल सच है और उसके ऊपर उसके लिए कार्रवाई की जानी चाहिए.और The ohths Act. 1969 के  के तहत जो भी बातें एफिडेविट में लिखी गई है. वह बातें पूरी तरह से सच होती है.एफिडेविट का इस्तेमाल कोर्ट में भी किया जा सकता है और दूसरी अथॉरिटी जैसे MCD या DDA के सामने भी किया जा सकता है.

एफिडेविट की भाषा

यदि आप एफिडेविट बनवाना चाहते हैं तो उसके लिए आप हिंदी. इंग्लिश या अपने राज्य की किसी लोकल भाषा में एफिडेविट बनवा सकते हैं. लेकिन यदि आप सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट में एफिडेविट देना चाहते हैं. तो उसके लिए आपको इंग्लिश में ही देना होता है. लेकिन आप हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट से परमिशन लेकर वहां पर वह भी अपने राज्य की लोकल भाषा में एफिडेविट दे सकते हैं लेकिन उसके लिए पहले आप को सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट से इजाजत लेनी होगी.

एफिडेविट कैसे बनवाएं

यदि आप एफिडेविट बनवाना चाहते हैं तो उसके लिए आपको सबसे पहले पांच पॉइंट को फॉलो करना होगा.

1.सबसे पहले आपको ऊपर हेडिंग लिखनी होती है और यदि आप एजुकेशन गैप के लिए एफिडेविट बनवाना चाहते हैं. तो उसके लिए सबसे पहले आपको उसके ऊपर लिखना होगा एफिडेविट फॉर एजुकेशन गैप या आप उसके ऊपर सीधा एजुकेशन एफिडेविट भी लिख सकते हैं. जब आप 12वीं क्लास पास कर लेते हैं और यदि आप 1 साल कहीं पर दाखिला नहीं लेते हैं. और उसके बाद आप कहीं पर दाखिला लेते हैं या ग्रेजुएशन के लिए दाखिला लेते हैं तो आपको एजुकेशन गैप एफिडेविट दिखाना पड़ता है. जो कि आप नॉटरी से बनवा सकते हैं.

2. उसके बाद आपको उस एफिडेविट में अपना नाम पता और अपनी आयु लिखनी होती है.

3.फिर आपको उस एफिडेविट के अंदर एफिडेविट बनवाने का उद्देश्य लिखना होता है. यानी आप एफिडेविट क्यों बनवाना चाहते हैं. या क्यों बनवा रहे हैं मान लीजिए यदि आप एजुकेशन गैप के लिए एफिडेविट बनवाना चाहते हैं तो उसके लिए आपको उसके अंदर लिखना होगा किसी कारणवश मैं पिछले 2 साल में या 3 साल में अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख सका और इस दौरान मैंने पूरा समय अपने घर पर रहकर ही बिताया है यह सारी बातें आपको उस एफिडेविट के अंदर लिखवाने होगी.

4.फिर आप को शपथ लिखनी होती है यानी आपको उसके अंदर लिखना होगा कि ऊपर बताई गई सारी बातें बिल्कुल सच है. और सच के अलावा इसमें कुछ भी नहीं लिखा गया है. और फिर आपको उसके नीचे अपने हस्ताक्षर करने होते हैं.

5.फिर आपको आख़िर में अपने एफिडेविट को रजिस्टर करवाना होता है उसके लिए आप ओथ अधिकारी या नोटरी के पास जाकर एफिडेविट को अटेस्टेड करवा सकते हैं.

कोर्ट का एफिडेविट कैसे बनावाते हैं

यह एफिडेविट भी साधारण एफिडेविट की तरह ही होता है. इसमें कुछ ज्यादा खास नहीं होता है. बस इसमें उस कोर्ट का नाम लिखा होता है. जिस कोर्ट में एफिडेविट को देना होता है. और इस एफिडेविट में आप वही बातें लिखेंगे जो आपको कोर्ट के अंदर बोलनी है. जो कि किसी केस के अंदर गवाही या किसी दूसरी विषय पर कही जाने वाली बातें होती हैं.

कोर्ट एफिडेविट को अटेस्टेड कहां करवाएं

वैसे तो किसी भी प्रकार का एफिडेविट दो तरह से अटेस्टेड करवाया जा सकता है ओथ अधिकारी से और नॉटरी से लेकिन जो एफिडेविट कोर्ट में दिए जाते हैं वह सिर्फ ओथ अधिकारी से ही अटेस्टेड करवाया जा सकते हैं इसके अलावा जो एफिडेविट किसी सरकारी या गैर सरकारी ऑफिस में दिए जाते हैं वह आप सिर्फ नॉटरी से ही अटेस्टेड करवा सकते हैं.

स्टाम्प पेपर और फीस

कोर्ट में दिए जाने वाले किसी भी प्रकार के एफिडेविट के लिए आपको किसी भी तरह की फीस नहीं देनी होती है. और ना ही किसी भी तरह की और फीस देनी होती है और किसको सिर्फ ओथ अधिकारी से ही अटेस्टेड करवाना होता है ओथ अधिकारी को ही अटेस्टेड करवाने के पैसे देने होते हैं.लेकिन इसके अलावा और जितने भी एफिडेविट होते हैं उनके लिए आपको सिर्फ एक स्टाम्प पेपर लेना होता है और उसी की फीस आपको देनी होती है. लगभग आपको स्टांप पेपर ₹10 में मिल जाता है.

लेकिन हर राज्य में स्टाम्प का एक Act. होता है और उन के आधार पर हर राज्य में स्टाम्प की कीमत अलग-अलग हो सकती है. लेकिन यह लगभग सभी जगह पर सामान्य ही मिलती है.

झूठा एफिडेविट देने पर क्या सजा होती है

यदि कोर्ट की कार्रवाई के अंदर कोई इंसान झूठा एफिडेविट पेश करता है. तो कोर्ट उस इंसान के खिलाफ कोर्ट में झूठा एफिडेविट पेश करने के मामले में उसके ऊपर मुकदमा चलाने का आदेश देती है. और यदि कोई आदमी अदालत में झूठा एफिडेविट पेश करने के मामले में दोषी पाया जाता है. तो उस इंसान को ज्यादा से ज्यादा 7 साल तक की सजा हो सकती है. और अगर किसी सरकारी या गैर सरकारी ऑफिस में झूठा सबूत पेश करने के मामले में दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की सजा हो सकती है. और यदि कोई व्यक्ति किसी और के एफिडेविट पर हस्ताक्षर कर देता है और उसका इस्तेमाल गलत जगह पर किया जाता है तो ऐसा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ पहचान बदलकर दोखा देने का मुकदमा चलता है जिसमें उस व्यक्ति को 3 साल तक की सजा हो सकती हैं.

तो आज हमने आपको इस  पोस्ट में हमने आपको एफिडेविट क्या होता है, एफिडेविट कितने प्रकार के होते हैं, और एफिडेविट कैसे बनाया जाता है, एफिडेविट का मतलब एफिडेविट क्या है एफिडेविट कैसे बनता है एफिडेविट मीनिंग इन हिंदी शपथ पत्र कैसे लिखे शपथपत्र affidavit in hindi शपथ पत्र क्या है इस तरह के कुछ महत्वपूर्ण जानकारी बताई तो यदि आपको यह जानकारी पसंद आए तो शेयर करना ना भूलें और यदि आपका इसके बारे में कोई सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं.

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